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डाउनलोड करेंइंदौर. 1 जनवरी से अब तक पेट्रोल के दाम करीब साढ़े सात रुपए प्रति लीटर (9.79%) और डीजल के दाम में नौ रुपए प्रति लीटर (14.40%) की बढ़ोतरी हो चुकी है। इसके चलते आम आदमी के घर पर हर माह ईंधन खर्च के तौर पर दो हजार रुपए का अतिरिक्त बोझ पड़ा है।
दाम इसी तरह बढ़ते रहे तो जून में बारिश होने तक सब्जियों, किराने के दाम में भी 10 से 15 फीसदी की बढ़ोतरी हो जाएगी। अभी इनके दाम नहीं बढ़ने का कारण बताते हुए अहिल्या चेंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के अध्यक्ष रमेश खंडेलवाल बताते हैं बाजार में अभी सब्जियों, किराना, शकर आदि सभी वस्तुओं की आवक काफी है, क्योंकि अभी खेतों का उत्पादन बाजार में आने का समय होता है। इसलिए अभी इन वस्तुओं के दाम परिवहन लागत बढ़ने के बाद भी लगभग स्थिर है, लेकिन यह स्थिति केवल बारिश आने तक ही है, जैसे ही एक-दो बारिश होगी, सभी वस्तुओं की आवक में असर होगा और तब उत्पादक अपने हिसाब से वस्तुएं बेचेगा और इसमें परिवहन लागत को भी जोड़ेगा, ऐसे में इनके दाम औसतन 15 फीसदी बढ़ जाएंगे।
टैक्स कम करने की मांग
उधर इंदौर ट्रक ऑपरेटर्स एंड ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन ने मप्र शासन और केंद्र से डीजल पर टैक्स कम करने की मांग की है। अध्यक्ष राजेंद्र सिंह त्रेहान ने बताया इस संबंध में सभी को पत्र लिखा है जिसमें मांग की गई है कि डीजल पर एक्साइज ड्यूटी दस रुपए (अभी 15.33 रुपए प्रति लीटर है) की जाए, मप्र शासन द्वारा वैट कम किया जाए। यदि ऐसा नहीं किया गया तो आने वाले समय में इस व्यवसाय की और महंगाई से आम लोगों की कमर टूट जाएगी।
हर महीने इतना असर
800 से 1000 रु ईंधन खर्च
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