पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • भारत, विश्व में विकास का पहिया आगे बढ़ेगा: आईएमएफ़

भारत, विश्व में विकास का पहिया आगे बढ़ेगा: आईएमएफ़

8 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक

अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ़) ने अपनी ताज़ा रिपोर्ट में उम्मीद जताई है कि विश्व की अर्थव्यवस्था की विकास दर 2014 में 3.7 प्रतिशत और 2015 में 3.9 प्रतिशत रहेगी. वर्ष 2013 में विश्व की आर्थिक विकास दर तीन प्रतिशत रही.

भारत के लिए आईएमएफ़ का अनुमान है कि विकास दर 2014 में 5.4 प्रतिशत और 2015 में 6.4 प्रतिशत रहेगी. चीन के लिए 2014 का आंकड़ा 7.5 प्रतिशत और 2015 का आंकड़ा 7.3 प्रतिशत है.

भारत के बारे में रिपोर्ट में ये भी कहा गया है कि बढ़ते निर्यात और अच्छे मॉनसून के दम पर आर्थिक विकास दर बढ़ रही है और निवेश को प्रोत्साहन देने वाली मज़बूत मूलभूत नीतियों के चलते ये और बढ़ेगी.

'ब्रिटेन, अमरीका में स्थिति सुधरेगी'

आईएमएफ़ ने अपनी रिपोर्ट में कहा है, ''वैश्विक अर्थव्यवस्था में वर्ष 2013 के मुकाबले वर्ष 2014 में बढ़ोतरी होने की उम्मीद है.''

ब्रिटेन की अर्थव्यवस्था के बारे में अपने अनुमान को बेहतर करते हुए आईएमएफ़ ने अंदाज़ा लगाया है कि विकास दर 2.4 प्रतिशत होगी जो यूरोप की किसी भी अर्थव्यवस्था से अधिक होगी.

अमरीकी अर्थव्यवस्था के वर्ष 2014 में 2.8 प्रतिशत की दर से और 2015 में तीन प्रतिशत की दर से बढ़ने का अनुमान लगाया गया है.

दुनिया की सबसे बड़ी - अमरीकी अर्थव्यवस्था के लिए अक्तूबर में आईएमएफ़ ने वर्ष 2014 में 2.6 प्रतिशत की विकास दर का अनुमान लगाया था जिसे अब बढ़ा दिया गया है.

रिपोर्ट में उम्मीद लगाई गई है कि यूरो मुद्रा वाले देशों की अर्थव्यवस्था में कुल मिलाकर एक प्रतिशत की वृद्धि देखने को मिलेगी.

रिपोर्ट में ये भी कहा गया है कि यूरोज़ोन मंदी से उबर रहा है.

आईएमएफ़ का ये भी कहना है कि वित्तीय संकट की मार झेल रहे ग्रीस, स्पेन, साइप्रस, इटली और पुर्तगाल जैसे देशों की अर्थव्यवस्था में सुधार अपेक्षाकृत मंद गति से होगा.

चीन की अर्थव्यवस्था के बारे में आईएमएफ़ ने अपने पहले के अनुमान को बेहतर करते हुए कहा है कि चीन की अर्थव्यवस्था इस साल 7.5 प्रतिशत की दर से बढ़ेगी.

लेकिन रिपोर्ट में ये चेतावनी भी दी गई है कि 'वैश्विक अर्थव्यवस्था में मज़बूती का ये मतलब नहीं है कि दुनिया की अर्थव्यवस्था ख़तरे से बाहर निकल आई है.'