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25% भारतीयों के ऑनलाइन ठगी का शिकार होने का खतरा, सिर्फ 6% लोग साझा किए पर्सनल डेटा पर नजर रखते हैं: रिपोर्ट

वित्तीय सूचना देने वाली वैश्विक कंपनी एक्सपीरियन की हाल ही में आई एक रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई।

Danik Bhaskar | Jun 19, 2018, 06:17 PM IST
रिपोर्ट के मुताबिक इलेक्ट्रॉ रिपोर्ट के मुताबिक इलेक्ट्रॉ
  • डिजिटल हुए भारतीयों में से 65% ने मोबाइल से होने वाले लेनदेन को अपनाया
  • बैंकों के साथ डेटा साझा करने के मामले में भारतीय बहुत सहज होते हैं

मुंबई. डिजिटली सक्रिय हो रहे भारतीयों के ऑनलाइन ठगी का शिकार होने की आशंका बढ़ गई है। हर चार में से एक यानी 25% पर ठगी का खतरा मंडरा रहा है। वित्तीय सूचनाओं पर रिसर्च करने वाली वैश्विक कंपनी एक्सपीरियन की हाल ही में आई एक रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई है। कंपनी ने ऑस्ट्रेलिया, चीन, हांगकांग, भारत, इंडोनेशिया, जापान, न्यूजीलैंड, सिंगापुर, थाइलैंड और वियतनाम में ऑनलाइन सर्वे किया। हालांकि, कंपनी ने यह नहीं बताया कि उसने कितने लोगों के बीच यह सर्वे किया।
रिपोर्ट में कहा गया है कि एशिया-प्रशांत क्षेत्र में जितने लोग डिजिटल सेवाओं का इस्तेमाल करते हैं, उनमें 90% भारतीय ही हैं। इनमें से 24% भारतीय ऑनलाइन ट्रांजैक्शन के दौरान धोखाधड़ी का सीधे तौर पर शिकार होते हैं। तीन सेक्टर- टेलीकम्युनिकेशन (57%), बैंक (54%) और रिटेल सेक्टर (46%) में सबसे ज्यादा धोखाधड़ी होती है। रिपोर्ट में कहा गया कि 50% भारतीय बैंकों के साथ सहज तरीके से डेटा साझा कर लेते हैं।

पर्सनल डेटा पर नजर रखने के मामले में जापान के लोग आगे : डिजिटल हो चुके भारतीयों में से 65% ने मोबाइल ट्रांजैक्शंस को अपनाया है। 51% भारतीय अलग-अलग तरह की सेवाओं का फायदा लेने के लिए अपने निजी डेटा को आसानी से साझा कर देते हैं। लेकिन महज 6% उपभोक्ता ही साझा किए गए पर्सनल डेटा पर खुद नजर रखते हैं। इस मामले में जापान के लोग सबसे आगे हैं। वहां 8% लोग अपने पर्सनल डेटा पर नजर रखते हैं। रिपोर्ट में चेतावनी दी गई है कि इलेक्ट्रॉनिक्स और ट्रैवल सेक्टर में बड़े स्तर पर उपभोक्ताओं का डेटा इकट्ठा किया जा रहा है। दोनों सेगमेंट में ऑनलाइन धोखाधड़ी का ज्यादा खतरा है।