Hindi News »Sports »Other Sports »Football» Fifa World Cup: Golden Glove Award Preview, Live, News And Updates

फीफा: गोल्डन ग्लव की रेस में बेल्जियम के कोर्टोइस सबसे आगे, लेकिन पिकफोर्ड-लोरिस और सुबासिच दे रहे कड़ी चुनौती

इस दौड़ में शामिल गोलकीपर्स में इंग्लैंड के जॉर्डन पिकफोर्ड सबसे युवा, उम्र महज 24 साल

DainikBhaskar.com | Last Modified - Jul 12, 2018, 01:06 PM IST

  • फीफा: गोल्डन ग्लव की रेस में बेल्जियम के कोर्टोइस सबसे आगे, लेकिन पिकफोर्ड-लोरिस और सुबासिच दे रहे कड़ी चुनौती, sports news in hindi, sports news
    +3और स्लाइड देखें
    • इंग्लैंड के हैरी केन गोल्डन बूट पाने की दौड़ में सबसे आगे, उनके 6 गोल
    • बेल्जियम के थिबाउट कोर्टोइस को मिल सकता है गोल्डन ग्लोव पुरस्कार
    • कोर्टोइस ने विश्व कप के 6 मैच में 22 गोल बचाए

    मॉस्को.फुटबॉल विश्व कप का फाइनल मुकाबला 15 जुलाई को फ्रांस और क्रोएशिया के बीच खेला जाएगा। उस दिन गोल्डन बूट, गोल्डन बॉल, गोल्डन ग्लव पुरस्कार पाने वाले खिलाड़ी का नाम भी तय होगा। हैरी केन के 6 गोल करने के बाद से ही उन्हें गोल्डन बूट का तगड़ा दावेदार बताया जाने लगा है। वहीं, गोल्डन ग्लव पुरस्कार की रेस में बेल्जियम के थिबाउट कोर्टोइस सबसे आगे चल रहे हैं। उन्होंने 6 मैच में 22 गोल बचाए हैं। हालांकि, इंग्लैंड के जॉर्डन पिकफोर्ड, फ्रांस के हुगो लोरिस और क्रोएशिया के डेनियल सुबासिच भी उन्हें कड़ी चुनौती दे रहे हैं। इन सभी गोलकीपर्स ने नाजुक मौकों पर अपनी-अपनी टीम को जिताने में अहम भूमिका निभाई है।

    थिबाउट कोर्टोइसःविश्व कप शुरू होने से पहले बेल्जियम की टीम में रोमेलु लुकाकू, केविन डि ब्रएन और एडन हेजार्ड हीरो थे। लेकिन ब्राजील के खिलाफ क्वार्टर फाइनल मैच में 26 साल के कोर्टोइस ने दिखाया कि गोलकीपर भी मैच की बाजी पलट सकता है। उन्होंने मैच के दौरान करीब 12 गोल बचाए। नतीजा ब्राजील के हाथ से मैच निकल गया और बेल्जियम ने दूसरी बार सेमीफाइनल में जगह बनाई। हालांकि, अब उनकी टीम टूर्नामेंट से बाहर हो चुकी है।

    जॉर्डन पिकफोर्ड ने बदला इतिहास:ट्यूनीशिया के एक गोल और पनामा के खिलाफ हैट्रिक लगाने के बाद इंग्लैंड की टीम में हैरी केन मैच विनर माने जाने लगे थे।लेकिन स्वीडन के खिलाफ 24 साल के पिकफोर्ड ने फुल टाइम तक न सिर्फ बेहतरीन बचाव किए, बल्कि मुकाबला जब पेनल्टी शूट आउट में पहुंचा तो गोल रोककर इंग्लैंड को 28 साल बाद सेमीफाइनल में भी पहुंचाया। विश्व कप के इतिहास में पेनल्टी शूट आउट में इंग्लैंड की यह पहली जीत थी। पिकफोर्ड ने क्वार्टर फाइनल मुकाबलों तक 10 बचाव किए।

    हुगो लोरिस ने टीम और गोलपोस्ट दोनों को संभाला:फ्रांस विश्व कप के 80 साल के इतिहास में यदि तीसरी बार फाइनल में पहुंचा है, तो इसके पीछे किलिएन एम्बाप्पे, एंटोनी ग्रीजमैन के अलावा उसके कप्तान और गोलकीपर हुगो लोरिस का भी अहम योगदान है। उन्होंने अब तक हुए मुकाबलों में फ्रांस के खिलाफ 73% गोल के प्रयास के नाकाम किए हैं। यही नहीं अपनी टीम के खिलाफ गोल न होने पाए इसके लिए 31 साल के लोरिस मैदान पर 21 किलोमीटर दौड़े भी। इसमें 7.6 किमी के दौरान उन्होंने गेंद को अपने कब्जे में रखा।

    सुबासिच चोट लगने के बाद भी खेलेःविश्व कप से पहले क्रोएशिया के चर्चित खिलाड़ियों में राकिटिच और लुका मोड्रिक थे। प्री-क्वार्टर और क्वार्टर फाइनल के लगातार दो मैच में पेनल्टी शूट आउट में टीम की जीत के नायक बने। रूस के खिलाफ क्वार्टर फाइनल में तो 33 साल के सुबासिच चोटिल होने के बावजूद मैदान पर डटे रहे। यह उन्हीं के शानदार प्रदर्शन का नतीजा है कि टीम ने फाइनल तक का सफर तय किया। सुबासिच ने क्रोएशिया के खिलाफ हुए मुकाबलों में 80% गोल के प्रयास के नाकाम किए हैं।

  • फीफा: गोल्डन ग्लव की रेस में बेल्जियम के कोर्टोइस सबसे आगे, लेकिन पिकफोर्ड-लोरिस और सुबासिच दे रहे कड़ी चुनौती, sports news in hindi, sports news
    +3और स्लाइड देखें
  • फीफा: गोल्डन ग्लव की रेस में बेल्जियम के कोर्टोइस सबसे आगे, लेकिन पिकफोर्ड-लोरिस और सुबासिच दे रहे कड़ी चुनौती, sports news in hindi, sports news
    +3और स्लाइड देखें
  • फीफा: गोल्डन ग्लव की रेस में बेल्जियम के कोर्टोइस सबसे आगे, लेकिन पिकफोर्ड-लोरिस और सुबासिच दे रहे कड़ी चुनौती, sports news in hindi, sports news
    +3और स्लाइड देखें
आगे की स्लाइड्स देखने के लिए क्लिक करें
दैनिक भास्कर पर Hindi News पढ़िए और रखिये अपने आप को अप-टू-डेट | अब पाइए News in Hindi, Breaking News सबसे पहले दैनिक भास्कर पर |

More From Football

    Trending

    Live Hindi News

    0

    कुछ ख़बरें रच देती हैं इतिहास। ऐसी खबरों को सबसे पहले जानने के लिए
    Allow पर क्लिक करें।

    ×