37 दिन में हिंदू पक्ष ने 7.5 लाख, मुस्लिम पक्ष ने 5 लाख पेज की फोटोकॉपी कराई

News - सुप्रीम कोर्ट या देश के किसी भी कोर्ट में जो भी दस्तावेज पेश किए जाते हैं वो 14 के फोंट साइज में होते हैं। लाइट ग्रीन...

Bhaskar News Network

Oct 13, 2019, 07:21 AM IST
New Delhi News - in 37 days the hindu side did 75 lakh pages the muslim side copied 5 lakh pages
सुप्रीम कोर्ट या देश के किसी भी कोर्ट में जो भी दस्तावेज पेश किए जाते हैं वो 14 के फोंट साइज में होते हैं। लाइट ग्रीन कलर के लीगल पेपर पर चारों तरफ डेढ़-डेढ़ इंच का मार्जिन छोड़ना होता है। लाइन के बीच में गैप भी डबल स्पेस होता है।

पक्षकारों, वकीलों और कोर्ट सहित हर फाइल के 35 सेट होते हैं

प्रमोद कुमार त्रिवेदी | नई दिल्ली

अयोध्या विवाद मामले में दस्तावेजीकरण कितना ज्यादा हैं, इसका पता इसी बात से चलता है कि मुस्लिम, हिंदू पक्ष और निर्मोही अखाड़ा ने इस मामले की 37 सुनवाई में लगभग 11 लाख पेज की सिर्फ फोटो कॉपी करवाई है। इन दस्तावेजों की संख्या देखकर मुस्लिम पक्ष के वकील राजीव धवन ने सुप्रीम कोर्ट से निवेदन किया कि मद्रास हाईकोर्ट की तरह दस्तावेजों में फोंट का साइज छोटा किया जाए।

स्पेस भी कम किया जाए। इससे कागज और पेड़ बचेंगे। लीगल पेपर की जगह साधारण ए-4 कागज का इस्तेमाल होना चाहिए। धवन की मांग का हिंदू पक्ष ने भी समर्थन किया। धवन के सहयोगी बताते हैं जस्टिस बोबड़े ने कहा कि मद्रास हाईकोर्ट में अगर ए-4 कागज का इस्तेमाल हो रहा है तो आप दस्तावेज बताइए। इसके इस्तेमाल पर यहां भी विचार हो सकता है।

7 सेट कोर्ट को दिए जाते हैं; इनमें से 5 सेट जजों को, 2 सेट कोर्ट कॉपी में लगाए जाते हैं

सुप्रीम कोर्ट में बदला तो हाईकोर्ट और अन्य अदालतों में भी बदल सकते हैं नियम

सुप्रीम कोर्ट अधिवक्ता उजमी हुसैन बताते हैं कि अगर सुप्रीम कोर्ट ने नियम बदला तो बाकी कोर्ट भी पर्यावरण संरक्षण के लिए नियम बदल सकते हैं। हालांकि, हर हाईकोर्ट के अपने नियम हैं और वे किसी एक नियम को मानने के लिए बाध्य नहीं हैं। ई-फाइलिंग पर उजमी कहते हैं कि अभी क्लाइंट इतने जागरूक और सक्षम नहीं हैं कि ई-फाइलिंग से केस में पेश होने वाले दस्तावेजों की जानकारी ले सकें। हिंदू पक्ष के वकील हरिशंकर जैन कहते हैं कि जगह के साथ छोटा रिकॉर्ड आसानी से सुरक्षित किया जा सकता है।

अभी तक 14 के फोंट साइज में दस्तावेज पेश होते हैं

ए-4 कागज हो और चारों तरफ मार्जिन भी डेढ़-डेढ़ इंच हो

राजीव धवन ने कोर्ट को बताया कि चारों तरफ की बजाय सिर्फ एक तरफ ही डेढ़ इंच का मार्जिन छोड़ा जाए। ए-4 कागज का इस्तेमाल किया जाए। हर लाइन के बीच का स्पेस टू से वन किया जाए। इससे 40% कागज बचेगा।

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