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इंटरनेशनल हवाई टिकटों पर टैक्स लगाना गलत, अंतर्राष्ट्रीय मानकों का उल्लंघन कर रहा है भारत: आईएटीए

बिजनेस क्लास के हवाई टिकटों पर 12% जीएसटी लगता है

Dainik Bhaskar

Jun 04, 2018, 02:03 PM IST
जीएसटी से पहले बिजनेस क्लास के हवाई टिकट पर 8.4% टैक्स लगता था।- सिंबॉलिक जीएसटी से पहले बिजनेस क्लास के हवाई टिकट पर 8.4% टैक्स लगता था।- सिंबॉलिक

  • आईएटीए के मुताबिक 2017 में दुनियाभर में 4 अरब से ज्यादा लोगों ने हवाई सफर किया
  • ग्लोबल एविएशन सेक्टर में इस साल कार्गो डिमांड 4% बढ़ने की उम्मीद

सिडनी. इंटरनेशनल एयर ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन (आईएटीए) ने अंतरराष्ट्रीय हवाई टिकटों पर टैक्स लगाने पर कड़ी आपत्ति जताई है। आईएटीए ने भारत सरकार से कहा है कि रेग्युलाइजेशन से हटकर दुनियाभर में कनेक्टिविटी बढ़ाने पर जोर देना चाहिए। साथ ही अंतरराष्ट्रीय मानकों का भी पालन होना चाहिए। आईएटीए की एजीएम के दौरान डीजी और सीईओ एलेक्जेंड्रे डी जुनाइस ने ये बात अंतरराष्ट्रीय टिकटों पर जीएसटी लगाए जाने के संदर्भ में कही।

आईएटीए ने टिकटों पर जीएसटी लगाने का जिक्र किया
- एलेक्जेंड्रे डी जुनाइस ने कहा, "ये मंजूर नहीं कि जिस सरकार ने अंतरराष्ट्रीय मानक तय किए, वो ही इनकी अनदेखी कर रही है। इंटरनेशनल सिविल एविएशन ऑर्गेनाइजेशन (आईसीएओ) के प्रस्ताव का उल्लंघन कर भारत अंतरराष्ट्रीय हवाई टिकटों पर टैक्स लगा रहा था, जबकि प्रस्ताव तैयार करने में भारत ने भूमिका निभाई थी।"

- उन्होंने बिजनेस क्लास के इंटरनेशनल हवाई टिकटों पर जीएसटी लगाने का जिक्र किया है।

अंतरराष्ट्रीय हवाई टिकटों पर टैक्स

क्लास जीएसटी जीएसटी से पहले सर्विस टैक्स
इकोनॉमी 5% 5.6%
बिजनेस 12% 8.4%

- जीएसटी लागू होने के बाद इकोनॉमी क्लास पर टैक्स 0.6% कम हो गया वहीं बिजनेस क्लास पर 3.6% बढ़ गया।

मुंबई-दुबई रुट के लिए बिजनेस क्लास का किराया

जीएसटी से पहले जीएसटी के बाद
बेस फेयर- 38,100 बेस फेयर- 38,100
सर्विस टैक्स- 3,200.40 (8.4%)

जीएसटी- 4,572 (12%)

अन्य चार्ज- 1,425

अन्य चार्ज 1,425

कुल- 42,725.40

कुल- 44,097

- ये गणना एयर इंडिया की फ्लाइट के किराए के मुताबिक है।

2017 में दुनियाभर के 4 अरब से ज्यादा लोगों ने हवाई सफर किया

- आईएटीए चीफ ने जानकारी दी कि 2017 में दुनियाभर में 4 अरब से ज्यादा यात्रियों ने उड़ान भरी और 60 अरब टन से ज्यादा सामान हवाई मार्ग से डिलीवर किया गया। भारी टैक्स, कमजोर रेग्युलाइजेशन और इंफ्रास्ट्रक्चर के दबाव की वजह से एविएशन इंडस्ट्री का संचालन चुनौती भरा है। फिर भी तमाम मुश्किलों के बावजूद एविएशन इंडस्ट्री की वित्तीय हालत मजबूत हुई है।

ग्लोबल पैसेंजर डिमांड 7% बढ़ने की उम्मीद

- आईएटीए के मुताबिक, इस साल दुनियाभर में पैसेंजर डिमांड 7% और कार्गो डिमांड 4% बढ़ने की उम्मीद है। ऐसे में अनुमान है कि एयरलाइंस को 40 अरब डॉलर की कमाई होगी। आईएटीए चीफ ने कहा कि सुरक्षित और बेहतर कनेक्टिविटी हमारा कोर मिशन है। एविएशन इंडस्ट्री में लगातार सुधार हो रहा है, लेकिन कुछ चुनौतियां भी हैं।

इस साल हवाई यात्रियों की संख्या 7% बढ़ने की उम्मीद।- सिंबॉलिक इस साल हवाई यात्रियों की संख्या 7% बढ़ने की उम्मीद।- सिंबॉलिक
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जीएसटी से पहले बिजनेस क्लास के हवाई टिकट पर 8.4% टैक्स लगता था।- सिंबॉलिकजीएसटी से पहले बिजनेस क्लास के हवाई टिकट पर 8.4% टैक्स लगता था।- सिंबॉलिक
इस साल हवाई यात्रियों की संख्या 7% बढ़ने की उम्मीद।- सिंबॉलिकइस साल हवाई यात्रियों की संख्या 7% बढ़ने की उम्मीद।- सिंबॉलिक
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