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कबड्डी में भी बने करोड़पति, IPL से बस एक कदम पीछे है यह लीग

PKL के छठे सीजन की शुरुआत 19 अक्टूबर से होगी और यह 11 जनवरी 1919 तक चलेगी।

Dainik Bhaskar

May 31, 2018, 09:27 PM IST
Karorpati Players in Pro Kabaddi League 2018

नेशनल डेस्क। प्रो कबड्डी लीग (PKL) के छठे सीजन के लिए खिलाड़ियों की नीलामी गुरुवार को खत्म हो गई। इस सीजन के लिए करीब 200 खिलाड़ियों पर लगभग 47 करोड़ रुपए की बोली लगाई गई। यह पहला मौका था जब इस लीग में खिलाड़ियों को करोड़पति बनने का मौका मिला है।

बन जाएगा इंडिया का सबसे बड़ा स्पोर्ट इवेंट :
PKL के छठे सीजन की शुरुआत 19 अक्टूबर से होगी और यह 11 जनवरी 1919 तक चलेगी। इस दौरान 12 टीमें अगले 13 हफ्ते तक 138 मैच खेलेंगी। मैचों के हिसाब से यह भारत का सबसे बड़ा इवेंट बन जाएगा। व्यूवरशिप के अनुसार यह IPL के बाद दूसरे नंबर का स्पोर्ट इवेंट है।

खेल रही हैं ये 12 टीमें :
पटना पाइरेट्स, बंगाल वॉरियर्स, बेंगलुरु बुल्स, दबंग दिल्ली, जयपुर पिंक पल्टन, पटना पाइरेट्स, पुणेरी पल्टन, तेलुगु टाइटन्स, यू मुंबा, गुजरात फॉर्चून जाइंट्स, यूपी योद्धा, तमिल थलावियास और हरियाणा स्टीलर्स।

लाख से करोड़ तक, ऐसे बढ़ती गई कीमत…
- प्रो. कबड्‌डी लीग साल 2014 में शुरू हुई थी। उस पहले सीजन में राकेश कुमार सबसे महंगे खिलाड़ी थे जिन्हें पटना पायरेट्स ने 12.80 लाख रुपए में खरीदा था।
- अब तक के सबसे महंगे खिलाड़ी नितिन तोमर थे, जिन्हें यूपी योद्धा ने पिछले साल यानी पांचवें सीजन में 93 लाख रुपए में खरीदा था।
- इस साल पहली बार खिलाड़ी करोड़पति बने। इस बार 6 खिलाड़ियों को एक करोड़ या उससे अधिक राशि में खरीदा गया। इनमें सबसे महंगे बिके मोनू गोयत जिन्हें हरियाणा स्टीलर्स ने 1.51 करोड़ रुपए में खरीदा है।

क्यों बढ़ी कीमत?
प्रो कबड्डी की पॉपुलैरिटी बढ़ने के साथ ही इसकी व्यूवरशिप लगातार बढ़ती गई है। 2017 में इसका पांचवां सीजन IPL के बाद सबसे ज्यादा देखा जाने वाला स्पोर्ट इवेंट बन गया। ब्राडकास्ट ऑडियन्स रिसर्च काउंसिल (BARC) के अनुसार प्रो कबड्डी के पांचवें सीजन में इसकी व्यूवरशिप 31.6 करोड़ रही। मिनटों में इसका जो डेटा आया है, वह करीब 100 अरब मिनट का रहा। इतनी अधिक व्यूवरशिप के कारण ही इसके लिए अब स्पॉन्सर्स की कमी नहीं हैं। हर टीम के पास दो से तीन स्पॉन्सर्स हैं। इसकी फ्रेंचाइजिस की इन्हीं स्पॉन्सरशिप के जरिए कमाई होती है।

क्यों बढ़ी इतनी पॉपुलैरिटी? ये हैं 4 कारण

1.कबड्डी का सोफिस्टिकेटेड वर्जन :
प्रो कबड्डी लीग ने कबड्डी को एक नए अवतार में पेश किया है। पहले इसे मिट्टी के मैदानों का खेल माना जाता था। लेकिन प्रो कबड्डी लीग में मैच बहुत ही अट्रैक्टिव मैट्स और एरिना में होते हैं। इससे यंग व्यूवरशिप काफी मिली है।

2.कम समय में पर्याप्त इंटरटेनमेंट :
प्रो कबड्डी लीग के एक मैच में 20-20 मिनट के दो हाफ होते हैं। एक हाफ के बीच 5 मिनट का इंटरवल होता है। इस तरह एक मैच केवल 45 मिनट में खत्म हो जाता है। यानी कम समय में ज्यादा इंटरटेनमेंट।

3.खेल की तेजी :
इसकी पॉपुलैरिटी की एक वजह है इसकी तेजी। इसमें एक मूव के तत्काल बाद पलक झपकते ही मूव होते हैं। एक के बाद एक मूव होने की वजह से दर्शकों को पलक झपकाने का भी मौका नहीं मिलता। इससे दर्शकों का इसके प्रति रोमांच बढ़ा है।

4.सिंपल रूल्स :

इसके नियम इतने सिंपल हैं कि पहली बार भी कबड्डी देखने वाले को थोड़ी देर में ही पूरा गेम समझ में आ जाता है। इसलिए भी न्यू व्यूवरशिप में लगातार इजाफा हो रहा है।


पहले सीजन में स्पॉन्सर ही नहीं मिले थे :
- पुणेरी पल्टन को पहले सीजन में एक भी स्पॉन्सर नहीं मिला था। लेकिन पहले सीजन में ही इसकी पॉपुलैरिटी को देखकर दूसरे सीजन में पुणे की एक रियल एस्टेट कंपनी स्पॉन्सर बनी।
- कबड्डी के प्लेयर्स अब विज्ञापनों में भी नजर आने लगे हैं। सबसे पहले फोर्स मोटर्स ने अपने टेम्पो ट्रेवलर्स के विज्ञापन में पुणे के स्टार प्लेयर दीपक हुड्डा और संदीप नरवाल को लिया था।

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Karorpati Players in Pro Kabaddi League 2018
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