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भास्कर न्यूज नेटवर्क. मोदी सरकार के 4 साल के कामकाज पर भास्कर ने देश का सबसे बड़ा सर्वे किया है। इसके नतीजे जहां देश के मूड को दिखाते हैं, वहीं यह उन तीन राज्यों के लिए और भी खास हो जाते हैं, जहां इस साल विधानसभा चुनाव होने हैं। राजस्थान, मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ तीनों ही राज्यों में भाजपा की सरकारें हैं। सर्वे में जो रुझान सामने आया है, उससे स्थानीय मुद्दों पर लोगों की राय को भी समझा जा सकता है। उदाहरण के तौर पर सरकारी आंकड़ों के अनुसार, जहां मध्यप्रदेश और राजस्थान में दुष्कर्म के सबसे ज्यादा मामले सामने आते हैं, वहां 82% लोगों ने 12 से कम उम्र की नाबालिग से दुष्कर्म के दोषियों को फांसी जैसे सख्त फैसले को अच्छा कदम माना है।
लोगों ने मोदी सरकार की हेल्थ स्कीम को सराहा
- सर्वे में शामिल 33% किसानों ने कहा है कि मोदी सरकार किसानों की आत्महत्याओं को रोकने में विफल रही है। इन तीनों ही राज्यों में भी किसानों का मुद्दा सबसे ज्यादा गरम है। मध्यप्रदेश में 20%, राजस्थान में 18% और छत्तीसगढ़ में 17% लोगों ने किसानों की आत्महत्याएं न रोक पाने को मोदी की सबसे बड़ी विफलता माना है। हाल ही लाॅन्च की गई मोदी की हेल्थ स्कीम पर भी लोगों ने अच्छी प्रतिक्रिया दी।
- हालांकि, मोदी सरकार की हेल्थ स्कीम जिसकी शुरुआत छत्तीसगढ़ से हुई, उसे इन तीनों राज्यों में सबसे कम सफल 67% भी छत्तीसगढ़ ने ही माना। राजस्थान में 69% और मध्यप्रदेश में 68% लोगों ने हेल्थ स्कीम को सफल माना।
- मोदी सरकार के कामकाज की ओवरऑल रेटिंग अगर देखी जाए तो... राजस्थान ने देश के औसत 8 अंक से भी ज्यादा यानी 9 अंक मोदी को दिए हैं। छत्तीसगढ़ और मध्यप्रदेश ने देश के मिजाज के अनुसार ही मोदी को रेटिंग दी है।
- तीनों ही राज्यों में राजस्थान ही ऐसा रहा, जहां सर्वाधिक 37% ने मोदी को दस में से दस अंक दिए। गुजरात से भी ज्यादा, जहां 36% ने मोदी को परफेक्ट टेन दिया है।
सबसे जरूरी मुद्दों पर तीनों राज्यों की राय
1) सबसे बड़ी उपलब्धि
- मध्यप्रदेश में 50%, राजस्थान में 57% और छत्तीसगढ़ में 50% लोगों को सबसे बड़ी उपलब्धि विदेशों में भारत की बढ़ती साख लगती है।
2) सबसे बड़ी विफलता
- मध्यप्रदेश में 56%, राजस्थान में 55% और छत्तीसगढ़ में 59% ने कहा: मोदी सरकार में न महंगाई घटी, न राेजगार बढ़े।
3) सबसे अच्छी योजना
- मध्यप्रदेश में 93% ने स्वच्छ भारत, राजस्थान में 91% और छत्तीसगढ़ में 90% लोगों ने स्वच्छ भारत को चुना।
4) सबसे बड़ा कदम
- मध्यप्रदेश में 83% लोगों ने सर्जिकल स्ट्राइक को चुना। राजस्थान में 82% ने 12 से कम उम्र की नाबालिग से दुष्कर्म के दोषियों को फांसी और छत्तीसगढ़ में 84% लोगों ने ट्रिपल तलाक के खात्मे को चुना।
48.04% लोगों ने कहा- राहुल गांधी जैसे थे, वैसे ही हैं, मोदी को टक्कर नहीं दे सकते
- राहुल गांधी परिपक्व हुए हैं और वे मोदी को टक्कर दे सकते हैं...यह मानने वाले देश में जहां 22.10% लोग हैं, वहीं महिलाओं में यह आंकड़ा 26.57% है। दूसरी ओर वे जैसे थे, वैसे ही हैं और मोदी को टक्कर नहीं दे सकते, ऐसा देश में 48.04% लोग सोचते हैं।
- हालांकि, देश के औसत से भी ज्यादा कारोबारियों का रुझान चौंकाता है। 53.66% कारोबारी मानते हैं कि राहुल जैसे थे, वैसे ही हैं।
मोदी की लोकप्रियता पर क्या कहा?
सवाल- कितने प्रतिशत लोग सोचते हैं कि मोदी पहले से ज्यादा लोकप्रिय हुए हैं?
- राजस्थान 50%
- मध्यप्रदेश 48%
- छत्तीसगढ़ 46%
सवाल- देश में नरेंद्र मोदी की लोकप्रियता 2014 की तुलना में बढ़ी है?
- 30.06% लोगों ने माना कि मोदी की लोकप्रियता घटी है। वहीं गृहिणियां और कारोबारी वर्ग थोड़ा ज्यादा मोदी के साथ दिखा। देश के औसत की तुलना में सिर्फ 25.19 % गृहिणियां और 26.78 % कारोबारी मानते हैं कि मोदी की लोकप्रियता पहले की तुलना में घटी है।
- सर्वे में हिस्सा लेने वाले 46.61% लोगों के अनुसार मोदी 2014 की तुलना में अधिक लोकप्रिय हुए हैं। वहीं प्रोफेशनल डिग्री होल्डर्स में ऐसा मानने वालों का आंकड़ा थोड़ा कम है। 41.94% प्रोफेशनल डिग्री होल्डर्स ही मानते हैं कि मोदी पहले से ज्यादा लोकप्रिय हुए हैं।
नरेंद्र मोदी ने मुस्लिम महिलाओं का भरोसा जीता
- सर्वे में एक अहम सवाल मुस्लिमों का भरोसा जीतने का था। देश में जहां 68.09% लोग मानते हैं कि तीन तलाक खत्म कर मोदी ने मुस्लिम महिलाओं का भरोसा जीता। इसी सवाल के जवाब में आम महिलाओं और गृहिणियों के बीच अंतर देखने को मिला।
- जहां 67.86% महिलाएं मानती हैं कि मोदी ने मुस्लिम महिलाओं का भरोसा जीता है, वहीं 73.59% गृहिणियां ऐसा मानती हैं। (यह देश के औसत से करीब पांच फीसदी ज्यादा है।)
- महिलाएं चूंकि महंगाई से रोज रूबरू होती हैं, ऐसे में उन्होंने इससे जुड़े सवाल में अपनी नाराजगी भी ज्यादा दिखाई। देश में जहां 54.12% लोग महंगाई न घटने, रोजगार न बढ़ने को सबसे बड़ी विफलता मानते हैं, वहीं 57.67% महिलाएं ऐसा सोचती हैं।
भास्कर के सर्वे में महिलाओं, बुजुर्ग, कारोबारी और प्रोफेशनल्स ने अहम राय दी है।
# बुजुर्ग: 66% ने कहा तीन तलाक के खात्मे का फैसला सही
- 66 साल से ऊपर के अधिकतर बुजुर्ग मोदी के पक्ष में ही खड़े दिखे। मोदी की लोकप्रियता और दोबारा सरकार बनाने जैसे सवालों पर 50% से अधिक लोगों ने मोदी का साथ दिया।
- राहुल की परिपक्वता और मोदी को टक्कर देने जैसे सवाल पर 58% ने कहा राहुल पहले जैसे ही हैं, मोदी से उनकी तुलना नहीं की जा सकती। 44% ने कहा- अगर विपक्ष एकजुट हो भी जाए तो भी मोदी को नहीं हरा सकता। 66% बुजुर्ग कहते हैं कि तीन तलाक के खात्मे का फैसला सही है।
# कारोबारी: मुद्दों पर साथ, पर खुद से जुड़े फैसलों से नाराज
- कारोबारी सर्वे में थोड़े नाराज नजर आए। कई मुद्दों पर जहां औसतन मोदी को 60% से ऊपर समर्थन मिला, वहीं कारोबारियों का समर्थन 50% से नीचे रहा। हालांकि तीन तलाक के खात्मे, मोदी दोबारा सरकार बना सकते हैं...जैसे कुछ सवालों पर 60% से अधिक कारोबारी भी मोदी सरकार के फैसले का समर्थन करते हैं। लेकिन ओवरऑल ज्यादा नाराज होने वाले वर्ग के रूप में व्यापारी और कारोबारी ही सामने आए।
# महिलाएं: गृहणी और कामकाजी महिलाओं की राय अलग
- 12 साल से कम उम्र की बच्चियों के दुष्कर्मियों को फांसी के प्रावधान को 79% गृहिणियों ने सही फैसला बताया। इसी तरह तीन तलाक के खात्मे को 66% ने अच्छा बताया। वहीं, मोदी के दोबारा सरकार बनाने, लोकप्रियता, राहुल के परिपक्व होने व टक्कर देने जैसे सवाल पर गृहिणियों ने मोदी का एकतरफा समर्थन नहीं किया। इन्हीं मामलों में कामकाजी महिलाओं की राय गृहिणियों से अलग नजर आई।
# युवा: मोदी सरकार के काम से 18 से 25 साल के युवा खुश
- 18 से 25 साल के युवाओं ने अधिकतर सवालों में मोदी सरकार का सबसे अधिक समर्थन किया। मोदी की दोबारा सरकार, विपक्ष हरा सकता है या नहीं? जैसे सवालों पर औसतन 60% से अधिक युवा मोदी के पक्ष में ही दिखाई दिए।
- 64% मानते हैं मोदी दोबारा सरकार बना सकते हैं। लोकप्रियता पहले से बढ़ी मानने वालों में सबसे अधिक ऐसे ही 53% युवा है। ऐसे ही 54% मानते हैं कि विपक्ष एकजुट हो भी जाए तो भी वह मोदी को हरा नहीं सकता।
इस तरह हुआ देश का सबसे बड़ा भास्कर सर्वे
- मोदी सरकार पर भास्कर का यह चौथा सर्वे है। सर्वे के परिणाम इसलिए भी अहम हैं, क्योंकि ये चुनाव से ठीक साल पूर्व देश के मन की बात को सामने रखते हैं। पहला सर्वे जहां युवाओं पर आधारित था, वहीं दूसरा सर्वे महिलाओं की राय पर आधारित था।
- 2017 में भास्कर ने मोदी सरकार के कामकाज पर देश का सबसे बड़ा सर्वे किया। इसी तरह इस वर्ष 29 राज्यों और सात केन्द्र शासित प्रदेशों में यह सर्वे किया गया। पिछले वर्ष की तुलना में इस वर्ष 38 फीसदी ज्यादा लोगों ने हिस्सा लिया।
- सात दिन चले सर्वे में रिकॉर्ड 2 लाख, 81 हजार 292 पाठकों ने हिस्सा लिया। यह किसी भी अख़बार द्वारा कराए गए सर्वे में हिस्सा लेने वालों की अब तक की सबसे बड़ी संख्या है।
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