पंचकूला में मोबाइल चोरी या गुम होने पर अब पुलिस लाकर देगी आपका फोन

Panchkula Bhaskar News - मोबाइल चोरी या गुम होने के मामले में पंचकूला पुलिस ने एक नई और बड़ी पहल को शुरू किया है। पुराने सिस्टम को बदलने का...

Feb 15, 2020, 07:36 AM IST

मोबाइल चोरी या गुम होने के मामले में पंचकूला पुलिस ने एक नई और बड़ी पहल को शुरू किया है। पुराने सिस्टम को बदलने का निर्णय लिया है। चोरी या गुम हुए मोबाइल की शिकायत पर ट्रेसिंग सिस्टम से लेकर रिकवरी के प्रोसिजर को टोटल ही चेंज कर दिया गया है। क्योंकि पहले मोबाइल चोरी या गुम होने की शिकायत पर लोगों को एफआईआर, डीडीआर दर्ज करवाने के बाद अपने मोबाइल को ट्रेस करवाने के लिए खुद अलग से साइबर सैल में शिकायत देनी पड़ती थी। जब साइबर सैल उस मोबाइल की लोकेशन को ट्रेस कर लेते थे, तो उसके बाद शिकायतकर्ता को मोबाइल की लोकेशन, उस व्यक्ति का नाम, नंबर, एड्रेस, और मौजूदा समय में चलने वाले मोबाइल नंबर की डिटेल दी जाती थी। जिसके बाद शिकायतकर्ता खुद जाकर या एरिया पुलिस थाने की मदद से मोबाइल को रिकवर करता था। लेकिन अब ये सब काम खुद पंचकूला पुलिस करेगी। इसके लिए साइबर सैल की एक स्पेशल मॉनीटरिंग कमेटी को भी बनाया गया है।

ये कमेटी तय करेगी, कि पंचकूला पुलिस कमिश्नरी में एक महीने में कितने मोबाइल चोरी या गुम होने की शिकायत आई है। वहीं उनमें से कितनों को ट्रेस किया गया है। उसके बाद ट्रेस किए गए मोबाइल नंबरों को कब और कितने दिनों में साइबर सैल में मंगवाया जाना है। जिसके बाद शिकायतकर्ता को कॉल कर बुलाया जाएगा और यहां से मोबाइल उसे वापिस दे दिया जाएगा।

पंचकूला पुलिस के पास जनवरी महीने में मोबाइल चोरी, गुम होने की 44 शिकायतें आई थी। जिसके बाद इन नंबरों को सर्विलांस पर लगाया गया, 15 मोबाइल सर्विलांस से पकड़े गए। जिसके बाद उन्हें रिकवर कर लिया गया है। ऐसे में इन्हें खुद ही पुलिस लेकर आई।

ऐसे समझिए- पुलिस कई महीनों तक क्यों नहीं ट्रेस कर पाती आपका मोबाइल नंबर, मोबाइल को रखा जाता है सेफ

पंचकूला के डीसीपी कमलदीप गोयल ने बताया कि मोबाइल चोरी करने वाला, या जिसे कहीं से गुम हुआ मोबाइल मिला है। वो कई महीनों तक उस मोबाइल को सेफ तरीके से रखते हैं, उसे ऑन कर सिम कार्ड ही नहीं डाला जाता है। कई महीनों के बाद उसमें सिमकार्ड को डाला जाता है। क्योंकि उन्हें पता होता है, कि शायद पुलिस उसे ट्रेस न कर रही हो। एक नंबर को कई महीनों के बाद अगर ऑन कर चलाया जाए, तो हमें भी पता नहीं चलता है। क्योंकि रोजाना नए मोबाइल चोरी हो रहे हैं। ऐसे में नए नंबरों को सर्विलांस पर लगाया जाता है। इस बात का फायदा चोर उठाते हैं। लेकिन अब ऐसा नहीं होगा। इसके लिए प्लानिंग कर दी गई है, जिसके चलते सर्विलांस सिस्टम में ट्रेकिंग कैपेसिटी को बढ़ाया गया है।


पहले- देनी पड़ती थी साइबर सैल में शिकायत, इसके बाद लोकेशन ट्रेस होने पर खुद लेकर आना पड़ता था मोबाइल

मोबाइल के चोरी या गुम होे जाने पर पुलिस थाने में एफआईआर या डीडीआर दर्ज करवाने के बाद शिकायतकर्ता को एक अलग से शिकायत देनी पड़ती थी। डीसीपी ऑफिस में सीएम विंडों के पास इस शिकायत को दिया जाता था। जिसमें मोबाइल को ट्रेस करने के लिए कहा गया था। इसके लिए मोबाइल का बिल, ईएमआई नंबर दिया जाता था। उसके बाद पुलिस उसे ट्रेस करती थी। जब वो मोबाइल ट्रेस हो जाता था, तो साइबर सैल टीम शिकायतकर्ता को कॉल कर उसे वो मोबाइल नंबर देती थी, जो गुम या चोरी हुुए मोबाइल में चल रहा होता था। उसका एड्रेस, नाम सब जानकारी भी दी जाती थी। उसके बाद उसे कहा जाता था, कि वो खुद जाकर इसे हासिल कर लें या फिर उस एरिया के लोकल पुलिस थाने से मदद ले।

अब- पुलिस थाने के साथ साइबर सैल में अलग से नहीं देनी होगी शिकायत, पुलिस लाकर सौंपेगी आपका मोबाइल

पंचकूला के डीसीपी ऑफिस की ओेर से नया प्रोसिजर जारी किया गया है, जिसमें सभी पुलिस थानों से हर सप्ताह या रोजाना मोबाइल चोरी, गुम होने की शिकायत ली जाएगी। जिसमें उस मोबाइल का ईएमआई नंबर, शिकायतकर्ता का कॉन्टेक्ट नंबर सहित बाकी जानकारी को लिया जाएगा। उसके बाद उन नंबरों को सर्विलांस पर लगाया जाता है। नंबर ट्रेस होने के बाद पुलिस खुद ही उस मोबाइल को रिकवर करवाएगी, चाहे उन्हें कॉल कर बुलाया जाए, या फिर किसी पुलिसकर्मी को इस काम पर लगाया जाए। उसके बाद शिकायतकर्ता को सभी डॉक्यूमेंट्स, सबूतों के साथ बुलाया जाएगा, ताकि साबित हो ये मोबाइल उसका ही है या नहीं। उसे पंचकूला के डीसीपी ऑफिस से चोरी हुआ मोबाइल मिलेगा।



- कमलदीप गोयल, डीसीपी पंचकूला

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