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घर में रखे फिश एक्वेरियम में होनी चाहिए कम से कम 9 मछलियां, उत्तर या पूर्व दिशा में रखना चाहिए

क्यों जरूरी है घर के फिश एक्वेरियम में काली मछली रखना?

Danik Bhaskar | Jul 12, 2018, 01:46 PM IST

रिलिजन डेस्क. घर या दुकान में अक्सर लोग फिश एक्वेरियम रखते हैं। फेंगशुई में इसे बहुत अच्छा भी माना गया है। लेकिन, कुछ लोग एक्वेरियम से जुड़ी गलतियां करते हैं, जिससे उन्हें उसका पूरा फायदा नहीं मिलता। सिर्फ फेंगशुई नहीं, वास्तु और ज्योतिष में भी घर में मछली रखना या मछलियों को दाना खिलाना शुभ माना गया है। अक्सर जिन लोगों की कुंडली में केतु ग्रह का अशुभ प्रभाव हो, उन्हें मछलियों को दाना खिलाने या घर में फिश एक्वेरियम रखने की सलाह दी जाती है।

फेंगशुई में माना गया है कि एक्वेरियम में कम से कम 9 मछलियां होनी चाहिए। इनमें से 7 लाल हो सकती हैं, एक काली और एक गोल्डन फिश होनी चाहिए। फिश एक्वेरियम के लिए तीन दिशाएं शुभ मानी गई हैं, पूर्व, उत्तर और ईशान कोण (उत्तर-पूर्व का कोना)। चूंकि एक्वेरियम में पानी होता है, मूलतः ये जल तत्व का प्रतीक है, और ये तीन दिशाएं जल तत्व की हैं। कभी भी एक्वेरियम को दक्षिण-पश्चिम कोने में नहीं रखना चाहिए। ये अग्नि का स्थान होता है, यहां मछलियों के मरने की आशंका होती है। इस दिशा में रखा एक्वेरियम घर में अशांति भी लाता है।

क्यों जरूरी है एक्वेरियम में एक काली मछली

इसके दो कारण हैं। फेंगशुई में काली मछली को नेगेटिव एनर्जी और बुरी नजर से बचाने वाला माना गया है। ये अपनी मौजूदगी के कारण घर से अशांति का माहौल दूर करती है। इसके अलावा इसकी एक्टिविटी घर के वास्तु दोषों को भी दूर करती है। वहीं ज्योतिष में केतु ग्रह की बनावट मछली जैसी ही मानी गई है। केतु का रंग भी काला है। इसलिए काली मछली को केतु का प्रतीक माना गया है। अगर कुंडली में केतु की स्थिति अच्छी नहीं हो तो एक्वेरियम की काली मछली इस दोष को शांत करती है।