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तूफान के अलर्ट में मौसम विभाग ये भी बताए कि लोगों को एहतियातन क्या कदम उठाने चाहिए: पीएमओ

3 वर्ष पहले
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नई दिल्ली.  उत्तर भारत समेत देश के कई राज्यों में पिछले करीब 20 दिनों से तूफान का खतरा बना हुआ है। पिछले दिनों खराब मौसम के हुए हादसों में 200 से ज्यादा लोगों की मौत पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी चिंतित हैं। आंधी-तूफान के अलर्ट को लेकर प्रधानमंत्री कार्यालय ने कहा कि मौसम विभाग सिर्फ चेतावनी जारी करने की बजाय लोगों को बताए कि ऐसी स्थिति में उन्हें एहतियातन कौन से कदम उठाने चाहिए। बता दें कि पश्चिमी विक्षोभ (वेस्टर्न डिस्टर्बेंस) के असर से खासतौर पर उत्तरी राज्यों में आंधी-तूफान आ रहा है।

 

मौसम से जुड़े अलर्ट ज्यादा स्पष्ट हों: पीएमओ 

- न्यूज एजेंसी के मुताबिक, देश में आंधी-तूफान के हालात को लेकर सोमवार को भू विज्ञान मंत्रालय और मौसम विभाग के अधिकारियों ने पीएमओ को इसकी जानकारी दी।
- एक आला अधिकारी ने बताया कि पीएमओ की ओर से कहा गया है कि मौसम विभाग तूफान और बारिश का अलर्ट जारी करते वक्त लोगों को बताएं कि उन्हें क्या सावधानियां बरतनी चाहिए। पीएमओ और आपदा प्रबंधन विभाग चाहता है कि मौसम को लेकर जारी अलर्ट ज्यादा स्पष्ट होने चाहिए।

- पीएमओ के सचिव एम राजीवन के मुताबिक, पिछले दिनों खराब मौसम के चलते हादसों में 200 से ज्यादा मौतों होने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चिंता जाहिर की है।

 

करीब 20 दिनों में कई बार मौसम बदला

- देश के कई हिस्सों में पश्चिमी विक्षोभ (वेस्टर्न डिस्टर्बेंस) के असर से मई की शुरुआत से ही मौसम कई बार खराब हो चुका है।

- 3 मई को उत्तर प्रदेश और राजस्थान में आंधी-तूफान के चलते 120 से ज्यादा लोगों की मौत हुई। इस दौरान राजस्थान में धूल का बवंडर उठा था। 

- 13 और 14 मई को उत्तर भारत में फिर तूफान आया। इससे हुए हादसों में 86 लोगों की जान गई। इस दौरान 136 लोग घायल भी हुए। 50 से ज्यादा मौतें उत्तर प्रदेश में हुई थीं। बिहार में भी कई लोगों की जान गई। गृह मंत्रालय ने तूफान और बिजली गिरने से भारी नुकसान की बात कही थी।

- इसके बाद 19 मई को उत्तर भारत के कुछ इलाकों में फिर आंधी चली। यूपी के फिरोजाबाद में तीन लोगों की जान गई।

 

क्यों फेल हुईं थी मौसम विभाग की चेतावनी?

- 3 मई को राजस्थान में आंधी-तूफान के अलर्ट से 12 घंटे पहले ही मौसम विभाग को इसरो के कल्पना 1 और इनसेट 3डी सेटेलाइट से मौसम की सटीक जानकारी मिली थी। पर विभाग खराब राडार का बहाना बनाकर बैठा रहा और जानकारी प्रशासन, आपदा प्रबंधन विभाग को नहीं दी गई। यहां विभाग का मोबाइल अलर्ट मैसेजिंग सिस्टम जनवरी 2017 से ठप है।

- 13 मई को दिल्ली में आंधी को लेकर मौसम विभाग ने चेतावनी जारी की थी कि तेज हवा के साथ बारिश हो सकती है। अनुमान 50 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से हवा चलने का था। यह भी कहा था कि घबराने की जरूरत नहीं है। लेकिन राजधानी में शाम को 109 किमी प्रतिघंटे की रफ्तार से आंधी-तूफान ने दस्तक दी। 

- तूफान के अलर्ट जारी करने पर सवाल हुए तो मौसम विभाग ने कहा कि दुनिया में कहीं ऐसे साधन नहीं जो 3 घंटे पहले यह सूचना दे सके कि तूफान की तीव्रता कितनी रहेगी। 

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