जानिए क्या होती है आईवीएफ तकनीक,कैसे इससे प्रेग्नेंट होती हैं महिलाएं / जानिए क्या होती है आईवीएफ तकनीक,कैसे इससे प्रेग्नेंट होती हैं महिलाएं

इस प्रोसेस को लगभग दो से तीन हफ्ते का समय लगता है।

Apr 11, 2018, 05:47 PM IST

बच्चा न होने की वजह से परेशान कपल्स या किसी भी हेल्थ इश्यूज से जूझ रहीं महिलाओं के लिए टेस्ट ट्यूब बेबी एक उम्मीद की किरण है। महिलाओं में फैलोपियन ट्यूब होता है, जो गर्भधारण करने के लिए एग और स्पर्म को मिलाकर ओवरी तक पहुंचाता है।

इस प्रोसेस को लगभग दो से तीन हफ्ते का समय लगता है। एग और स्पर्म को मां के गर्भ में विकसित करने की बजाय लेबोरेटरी में विकसित करने की प्रोसेस ही इन विट्रो फर्टिलाइजेशन यानी आईवीएफ कहलाती है। इस तरह तैयार भ्रूण को फाइन प्लास्टिक ट्यूब के जरिए महिला के गर्भाशय में प्रतिरोपित किया जाता है।

इनमें स्टैंडर आईवीएफ, इक्सी और इस्सी पद्धति टेक्निक है। इन नई टेक्निक के कारण अब गर्भधारण करना सरल और आसान हो गया है। ये सारी प्रोसेस नेचुरल तरीके से होती है, जिनसे हेल्दी बच्चे का जन्म होता है।

आईवीएफ टेक्निक एक प्रजनन उपचार है। जो दंपति बेबी प्रोड्यूस करने में असमर्थ हैं, उनके लिए इस ट्रीटमेंट के जरिए ट्रीटमेंट किया जाता है। इसमें महिला के एग को पुरुष के स्पर्म से मिलाना और फिर गर्भ में स्थापित करना, सबकुछ नेचुरल तरीके से किया जाता है। इनमें न तो किसी तरह के ऑपरेशन की जरूरत होती है और न ही हॉस्पिटलाइज होने की।

गर्भधारण के बाद महिलाएं घर के काम-काज भी कर सकती हैं और वर्किंग वुमंस भी ऑफिस वर्क कर सकती हैं। इनमें बेड रेस्ट जैसा कुछ नहीं होता, तब तक जब तक सारी चीजें नॉर्मल हो।

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