कर्ज में डूबे पाकिस्तान को उबारने के लिए विदेशी अर्थशास्त्रियों की मदद लेंगे इमरान, 70 हजार करोड़ रु. की कमी दूर करने की चुनौती / कर्ज में डूबे पाकिस्तान को उबारने के लिए विदेशी अर्थशास्त्रियों की मदद लेंगे इमरान, 70 हजार करोड़ रु. की कमी दूर करने की चुनौती

DainikBhaskar.com

Sep 03, 2018, 08:31 AM IST

पुरानी सरकारों में पाक की इकोनॉमिक एडवायजरी काउंसिल की अगुआई वित्त मंत्री करता था, अब इमरान इसकी अध्यक्षता करेंगे

imran ropes in foreign economists to rebuild paks debtridden economy

  • पाक का चालू खाते का घाटा 1.27 लाख करोड़ रुपए पहुंचा
  • विदेशी मुद्रा भंडार भी 70 हजार करोड़ रुपए, केवल दो महीने के आयात के लिए काफी

इस्लामाबाद. कर्ज में डूबे पाकिस्तान को उबारने के लिए प्रधानमंत्री इमरान खान दुनिया के बेहतरीन अर्थशास्त्रियों की मदद लेंगे। देश की अर्थव्यवस्था सुधारने के लिए पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) सरकार ने एक आर्थिक सलाहकार समिति बनाई है, जो सरकार को तंगहाली दूर करने की सलाह देगी। इमरान के सामने सबसे बड़ी चुनौती अर्थव्यवस्था में 10 बिलियन डॉलर (करीब 70 हजार करोड़ रुपए) की कमी को दूर करना है जो अनुमानित से ज्यादा खर्च के चलते हुई है।
पाकिस्तान का चालू खाते का घाटा 18 बिलियन डॉलर (1.27 लाख करोड़ रुपए) हो चुका है। वहीं, पाक का विदेशी मुद्रा भंडार भी 70 हजार करोड़ रुपए ही रह गया है जो केवल दो महीने के आयात की पूर्ति कर सकता है। इमरान की पहली परीक्षा ये होगी कि क्या वे अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) से बेलआउट पैकेज या फिर चीन से और आर्थिक मदद हासिल कर पाते हैं।

पुराने ढर्रे पर नहीं चल रहे इमरान : देश की अर्थव्यवस्था को सुधारने की इमरान भरसक कोशिश में जुटे हैं। प्रधानमंत्री की अध्यक्षता वाली 18 सदस्यीय इकोनॉमिक एडवायजरी काउंसिल (ईएसी) सरकार को आर्थिक मोर्चे पर सलाह देने और नीतियों को लागू करवाने में जुटी हुई है। डॉन की रिपोर्ट के मुताबिक, ईएसी की पहली बैठक जल्द होने वाली है। पिछली सरकारों में ईएसी की अध्यक्षता पाक के वित्त मंत्री करते थे। आर्थिक सुधारों को लेकर उनका न तो कोई एजेंडा होता था और न ही नियमित बैठकें ही हुआ करती थीं। उस दौरान चार महीने में एक बार ईएसी की बैठक होती थी और उसके सुझावों को गंभीरता से नहीं लिया जाता था। अब ईएसी का मकसद पाक की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने वाले रिफॉर्म्स लाना और विकास के लिए सुझाव देना है। 18 सदस्यों में से 7 सरकार और 11 निजी क्षेत्रों के लोग हैं।

इमरान को काउंसिल से उम्मीद : माना जा रहा है कि सामाजिक, आर्थिक, मानव संसाधन विकास और व्यापार क्षेत्र में विकास के लिए ईएसी अहम रोल अदा करेगी। ईएसी सरकार की नीतियों का विश्लेषण भी करेगी, साथ ही विदेशियों को पाक में आकर विकास करने का नेटवर्क भी तैयार करेगी। इमरान ने काउंसिल को 2 हफ्ते में अपने सुझाव देने के लिए कहा है ताकि विदेशों में गैर-कानूनी से तरीके से जुटाई गई संपत्तियों का पैसा वापस लाया जा सके।

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