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इंपीरियल गार्डन में जो चार मंजिला बिल्डिंग गिरी, पहले से ही थी उसे गिराने की तैयारी: दावा

3 वर्ष पहले
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जीरकपुर.  पीरमुछल्ला के इंपीरियल गार्डन में 18 फ्लैट्स वाली बिल्डिंग गिरेगी। इसका अंदेशा बिल्डर को पहले ही हो गया था। इसलिए वे खुद भी इस बिल्डिंग को गिराने की तैयारी में थे। यह दावा पीरमुछल्ला के पूर्व बिल्डर एसोसिएशन के पूर्व प्रधान विजय अरोड़ा ने किया है। अरोड़ा ने बताया कि बिल्डर विनोद कुमार व परवीन ने यह बात उन्हें बताई है। बिल्डिंग गिराने का काम किया जाता। उससे पहले ही बिल्डिंग खुद गिर गई। इसलिए पहले ही वहां मजदूरों को सामान हटाने के लिए भी कह दिया गया था।

 

 

बिल्डर्स ने की मीटिंग

रविवार को पीरमुछल्ला में हुई बिल्डर्स की मीटिंग में बिल्डर्स ने कहा कि इंपीरियल गार्डन में जो हादसा हुआ, उसकी कंस्ट्रक्शन में लापरवाही बरती गई। पर जरुरी नहीं कि एक बिल्डिंग गिरती है तो पूरे शहर में सभी बिल्डिंग की कंस्ट्रक्शन क्वालिटी खराब हो। प्रशासन हरेक बिल्डिंग की जांच इंजीनियर्स की टीम से कराए।

 

बिल्डर भी इस हादसे के बाद डरे हुए हैं

बिल्डिंग में किसी की जान नहीं गई। कोई मशीनरी भी मलबे में नहीं दबी। वहां रह रहे मजदूरों के परिवारों के अलावा उसका सारा सामान हादसे से पहले ही हटा दिया गया था। इस दावे में कितनी सच्चाई है। यह एसडीएम डेराबस्सी की जांच रिपोर्ट में ही सामने आएगा। विजय अरोडा ने बताया कि अभी बिल्डर विनोद कुमार और परवीन इस हादसे के बाद डरे हुए हैं। उन्होंने फोन करके यह बात बताई है।  

 

कॉलोनी डिप्टी डायरेक्टर लोकल बाॅडीज ने की पास
यह कॉलोनी 2016 में डिप्टी डायरेक्टर लोकल बाडीज विभाग ने पास की। पर इस पर तब कोई निर्माण नहीं था। प्लॉटस के ऊपर बनने वाले मकानों या फ्लैट्स का नक्शा जीरकपुर एमसी ने पास किए। जिस कॉलोनी को लोकल बाॅडीज विभाग रेगुलर करता है। उसमें बनने वाले मकानों के नक्शे पास करने से जीरकपुर एमसी रोक नहीं सकती है।

 

पुलिस ने एमसी से मांगा रिकाॅर्ड

जीरकपुर पुलिस ने इस मामले में यहां की नगर परिषद से इंपीरियल गार्डन का रिकाॅर्ड मांगा है। इससे पता चलेगा कि इसमें कितने लोगों ने फ्लैट बनाए हैं। इसके बाद ही किसी की गिरफ्तारी हो सकेगी। अभी किसी को गिरफ्तार नहीं किया गया है। एसएचओ पवन कुमार ने बताया कि सोमवार को रिकाॅर्ड हमारे पास आएगा। उसकी जांच की जाएगी।

 

डिप्टी डायरेक्टर लोकल बाॅडीज ने किया काॅलोनी को पास  

इंपीरियल गार्डन को 2016 में पास कराया गया था। इसे अवैध कॉलोनी से रेगुलर कराने की स्कीम के तहत पंजाब सरकार के नियमों के अनुसार पास कराया गया। इस बारे में ओपी सिंगला ने कहा कि हमने इंपीरियल गार्डन के सिर्फ प्लाॅट बेचे हैं। कॉलोनी पास कराने की फीस चुकाई है। प्लाटिंग के साथ कॉलोनी पास की गई है।  

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