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डाउनलोड करेंनई दिल्ली. फेसबुक ने साल 2017 की ट्रांसपेरेंसी रिपोर्ट जारी की है। रिपोर्ट के मुताबिक फेसबुक डेटा के लिए भारतीय सरकार की ओर से ज्यादा जानकारी मांगी गई है। साल 2017 में भारत ने फेसबुक से डेटा संबंधी 22,024 जानकारियां मांगी जबकि साल 2016 में ये संख्या 13,613 थी। फेसबुक के मुताबिक 2016 की तुलना में 2017 में भारतीय सरकार की ओर से 62% ज्यादा डेटा मांगा गया। इस दौरान डेटा संबंधी जानकारियां मांगने की वैश्विक औसत दर 30% रही है।
सरकार को डेटा संबंधी 50% जानकारी मिली
- फेसबुक ने भारत सरकार की ओर से मांगी गई जानकारियों से जुड़े 50% मामलों में डेटा उपलब्ध करवाया।
2017 में डेटा की सरकारी डिमांड 30.5% बढ़ी
- फेसबुक को 2017 में डेटा के लिए दुनियाभर की सरकारों से 1,61,231आवेदन मिले। 2016 के 1,23,508 आवेदनों के मुकाबले ये 30.5% ज्यादा है।
- साल 2017 के शुरुआती 6 महीने में डेटा के लिए सरकारी डिमांड 4% बढ़ी।
अमेरिका की ओर से मांग घटी
- रिपोर्ट में फेसबुक ने कहा है कि 2017 की दूसरी छमाही में अमेरिकी सरकार की ओर से डेटा संबंधी जानकारी की मांग कम रही। यूएस की ओर से 32,742 आवेदन मिले।
- सरकारी अपीलों का कानून और शर्तों के मुताबिक जवाब दिया गया।
हिंसक पोस्ट में बढ़ोतरी
- रिपोर्ट में ये भी खुलासा हुआ है कि साल 2018 की पहली तिमाही में हिंसा फैलाने वाली पोस्ट में इजाफा हुआ है। न्यूज एजेंसी शिन्हुआ के मुताबिक हर 10,000 कंटेंट व्यू में से करीब 22-27 पोस्ट हिंसक होते हैं। जबकि 2017 के आखिरी तीन महीनों में ये संख्या 16-19 थी। कैंब्रिज एनालिटिका डेटा स्कैंडल के बाद ट्रांसपेरेंसी को लेकर एक रिपोर्ट में फेसबुक ने अपने 'कम्युनिटी स्टैंडर्ड्स' के तहत ऐसे कंटेंट के खिलाफ की गई कार्रवाई के बारे में जानकारी दी है।
3 महीने में 58 करोड़ अकाउंट बंद किए
- फेसबुक के मुताबिक 2018 के पहले तीन महीनों में 58 करोड़ फर्जी अकाउंट बंद किए गए हैं। ये ऐसे अकाउंट थे जो किसी ना किसी तरह सेक्सुअल और हिंसक तस्वीरें, आंतकी प्रॉपेगेंडा और नफरत को बढ़ावा दे रहे थे।
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