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DB SPL: फ्लाइट में नेट यूज किया तो हर घंटे देने होंगे 1000 रुपए से ज्यादा

3 वर्ष पहले
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- टेलीकॉम कमीशन ने हाल ही में हवाई सफर में मोबाइल कॉलिंग और इंटरनेट सेवाएं मुहैया कराने के प्रस्ताव को मंजूरी दी

- ट्राई के मुताबिक, दुनियाभर में 70 से ज्यादा एयरलाइन्स ऐसी हैं, जो अपनी उड़ानों में वाई-फाई की सुविधा दे रही हैं

 

 

जयपुर.   फ्लाइट में वाईफाई सुविधा यात्रियों की जेब पर भारी पड़ने वाली है। इसके लिए यात्रियों को काफी पैसा चुकाना पड़ेगा। फिलहाल जिन देशों में यह सुविधा है, वहां यात्रियों को इसके लिए काफी पैसों का भुगतान करना पड़ता है। इन देशों में महज दस एमबी इंटरनेट डेटा का उपयोग करने के लिए करीब 4.5 डॉलर यानी 302 रु. चुकाने होते हैं। इसी आधार पर माना जा रहा है कि देश की सीमा में हवाई यात्रा करने वाले यात्रियों को 5 मिनट से 1 घंटे की अवधि तक फ्लाइट में इंटरनेट इस्तेमाल करने के लिए करीब 500 से 1000 रु. तक भुगतान करना पड़ सकता है। यानि जितना मोबाइल बिल का पूरे महीने का खर्च आता है उतना फ्लाइट में चंद मिनट वाई-फाई इस्तेमाल करने पर चुकाना पड़ेगा। हालांकि दरों का निर्धारण सुविधा मिलने के बाद ही होगा।

 

 

डिवाइस के मुताबिक तय होती हैं दरें

- अमेरिका में फ्लाइट में वाईफाई का इस्तेमाल करने के लिए कीमतें डिवाइस के अनुसार तय होती हैं। अगर यात्री मोबाइल पर इंटरनेट की सुविधा लेता है तो उसे 4.95 से 19.95 डॉलर (लगभग 331 से 1336 रुपए के बीच) और लैपटॉप के लिए 11 से 49 डॉलर (लगभग 737 से 3283 रुपए के बीच) भुगतान करना होता है।

- दुनिया में 3 से 4 प्रमुख कंपनियां हैं, जो फ्लाइट में वाईफाई की सुविधा उपलब्ध कराते हैं। 

 

हर सुविधा के लिए देनी होगी अलग फीस

- फ्लाइट में ईमेल सैंड करने, रिसीव करने, तुरंत मैसेज भेजने, वेब ब्राउसिंग, म्यूजिक, वीडियो या फिल्‍म देखने के लिए अगल-अगल कीमत देनी होगी। ब्रिटिश एयरवेज अपने यात्रियों के लिए दो पैकेज उपलब्ध कराती है। पहला पैकेज ब्राउजर पैकेज है। जिसमें वेब ब्राउजिंग, ईमेल भेजने व स्‍वीकार करने और मैसेजिंग की सुविधा उपलब्ध होती है। वहीं दूसरा पैकेज स्ट्रीम पैकेज है। जिसमें ब्राउस पैकेज के अतिरिक्त वीडियो, म्यूजिक और मूवी की सुविधा उपलब्ध होती है। 

 

फ्लाइट में ऐसे होगा वाईफाई यूज 

- विमान के उड़ान भरने से पहले फ्लाइट क्रू सिक्योरिटी प्रोसीजर के साथ वाईफाई की उपलब्ध्ता और उपयोग के तरीकों की जानकारी देगा। 3000 मी. पर पहुंचने के बाद विमान का वाईफाई पोर्ट शुरू कर दिया जाएगा।  
- यात्रियों के मोबाइल या लैपटाप डिवाइस को वाईफाई पोर्ट से कनेक्ट करते ही सर्विस प्रोवाइडर का होमपेज खुलेगा। होमपेज पर वाईफाई के प्रयोग के लिए कई पैकेज उपलब्ध होंगे, पैकेज का भुगतान करते ही मोबाइल या लैपटॉप में इंटरनेट सेवाएं शुरू हो जाएंगी। 

 

दुनिया की 70 उड़ानों में वाई-फाई
- ट्राई के मुताबिक, दुनियाभर में 70 से ज्यादा एयरलाइन्स ऐसी हैं, जो अपनी उड़ानों में वाई-फाई की सुविधा दे रही हैं। वहीं, 30 एयरलाइन्स की उड़ानों में आप मोबाइल फोन भी इस्तेमाल कर सकते हैं। इनमें प्रमुख रूप से एयर एशिया, एयर फ्रांस, ब्रिटिश एयरवेज, वर्जिन अटलांटिक और एयर न्यूजीलैंड शामिल है।
- इन देशों में प्लेन में मोबाइल फोन इस्तेमाल करने पर टेलिकॉम कंपनियों की सर्विस पर कोई उलटा असर नहीं पड़ता।

 

टेलीकॉम कमीशन ने इसी महीन लिए फैसला
- टेलीकॉम कमीशन ने हाल ही में हवाई सफर में मोबाइल कॉलिंग और इंटरनेट सेवाएं मुहैया कराने के प्रस्ताव को मंजूरी दी। 
- इसके लिए टेलीकॉम रेग्युलेटर अथॉरिटी ऑफ इंडिया (TRAI) ने सरकार से सिफारिश की थी।

 

#नेट यूज करने की दरें

- ऐरोफ्लोट: 150 एमबी (50 डॉलर)

- एयर एशिया:  10 एमबी (50 डॉलर)

- एयर फ्रांस: 200 एमबी (36 डॉलर)

- ब्रिटिश एयरवेज: सोर्स टू डेस्टिनेशन (32 डॉलर)

- अमीरात एयरलाइंस:  500 एमबी (15.99 डॉलर)

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