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दुनिया के नं. 1 शटलर बने किदांबी श्रीकांत, ऐसा करने वाले भारत के पहले पुरुष प्लेयर

नया रैंकिंग सिस्टम आने के बाद श्रीकांत पहले ऐसे भारतीय पुरुष शटलर हैं जो इस मुकाम पर पहुंचने में कामयाब हुए हैं।

Dainik Bhaskar

Apr 12, 2018, 02:01 PM IST
साल 1980 में तीन बड़े टूर्नामेंट साल 1980 में तीन बड़े टूर्नामेंट

स्पोर्ट्स डेस्क. भारत के स्टार शटलर किदांबी श्रीकांत ने नया इतिहास रच दिया है। वे दुनिया में नंबर वन रैंकिंग पाने वाले भारत के पहले पुरुष बैडमिंटन प्लेयर बन गए हैं। गुरुवार को जारी ताजा BWF (बैडमिंटन वर्ल्ड फेडरेशन) रैंकिंग में उन्होंने ये अचीवमेंट हासिल किया। नया रैंकिंग सिस्टम आने के बाद श्रीकांत पहले ऐसे भारतीय पुरुष शटलर हैं जो इस मुकाम पर पहुंचने में कामयाब हुए हैं। हालांकि उनसे पहले साल 1980 में तीन टॉप टूर्नामेंट जीतने के बाद प्रकाश पादुकोण को नंबर-1 माना जाता था, लेकिन तब ये रैंकिंग सिस्टम नहीं था। श्रीकांत पिछले साल भी नंबर-1 के करीब पहुंचे थे लेकिन चोट के कारण वो टॉप पर नहीं पहुंच पाए थे। इससे पहले साइना नेहवाल भी अप्रैल 2015 में नंबर 1 शटलर रह बनी थीं। किदाम्बी श्रीकांत बने दुनिया के नंबर वन शटलर...

- श्रीकांत ने गोल्ड कोस्ट में चल रहे 21वें कॉमनवेल्थ गेम्स की शुरुआत वर्ल्ड के दूसरे नंबर के प्लेयर के रूप में की थी। लेकिन गुरुवार को जारी बीडब्ल्यूएफ वर्ल्ड रैंकिंग में वे एक स्थान उठकर टॉप पर पहुंच गए, जो कि उनके करियर की बेस्ट रैंकिंग है।
- 25 साल के श्रीकांत के अब 76,895 रेटिंग प्वाइंट हो गए हैं। उन्होंने साल 2017 में रिकार्ड चार सुपर सीरीज खिताब अपने नाम किए थे।
- श्रीकांत के बाद डेनमार्क के विक्टर एक्सेलसन हैं, जो एक पोजिशन खिसककर दूसरे नंबर पर पहुंच गए हैं। गोल्ड कोस्ट में मिक्स्ड टीम बैडमिंटन इवेंट में श्रीकांत ने जीत में अहम भूमिका निभाई और फाइनल में उन्होंने पूर्व नंबर एक मलेशिया के ली चोंग वेई के खिलाफ अपना अहम सिंगल मैच जीता था।
- बीते साल अक्टूबर में श्रीकांत ने डेनमार्क ओपन का खिताब जीता था और ये उपलब्धि हासिल करने वाले प्रकाश पादुकोण के बाद वे दूसरे भारतीय शटलर बने थे।
- इसके अलावा साइना नेहवाल के बाद एक ही साल में तीन सुपर सीरीज खिताब जीतने वाले भी वे देश के पहले पुरुष बैडमिंटन खिलाड़ी भी हैं। श्रीकांत फ्रेंच ओपन खिताब जीतने के बाद रैंकिंग में चौथे स्थान से उठकर दूसरी रैंकिंग पर पहुंचे थे।
- वुमन सिंगल्स में भारत की पीवी सिंधु अपनी तीसरी और साइना नेहवाल अपनी 12वीं पोजिशन पर बनी हुई हैं।

पिता के कहने पर सीखा बैडमिंटन

- श्रीकांत का जन्म 7 फरवरी 1993 को गुंटूर (आंध्रप्रदेश) में हुआ। उनके पिता किट्टू किदांबी किसान और माता राधा हाउसवाइफ रही हैं। वहीं उनके बड़े भाई भी बैडमिंटन प्लेयर रहे हैं। साल 2008 में उनका परिवार हैदराबाद शिफ्ट हो गया।
- टीनेज के दौरान श्रीकांत भी अपनी करिअर को लेकर सीरियस नहीं थे। उन्हें नहीं पता था कि भविष्य में क्या करना है? इसी बात को लेकर उनके पिता काफी परेशान रहते थे।
- श्रीकांत को फोकस्ड ना देख उनके पिता ने बड़े बेटे की तरह ही उन्हें भी बैडमिंटन सीखने के लिए भेज दिया। इसके बाद श्रीकांत ने गोपीचंद अकादमी ज्वाइन कर ली।
- शुरुआत में वे डबल्स और मिक्स्ड डबल्स की ट्रेनिंग लेते थे। तीन साल बाद सिंगल्स पर फोकस करना शुरू कर दिया।

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