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प्रेस ब्रीफिंग में नए प्रदेश अध्यक्ष राकेश सिंह भूले नंदू भैया का नाम, बाद में देनी पड़ी सफाई

3 वर्ष पहले
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भोपाल. भाजपा के नवनियुक्त प्रदेश अध्यक्ष व जबलपुर से तीन बार के सांसद राकेश सिंह ने कहा कि भाजपा का लक्ष्य आगामी विधानसभा चुनावों में 230 सीटें जीतना है। इसके लिए हम तरह से तैयार हैं और पूरी ताकत से चुनाव में उतरेंगे। अध्यक्ष की ताजपोशी के बाद राकेश सिंह ने बुधवार शाम 4.30 बजे मीडिया से ये बात कही। उन्होंने कहा कि बीजेपी नई ऊंचाईयों पर पहुंचेगी। इस दौरान राकेश सिंह चुनाव प्रबंधन समिति के सदस्य के तौर पर नंदू भैया का नाम लेना ही भूल गए। बाद में उन्हें सफाई देनी पड़ी।

-असल में, चुनाव प्रबंधन समिति के सदस्यों के नामों की घोषणा करते समय नए प्रदेश अध्यक्ष नंद कुमार चौहान का नाम सदस्य के तौर पर लेना भूल गए। मीडिया ने उन्हें टोका तो उन्होंने सफाई देते हुए कहा, इस लिस्ट में नरेंद्र सिंह तोमर के बाद ही नंदू भैया का नाम लिखा है, उनका नाम पढ़ना भूल गया था। यही लिस्ट सभी प्रिंट मीडिया में जारी होगी।  

समिति संगठन के समन्वय के साथ मिलकर करेगी काम 
-प्रदेश अध्यक्ष राकेश सिंह ने कहा कि समिति के संयोजक नरेंद्र सिंह तोमर बनाए गए हैं। उनके साथ फग्गन सिंह कुलस्ते, नरोत्तम मिश्रा, लाल सिंह आर्य इसके सह संयोजक होंगे। जबकि थावरचंद गहलोत, प्रभात झा, कैलाश विजयवर्गीय, नंद कुमार चौहान, भूपेंद्र सिंह, प्रहलाद पटेल और माया सिंह चुनाव कमेटी के सदस्य बनाए गए हैं। प्रदेश संगठन महामंत्री सुहास भगत, प्रदेश अध्यक्ष के तौर पर मैं और मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान भी इस समिति के सदस्य रहेंगे। समिति संगठन के बाद के साथ समन्वय बनाकर काम करेगी। 

मेरे लिए बहुत बड़ा और खुशी का दिन 
- 55 वर्षीय राकेश सिंह ने कहा, आज मेरे लिए बहुत बड़ा और खुशी का दिन है। मुझे एक जिम्मेदारी दी गई है, जिससे निभाने के लिए हर संभव कोशिश करुंगा। मीडिया ने पूछा कि नंदू भैया ने प्रदेश अध्यक्ष का पद इसलिए छोड़ा है कि वह क्षेत्र की जनता के न्याय नहीं कर पा रहे हैं। ऐसे में अगले साल लोकसभा चुनाव हैं। ऐसे में आप कैसे क्षेत्र की जनता के लिए काम करेंगे। इस पर राकेश सिंह ने कहा, कौन सा कार्यकर्ता चुनाव लड़ेगा, कौन सा चुनाव नहीं लड़ेगा। ये तय करने का काम पार्टी अध्यक्ष का है। 

प्रदेश में कोई एंटी इन्कैम्बेंसी फैक्टर नहीं 
-प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि प्रदेश में कोई इंकम्बेंसी फैक्टर नहीं है। सरकार ने इतने काम किए हैं कि ये किसी भी राज्य के लिए प्रेरणा हो सकता है। सरकार ने बहुत काम किया है और भाजपा इस काम को लेकर पूरी ताकत और क्षमता के साथ मैदान में जाएगी। 

50% वोट बैंक के लिए बीजेपी ने राकेश सिंह को बनाया अध्यक्ष
-मंगलवार को हुई कोर ग्रुप की बैठक में उनके नाम पर सहमति बनी थी। राकेश सिंह का नाम अध्यक्ष सीएम ने आगे बढ़ाया था, जिस पर कोर गु्रप के सभी नेताओं ने अपनी सहमति जता दी। राकेश सिंह के नाम का औपचारिक ऐलान होना अभी बाकी है। राकेश सिंह की ताजपोशी प्रदेश में बड़ी राजनीतिक रणनीति का हिस्सा मानी जा रही है। भाजपा राज्य के मालवांचल की तरह महाकौशल में भी अपनी पैठ बनाना चाहती है। राकेश सिंह की मजबूत जातीय और क्षेत्रीय पकड़ है। इससे पार्टी को खासा फायदा हो सकता है। केंद्रीय नेतृत्व ने पूर्व से ही राकेश सिंह का नाम तय कर लिया था। राकेश सिंह पिछड़े वर्ग से आते हैं और सीएम शिवराज सिंह चौहान भी इसी तबके से वास्ता रखते हैं।

मालवांचल को मजबूत बनाए रखने की चुनौती 
-मालवांचल का प्रतिनिधित्व कर रहे नंदकुमार चौहान को राष्ट्रीय कार्यकारिणी में शामिल किया गया है। बता दें कि प्रदेश की सबसे ज्यादा विधानसभा सीटें 65 सीटें मालवा और निमाड़ से आती हैं। फिलहाल यहां पर भाजपा के विधायकों का दबदबा है, लेकिन प्रदेश संगठन और सरकार में क्षेत्रीय प्रतिनिधित्व कमजोर हुआ है।

शिवराज ने दिए थे संकेत
-लगभग एक सप्ताह पहले मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भाजपा संसदीय दल के संयोजक राकेश सिंह के निवास पर सांसदों की बैठक बुलाकर इस बात के संकेत दे दिए थे कि राकेश सिंह को जल्द ही अहम जिम्मेदारी दी जा रही है। गौरतलब है कि दिल्ली में राकेश सिंह के निवास पर योजनाबद्ध तरीके से बुलाई गई बैठक में लोकसभा, राज्यसभा के सभी सांसदों को बुलाया गया था।

क्षेत्रीय-जातीय संतुलन साधने की कोशिश
-प्रदेश में चौथी बार सत्ता वापसी भाजपा के लिए कठिन डगर है। इसीलिए पार्टी हाईकमान राजनीतिक निर्णय लेने में फूंक-फूंककर कदम रख रही है। जातीय संतुलन के साथ पार्टी क्षेत्रीय संतुलन को भी तवज्जो दे रही है, यही कारण रहा कि प्रदेश अध्यक्ष के साथ-साथ चुनाव अभियान समिति के चयन में इस बात का ख्याल रखा गया है। राकेश सिंह महाकौशल से आते हैं, जो बुंदेलखंड क्षेत्र को भी प्रभावित करता है। दोनों क्षेत्रों में विधानसभा की कुल 66 सीटें हैं।

-जबकि विंध्य में 30 सीटें हैं, जहां से फग्गन सिंह कुलस्ते महाकौशल के होने के बावजूद आदिवासी क्षेत्र में अपना प्रभाव रखते हैं। जबकि मध्य क्षेत्र में 35 सीटें और ग्वालियर-चंबल में 34 सीटें पर अनुसूचित जाति-जनजाति वर्ग के मंत्री लाल सिंह आर्य मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर के साथ अपनी भूमिका अदा करेंगे।

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