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गठबंधन से हरियाणा में 15 से ज्यादा सीटों पर इनेलो का हार का अंतर पूरा कर सकती है बसपा

3 वर्ष पहले
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पानीपत.   करीब साढ़े 13 साल से सत्ता से बाहर इनेलो के प्रदेश में चौथे नंबर की बसपा से गठबंधन को उसके वापसी का प्रयास माना जा रहा है। बसपा का हरियाणा में परंपरागत वोट बैंक है, जो चुनावी खेल बना और बिगाड़ सकता है। बात यदि पिछले चार चुनाव की करें तो वोट बैंक कुछ घटा-बढ़ा जरूर है। पिछले विधानसभा चुनाव में बसपा को 4.37 फीसदी वोट मिले और वह चौथे नंबर पर रही। हालांकि 2009 के विधानसभा चुनाव में उसे 6.37 फीसदी वोट मिले थे। 13 सीटों पर पार्टी उम्मीदवारों ने 10 से 28 फीसदी तक वोट हासिल किए थे। 6 सीटें एेसी थीं, जिन पर उम्मीदवार 5 से 9 फीसदी वोट ले पाए थे। इनेलो के करीब 17 उम्मीदवार दूसरे नंबर पर रहे थे, जिनमें ज्यादातर का विजेता उम्मीदवार से मािर्जन 5 फीसदी से कम था। ऐसे में गठबंधन से इनेलो को फायदा होने के आसार बन सकते हैं।

 

जीटी बेल्ट- दक्षिणी में अच्छा-खासा वोट बैंक

बसपा का वोट बैंक जीटी बेल्ट के अलावा जींद और यूपी से सटे फरीदाबाद, नूंह, पलवल में अच्छा खासा है। इन्हीं इलाकों से ज्यादा सीटें लेकर भाजपा ने सरकार बनाई है। खासकर नारायणगढ़, जगाधरी, असंध, जुलाना, घरोंदा, सफीदों, पृथला, बड़खल, तिगांव, हथीन आदि सीटों पर बसपा का ठीक-ठाक वोट बैंक है।

 

पिछले विधानसभा चुनाव में 17 सीटों पर दूसरे नंबर पर रहा इनेलो

पिछले विधानसभा चुनाव में इनेलो के उम्मीदवार मुलाना, लाडवा, कलायत, राई, गोहाना, बरौदा, उचाना कलां, टोहाना, नारनौंद, बवानी खेड़ा, नारनौल, नांगल चौधरी और पुन्हाना में सिर्फ 3 वोट से लेकर 6 फीसदी वोटों से ही पिछड़े हैं। सोहना, मुलाना, साढ़ौरा, घरोंदा, असंध, सोहना, और पुन्हाना जैसी सीटों पर हार का इतना ही फासला रहा, जिसे बसपा का वोट बैंक पूरी कर सकता है।

 

इनेलो को मिला है हर गठबंधन से फायदा 

इनेलो ने जब भी किसी के साथ गठबंधन किया है, उसे फायदा ही मिला है। 1998 में लोकसभा चुनाव बसपा के साथ मिलकर लड़ा था। दस सीटों में तीन पर बसपा और सात पर इनेलो उम्मीदवार चुनाव मैदान में उतरे थे। इनमें सीटों पर इनेलो और एक सीट पर बसपा उम्मीदवार जीता। बाद में गठबंधन टूट गया और 1999 के उप चुनाव में इनेलो ने भाजपा के साथ गठबंधन किया। इसके बाद 2000 के विधानसभा के आम चुनाव में भी इनेलो का गठबंधन भाजपा के साथ रहा।

 

बेमेल शादी जैसा गठबंधन-भाजपा

भाजपा प्रदेशाध्यक्ष सुभाष बराला ने इनेलो-बसपा के गठबंधन को अक्षय तृतीय पर बेमेल शादी की तरह बताया है। दोनों ही पार्टियां अपने अस्तित्व की लड़ाई लड़ रही हैं।

 

फिर टूटेगा गठबंधन: हुड्डा 

पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा का कहना है कि एक बार फिर इतिहास दोहराया जाएगा। इनमें गठबंधन पहले भी हुआ था, जो पोलिंग के दिन टूट गया था। 

 

 

 

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