पिछले 15 दिन में कहीं लूट तो कहीं मर्डर, नहीं पकड़े गए आरोपी

Mohali Bhaskar News - मोहाली | पिछले कुछ समय में मोहाली में क्राइम का ग्राफ बढ़ गया है। हैरानी की बात यह है कि क्रिमिनल्स पुलिस की नाक के...

Nov 10, 2019, 07:31 AM IST
मोहाली | पिछले कुछ समय में मोहाली में क्राइम का ग्राफ बढ़ गया है। हैरानी की बात यह है कि क्रिमिनल्स पुलिस की नाक के नीचे घटनाओं को अंजाम देकर आराम से निकल जाते हैं और पुलिस को जब तक घटना का पता चलता है तब तक क्रिमिनल्स काफी दूर निकल जाते हैं। पिछले 15 दिन में शहर में कहीं पर लूटपाट की घटना हो रही है तो कहीं पर मर्डर, लेकिन पुलिस कई केस ट्रेस करने में नाकाम रही।

केस नंबर-1

सिक्योरिटी गार्ड पर चाकुओं से हमला

फेज-11 रेलवे लाइन के पास सिक्योरिटी गार्ड शाम कुमार पर 28 अक्टूबर की रात को कुछ लोगों ने जानलेवा हमला कर दिया। आरोपियों ने चाकुओं से बार किया और शाम के मुंह व सिर पर पत्थर मारे। लेकिन शाम कुमार की हिम्मत थी कि वह 29 अक्टूबर सुबह तक जीवित था। भीड़ को देख उनका भतीजा मुकेश वहां आया और तुरंत चाचा को जीएमसीएच-32 ले गया। जहां पर उपचार के दाैरान उनकी मौत हो गई। पुलिस ने पहले 307 का केस दर्ज किया था, लेकिन बाद में उसको मर्डर केस में बदल दिया था। इस मामले में पुलिस के हाथ आज तक खाली हैं।

केस नंबर-4

फ्लैट में घुसकर लूटपाट

केस नंबर-2

5 गोलियां मार कार स्नैच करने का प्रयास

5 नवंबर रात 10 बजे कुराली आईलेट्स इंस्टिट्यूट का मालिक अपनी कार से वापस सेक्टर-78 अपने घर जा रहा था। तभी जब खरड़ सीआईए आॅफिस मोड पर पहुंचे तो वहां रघुशंका करने के लिए रुक गया। तभी एक सफेद रंग की कार में आए 3 हथियारबंद लुटेरों ने उन पर हमला कर दिया। लुटेरों ने उन पर 5 फायर भी किए, लेकिन रिटायर्ड एयरफोर्स आॅफिसर होने के चलते वरिंदर सिंह ने न केबल लुटेरों से खुद व गाड़ी को लुटने से बचाया बल्कि उनके मुकाबला कर लुटेरों को भागने पर मजबूर किया।

ढ़कोली पुलिस स्टेशन से मात्र चंद कदम दूरी पर गुरु नानक इन्क्लेव में रहने वाली एक शशिकांता नाम की महिला को 2 लुटेरों ने घर में घुसकर स्प्रे मारी। जिससे वह बेहोश हो गई और पूरे 50 मिनट तक घर के हर सामान को खंगाला। पीड़ित ने पुलिस को दिए बयान में बताया कि घर में 35 हजार कैश और 3 लाख की कीमत के गहने पड़े थे।

केस नंबर-3

दर्पण सिटी में इंद्रजीत मर्डर केस

7 नवंबर दोपहर बाइक पर अपने दोस्तों अजय व रोहित के साथ 27 साल का इंद्रजीत घूमने के लिए जा रहा था। तभी बाइक के आगे बिना नंबर की एक सफेद गाड़ी आकर रुकी और अजय व रोहित के बीच बैठे इंद्रजीत को बाइक से नीचे उतार उसको एकाएक 17 गोलियां मारी। जिससे मौके पर ही उसने दम तोड़ दिया। इस मामले में अभी तक की जांच में पाया कि इंद्रजीत के दोस्त अजय व रोहित ने उसके फिरजपुर के दुश्मनों को इंफॉर्मेशन दी थी। इसलिए पुलिस ने इस मर्डर केस में अजय व रोहित को नामजद किया है। जबकि गोलियां मारने वाले हत्यारों को पकड़ने के लिए छापेमारी की जा रही है।

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