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69.10 रु. का हुआ 1 डॉलर: रुपया अब तक के सबसे निचले स्तर पर पहुंचा, कई चीजों के दाम बढ़ सकते हैं

रिजर्व बैंक ने रुपए को बचाने के लिए 70 से 80 करोड़ डॉलर मनी मार्केट में बेचे। तब जाकर 68.79 पर बंद हुआ।

Danik Bhaskar | Jun 29, 2018, 04:50 AM IST
एशिया में सबसे खराब हाल रुपया एशिया में सबसे खराब हाल रुपया

कंपनियाें को कई जरूरी के अलावा दूसरी चीजों के दाम बढ़ाने या उनके मार्जिन कम करना होंगे

डॉलर 72 रु. तक जा सकता है। ऐसा हुआ तो सरकार का घाटा भी बढ़ेगा

मुंबई. रुपया गुरुवार को डॉलर की तुलना में सबसे निचले स्तर पर पहुंच गया। एक डॉलर 69.10 रु. का हो गया। रिजर्व बैंक ने रुपए को बचाने के लिए 70 से 80 करोड़ डॉलर मनी मार्केट में बेचे। तब जाकर 68.79 पर बंद हुआ। क्लोजिंग का सबसे निचला स्तर 28 अगस्त 2013 को 68.80 रुपए था। 15 जून को विदेशी मुद्रा भंडार 410 अरब डॉलर था। अमेरिका के साथ चीन और यूरोपियन यूनियन के ट्रेड वार से एशियाई करेंसी दबाव में हैं। क्रूड की कीमत बढ़ने से रुपए में गिरावट ज्यादा आई है। कमजोर रुपए से निर्यातकों को बहुत फायदा नहीं होने वाला, क्योंकि भारत के साथ दूसरी एशियाई करेंसी भी कमजोर हो रही हैं।

गिरावट की 3 बड़ी वजह

- अमेरिकी ट्रेड वार के कारण एशियाई देशों की करेंसी कमजोर हो रही है।
- विदेशी निवेशक इक्विटी और डेट मार्केट से पैसे निकाल रहे हैं। जनवरी से अब तक 46,196 करोड़ रु. निकाले।
- क्रूड फरवरी में 63 डॉलर बैरल का था। अब 78 का है। यानी 24% महंगा हुआ।

ये चीजें महंगी होंगी
कच्चा तेल, खाद, दवाइयां, साबुन, डिटर्जेंट, डियोड्रेंट, शैंपू, दाल, खाने का तेल, लक्जरी कार, टीवी, मोबाइल फोन, कंप्यूटर। कंपनियां इनके दाम बढ़ाएंगी या उन्हें मार्जिन कम करना होगा।

आगे क्या: एक डॉलर 72 रुपए का हो सकता है...
विशेषज्ञ कह रहे हैं कि अगर रुपया 69.50 के पार गया तो गिरावट और होगी। डॉलर 72 रु. तक जा सकता है। ऐसा हुआ तो सरकार का घाटा भी बढ़ेगा। एशिया में सबसे खराब हाल रुपया का ही है।