विज्ञापन

अगर आप निर्जला एकादशी का व्रत कर रहे हैं तो तिल, गुड़ वस्त्र, धन, मौसमी फलों का दान करें, आज क्या करें और क्या नहीं

Dainik Bhaskar

Jun 23, 2018, 03:34 PM IST

हर माह दो एकादशियां आती हैं। एक कृष्ण पक्ष में और एक शुक्ल पक्ष में। इस तिथि पर व्रत करने से सभी दुख दूर होते हैं।

importance of nirjala ekadashi, unknown facts of nirjala ekadashi 2018
  • comment

रिलिजन डेस्क। रविवार, 24 जून को ज्येष्ठ मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी है, इसे निर्जला एकादशी कहा जाता है। स्कंद पुराण में एकादशी महात्म्य अध्याय है, जिसमें सभी एकादशियों का महत्व बताया गया है। महाभारत के अनुसार भीम ने भी निर्जला एकादशी का व्रत किया था, क्योंकि इस एक व्रत से सालभर की सभी एकादशियों के बराबर पुण्य फल मिल जाता है। उज्जैन के ज्योतिषाचार्य पं. मनीष शर्मा के अनुसार अगर कोई व्यक्ति ये व्रत नहीं रख पाता है तो उसे इस दिन भगवान विष्णु के मंत्रों का जाप करना चाहिए और तिल, गुड़, वस्त्र, धन और मौसमी फलों का दान गरीबों को करना चाहिए।

निर्जला एकादशी पर शुभ फल पाने के लिए क्या करना चाहिए और क्या नहीं करना चाहिए...

# ये 5 काम करें

1. भगवान विष्णु को तुलसी के पत्ते डालकर खीर का भोग लगाएं।

2. निर्जला एकादशी पर विष्णुजी को पीले वस्त्र अवश्य चढ़ाएं। ऊँ नमो भगवते वासुदेवाय मंत्र का जाप कम से कम 108 बार करें।

3. इस दिन शिवलिंग पर नारियल, बिल्वपत्र, धतुरा चढ़ाएं। जल-दूध से अभिषेक करें।

4. विष्णु-लक्ष्मी की पूजा करें और पूजा में दक्षिणावर्ती शंख से अभिषेक करें। अभिषेक केसर मिश्रित दूध करेंगे तो बहुत शुभ रहेगा।

5. रविवार और एकादशी का योग होने से इस दिन सूर्य देव को जल चढ़ाएं। सूर्य के लिए गुड़, तांबे के बर्तन का दान करें।

# ये 5 काम न करें

1. एकादशी पर घर में चावल नहीं पकाना चाहिए। ये अपशकुन माना जाता है।

2. दिन में या शाम को सोना नहीं है। सूर्यास्त के बाद विष्णु पूजा करें।

3. आप व्रत करें या न करें, लेकिन इस दिन क्रोध न करें। किसी की बुराई न करें।

4. किसी ब्राह्मण या माता-पिता का अनादर न करें।

5. घर में क्लेश न करें। किसी भी प्रकार की हिंसा न करें। निर्जला एकादशी से ये गलत काम छोड़ने का संकल्प लें।

X
importance of nirjala ekadashi, unknown facts of nirjala ekadashi 2018
COMMENT
Astrology

Recommended

Click to listen..
विज्ञापन
विज्ञापन
एप में पढ़ें