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नरेंद्र मोदी ने दिल्ली मेट्रो में सफर किया, डॉ अम्बेडकर मेमोरियल का इनॉगरेशन करने जा रहे थे

3 वर्ष पहले
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नई दिल्ली.  नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को डॉ. अंबेडकर मेमोरियल के इनॉगरेशन पर कांग्रेस को बाबा साहब का विरोधी बताया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने अंबेडकर का नाम इतिहास से हटाने की कोशिश की। इतना ही नहीं उन्हें नेहरू की कैबिनेट से इस्तीफा देना पड़ा था। उन्होंने कहा कि 1972 में अंबेडकर मेमोरियल का विचार सामने आया था, लेकिन दूसरी सरकार ने इस प्रोजेक्ट की फाइलें दबा दीं। पहले की सरकारें काम पूरा करने की तारीख आगे बढ़ाती थीं, लेकिन हमारी सरकार काम पूरा करने के लिए तारीखें तय करती है। इसके पहले मोदी यहां मेट्रो ट्रेन से पहुंचे। उन्होंने लोक कल्याण मार्ग मेट्रो स्टेशन से अलीपुर रोड मेट्रो स्टेशन तक का सफर तय किया। 

 

 

पिछले 24 दिनों से कांग्रेस जिन 3 मुद्दों पर केंद्र सरकार को घेर रही थी मोदी ने दिया उनका जवाब 

 

उन्नाव और कठुआ रेप केस: "जिस तरह की घटनाएं हमने बीते दिनों में देखीं हैं, वो सामाजिक न्याय की अवधारणा को चुनौती देती हैं। पिछले 2 दिनों से जो घटनाएं चर्चा में हैं, वो निश्चित रूप से किसी भी सभ्य समाज के लिये शर्मनाक हैं। एक समाज के रूप में, एक देश के रूप में हम सब इसके लिए शर्मसार हैं।" 

- "देश के किसी भी राज्य में, किसी भी क्षेत्र में होने वाली ऐसी वारदातें, हमारी मानवीय संवेदनाओं को झकझोर देती हैं। मैं देश को विश्वास दिलाना चाहता हूं कि कोई अपराधी बचेगा नहीं, न्याय होगा और पूरा होगा। हमारे समाज की इस आंतरिक बुराई को खत्म करने का काम, हम सभी को मिलकर करना होगा।’’

विपक्ष ने क्या किया? उन्नाव और कठुआ रेप मामला तूल पकड़ने के बाद कांग्रेस ने गुरुवार देर रात  इंडिया गेट पर कैंडल मार्च निकाला। इसमें राहुल गांधी, प्रियंका गांधी के साथ कांग्रेस के बड़े नेता शामिल हुए। राहुल ने कहा कि यह मार्च राजनीति करने के लिए नहीं है, यह देश में महिलाओं के खिलाफ बढ़ते अत्याचारों को रोकने के लिए है। सरकार ऐसे मामलों में कुछ नहीं कर रही है।

 

एससी/एसटी एक्ट: "दलितों के सम्मान और हक के लिए हमारी सरकार पूरी तरह प्रतिबद्ध है। SC/ST मामलों की सुनवाई के लिए स्पेशल कोर्ट का गठन किया जा रहा है। सरकार ने कमीशन के गठन का फैसला भी किया है। सरकार ओबीसी समुदाय में अति पिछड़ों को आरक्षण का और ज्यादा फायदा देना चाहती है। इसीलिए सब कैटिगरी बनाने के लिए कमीशन बनाया गया है।" 

विपक्ष ने क्या किया? सुप्रीम कोर्ट ने 20 मार्च को एससी/एसटी एक्ट में फौरन गिरफ्तारी और जांच को लेकर नई गाइडलाइंस जारी की थीं। इसके बाद कांग्रेस और विपक्ष ने इसके लिए मोदी सरकार को दोषी ठहराया। 

 

भारत बंद: "कांग्रेस सिर्फ भ्रम फैला सकती है, इस कोशिश की एक तस्वीर इस महीने की 2 तारीख को हम देख चुके हैं। कभी आरक्षण खत्म किए जाने की अफवाह फैलाना, कभी दलितों के अत्याचार से जुड़े कानून को खत्म किए जाने की अफवाह फैलाना, भाई से भाई को लड़ाने में कांग्रेस कोई कोर-कसर नहीं छोड़ रही। ये बाबा साहेब के महान कर्मों का, देश के लिए उनकी सेवा का फल है कि एक परिवार की पूजा करने वाले, उस परिवार को देश का भाग्यविधाता समझने वाले, अब दिल पर पत्थर रखकर बाबा साहेब का नाम ले रहे हैं।" 

विपक्ष ने क्या किया? सुप्रीम कोर्ट की गाइंडलाइंस पर सोशल मीडिया पर भारत बंद ( 2 अप्रैल) का आह्वान किया गया। 10 राज्यों में हिंसा हुई। 15 लोगों की मौत हो गई। भाजपा ने आरोप लगाया कि इस बंद में हुई हिंसा के पीछे 

कुछ राजनीतिक पार्टियों का हाथ है। हालांकि, कांग्रेस और किसी भी विपक्षी पार्टी ने इस बंद का खुलकर समर्थन नहीं किया। 

 

 

मोदी ने बताया कि कैसे कांग्रेस ने बाबा साहेब को अहमियत नहीं दी? 

1)  "बाबा साहेब का चित्र लगाने के खिलाफ ये तर्क दिया जाता था कि संसद के सेंट्रल हॉल में जगह नहीं है। जिस व्यक्ति ने सेंट्रल हॉल में बैठेकर संविधान को रचा हो, उसकी बारीकी पर घंटों चर्चा की हो, कांग्रेस शासन के दौरान उसी के लिए सेंट्रल हॉल में कोई जगह नहीं थी।" 

2) "सच्चाई ये है कि बाबा साहेब के निधन के बाद कांग्रेस ने राष्ट्र निर्माण में उनके योगदान को भी मिटाने की कोशिश की। नेहरू जी से लेकर राजीव गांधी तक, कांग्रेस ने तमाम लोगों को भारत रत्न से सम्मानित किया, लेकिन उसे कभी बाबा साहेब ‘भारत के रत्न’ के लिए योग्य नहीं लगे। बाबासाहब को भारत रत्न तब मिला जब बीजेपी के समर्थन से वीपी सिंह की सरकार सत्ता में आई थी।"

3)  "साथियो, मैं चुनौती देता हूं कांग्रेस को, वो एक काम बता दें जो उसने बाबा साहेब के लिए किया है, वो एक काम बता दें जो उसने बाबा साहब के सम्मान के लिए किया है।" 
4)  "खुद नेहरू जी बाबासाहब को लोकसभा चुनाव में हराने के लिए प्रचार करने पहुंच गए थे। कांग्रेस द्वारा भ्रम फैलाया जाता है कि उसने बाबासाहब को कानून मंत्री बनाया। बाबासाहब देश के संविधान निर्माता थे। उन्होंने कांग्रेस के सिस्टम के आगे घुटने नहीं टेक। जिन लोगों ने ऐसा किया उन्हें किताबों में भी जगह नहीं दी गई।" 

5)  "आज 70 साल की कांग्रेस संसद में ओबीसी कमीशन को संवैधानिक दर्जा देने के काम को रोक रही है।" 

6)  विवादों की वजह से बाबासाहेब ने नेहरू जी के मंत्रिमंडल से इस्तीफा दे दिया। अपने बयान में बाबासाहेब ने एक - एक करके अपनी तकलीफों का जिक्र किया था। वजहें भी विस्तार से बताईं थीं, जिनकी वजह से उन्होंने इस्तीफा दिया। 

7) "अपने बयान में बाबासाहब ने लिखा था- "सरकार से मेरा मोहभंग होने की वजह दलितों से जुड़ी है। मुझे अफसोस है कि संविधान में पिछड़ी जातियों के लिए उचित कानून नहीं है। संविधान को लागू हुए एक साल से ज्यादा का समय हो चुका है लेकिन सरकार ने अब तक आयोग गठित करने के बारे में सोचा तक नहीं है'।" 

8)  "नेहरू मंत्रिमंडल के विस्तार के वक्त किसी मंत्रालय की अतिरिक्त जिम्मेदारी भी बाबासाहब को नहीं दी गई। बाबा साहेब ने लिखा था-“मुझे कैबिनेट की किसी कमेटी में नहीं लिया गया। न ही विदेश मामलों की कमेटी में, न ही रक्षा कमेटी में जब आर्थिक मामलों की कमेटी बन रही थी, तो मुझे लगा कि उसमें मुझे जरूर शामिल किया जाएगा, क्योंकि मैं अर्थशास्त्र और वित्तीय मामलों का छात्र रहा हूं। लेकिन मुझे उसमें भी छोड़ दिया गया।"

9)  "आज की पीढ़ी के लिए ये जानना भी आवश्यक है कि कैसे बाबासाहेब ने कांग्रेस का असली चरित्र देश के सामने रखा था। आज की पीढ़ी के लिए, ये जानना जरूरी है कि जब कांग्रेस आरोपों से घिरती है, तो सामने वाले व्यक्ति को जड़ से उखाड़ फेंकने के लिए साम-दाम-दंड-भेद, हर तरह से साजिश रचने लगी है।"
10‌ "कांग्रेस ने पूरी शक्ति लगा दी थी देश के इतिहास से बाबासाहब का नाम मिटाने के लिए। जब बाबासाहब जीवित थे तब भी कांग्रेस ने अपमान में कोई कोर कसर नहीं छोड़ी।" 
11) "न्यू इंडिया’ की बात मैं करता हूं वो बाबा साहेब के भी सपनों का भी भारत है। सरकार ने ऐतिहासिक निर्णय लेते हुए 26 नवंबर को संविधान दिवस घोषित किया और पहली बार संविधान पर संसद में 2 दिन तक चर्चा की गई।" 

 

 

मोदी के साथ लोगों ने ली सेल्फी 

- मोदी ने अलीपुर रोड तक जाने के लिए मेट्रो को चुना। उन्होंने लोक कल्याण मेट्रो मार्ग स्टेशन से अपनी यात्रा शुरू की। इस दौरान उन्होंने रास्ते में पैसेंजर्स से मुलाकात की। कुछ लोगों के साथ सेल्फी भी ली। बता दें कि राजधानी के अलीपुर रोड पर जहां डॉ. भीमराव अंबेडकर का निधन हुआ था। वहीं अत्याधुनिक म्यूजियम डॉ. बीआर अंबेडकर नेशनल मेमोरियल बनकर तैयार है। 

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