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इंडियन एयर फोर्स के जांबाज पायलट्स के प्रहार से थर्राया थार का रेगिस्तान

3 वर्ष पहले
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जोधपुर। थार का रेगिस्तान इन दिनों धमाकों से थर्रा रहा है। पोकरण स्थित देश की सबसे बड़ी फायरिंग रेंज में इंडियन एयर फोर्स के जांबाज पायलट्स 24 घंटे लगातार जबरदस्त बमबारी कर रहे है। रात-दिन गूंजते बम के धमाकों और उड़ते रेत के गुबार के कारण फायरिंग रेंज में पूरी तरह से युद्धक्षेत्र का आभास हो रहा है। देश में जारी इंडियन एयर फोर्स के अब तक के सबसे बड़े युद्धाभ्यास ऑपरेशन गगन शक्ति के तहत पश्चिमी सीमा पर स्थित विभिन्न एयर बेस से उड़ान भर फाइटर जेट पोकरण फायरिंग रेंज में अपने-अपने लक्ष्यों को बमबारी से उड़ा रहे है। ऐसे चल रहा है युद्धाभ्यास…

 

 

- सैन्य सूत्रों का कहना है कि शुरुआती कुछ दिन तक एयर टू एयर मारक क्षमता का प्रदर्शन करने के बाद अब सारा फोकस हवा से जमीनी हमले पर केन्द्रित हो गया है। इसके तहत पाकिस्तान से सटी पश्चिमी सीमा पर स्थित विभिन्न एयरबेस से उड़ान भर फाइटर जेट पोकरण फायरिंग रेंज में मिले अपने लक्ष्यों पर जबरदस्त बमबारी कर रहे है।

- दुश्मन के काल्पनिक ठिकानों पर एक के बाद एक कर फाइटर जेट्स लगातार प्रहार कर रहे है। फायरिंग रेंज में युद्ध जैसे हालात नजर आ रहे है। कभी सुखोई जबरदस्त प्रहार करता है तो कभी बुढ़ाते मिग अपना जलवा दिखा रहे है।

 

ऐसे मिलते है लक्ष्य

 

- दुश्मन के क्षेत्र में हमला करने के लिए पायलट्स को अलग-अलग लक्ष्य प्रदान किए जाते है। इन लक्ष्य को वे नक्शे की सहायता से देखते है। इसके बाद इसकी लोकेशन को ट्रेस कर उसकी दूरी व दिशा निकालते है। इतना पता कर पायलट अपना फाइटर जेट ले आसमान में उड़ान भर लेता है। लक्ष्य के निकट पहुंच एकदम नीची उड़ान भरते हुए लक्ष्य पर सटीक प्रहार करता है।

- जमीनी हमले के दौरान फाइटर जेट में लगे कैमरों में हमला दर्ज होता है। इससे पता चल जाता है कि हमला सफल रहा या विफल। यदि एक बार निशाना गलत लगा तो पायलट उसी समय अपना जेट वापस मोड़ता है और एक बार फिर हमला बोलता है।

- कैमरों के साथ ही जमीन पर मौजूद स्टाफ इन हमलों से हुए नुकसान के बारे में रिपोर्ट करता है। इससे मालूम पड़ जाता है कि जमीनी हमला कारगर रहा या नहीं। इसके आधार पर पायलट्स को अंक प्रदान किए जाते है।

 

एयर फोर्स का सबसे बड़ा युद्धाभ्यास है ऑपरेशन गगनशक्ति

 

- ऑपरेशन गगनशक्ति के तहत एयर फोर्स  ने अपने सभी तरह के विमानों व हेलीकॉप्टरों को मैदान में उतार दिया है। चीन और पाकिस्तान से सटी सीमा पर हमारे विमानों की गर्जना दुश्मन में खौफ पैदा कर रही है। पश्चिमी सीमा का कंट्रोल रूम जोधपुर को बनाया हुआ है। सामरिक नजरिये से सबसे महत्वपूर्ण इस एयरबेस के माध्यम से पूरी पश्चिमी सीमा पर ऑपरेशन गगन शक्ति को नियंत्रित किया जा रहा है। रविवार से शुरू हुआ यह युद्धाभ्यास 22 अप्रेल तक चलेगा।

- युद्ध अभ्यास के दौरान एयर सपोर्ट, नेटवर्क सेंट्रिक वॉरफेयर, अटैक, काउंटर अटैक, सेना के दूसरे अन्य अंगों के साथ संयुक्त ऑपरेशन आदि बातों पर ज़ोर दिया जाएगा। देश में ही बना स्वदेशी तेजस पहली बार किसी युद्ध अभ्यास में हिस्सा ले रहा है। साथ ही सुखोई-30, मिग-21, मिग-29, जगुआर और मिराज जैसे एयरफोर्स के 500 से ज्यादा लड़ाकू विमान हिस्सा लेंगे। लड़ाकू विमानों के अलावा बड़े परिवहन विमान सी-17 ग्लोब मास्टर, सी-130 जे सुपर हर्क्युलिस भी अभ्यास में शामिल होंगे। इनके अलावा  सभी श्रेणी के हेलीकॉप्टर भी अपना जलवा दिखाएंगे। इनमें देश में विकसित हल्के लड़ाकू हेलीकॉप्टर की अहम भूमिका रहेगी।

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