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डाउनलोड करेंमुंबई. सोमवार को इंफोसिस का शेयर 3.15 गिरावट के साथ बंद हुआ। एनएसई पर कंपनी का शेयर 37 रुपए टूटकर 1,134.50 रुपए पर बंद हुआ। इस गिरावट से इंफोसिस की मार्केट कैप 8,000 करोड़ रुपए घट गई है। बाजार खुलते ही कंपनी के शेयर में करीब 6 फीसदी की गिरावट देखी गई और शेयर भाव करीब 1099 रुपए तक गिर गया, जबकि शुक्रवार को ये 1,171.45 रुपए पर बंद हुआ था। इसके साथ ही कंपनी की मार्केट कैप 15,000 करोड़ रुपए कम हो गई। हालांकि बाद में निचले स्तरों से शेयर में खरीदारी लौटी और शेयर भाव करीब 2.75% तक रिकवर हो गया।
एनएसई पर 6% गिरावट के साथ खुला शेयर
- इंफोसिस के शेयर बीएसई और एनएसई दोनों पर गिरावट के साथ खुले। बीएसई पर शेयर 1099 रुपए पर खुला था। वहीं, एनएसई पर इंफोसिस का शेयर करीब 6% गिरावट के साथ 1,102 रुपए पर खुला जो कि दिन का निम्न स्तर था।
इंफोसिस के शेयर पर दिखा तिमाही के नतीजों का असर
- इंफोसिस के शेयर पर सोमवार को कंपनी के तिमाही नतीजों का असर देखा जा रहा है। शुक्रवार को बाजार बंद होने के बाद कंपनी ने चौथी तिमाही के नतीजों की घोषणा की थी। चौथी तिमाही में कंपनी के मुनाफे में 28% की गिरावट रही है। कंपनी का तिमाही मुनाफा 5,129 करोड़ से घटकर 3,690 करोड़ रह गया है। हालांकि सालाना आधार पर कंपनी का मुनाफा 3,603 करोड़ से बढ़कर 3,690 करोड़ रुपए हो गया है।
- चौथी तिमाही में इंफोसिस की आय 1.6% बढ़ी है। कंपनी के तनीजे हालांकि उम्मीदों के मुताबिक रहे हैं लेकिन मुनाफे पर दबाव और वित्त वर्ष 2018-19 के लिए गाइडेंस कम होने की वजह से निवेशकों की चिंता बढ़ गई है।
यूको बैंक का शेयर 6.29 टूटा, 1,256.95 करोड़ की मार्केट कैप घटी
यूको बैंक का शेयर भी 6% से ज्यादा गिरावट के साथ बंद हुआ। एनएसई पर शेयर 20.85 रुपए के स्तर पर बंद हुआ।
- 621 करोड़ के लोन घोटाले की वजह से यूको बैंक के शेयर में गिरावट दर्ज रही। बाजार खुलते ही शेयर 18% का गोता लगाकर 52 हफ्ते के सबसे निचले स्तर पर पहुंच गया। एनएसई पर शुक्रवार को शेयर 22.25 के स्तर पर बंद हुआ जो 18.25 रुपए तक गिर गया। हालांकि निचले स्तरों से शेयर में खरीदारी लौटी और घाटे की भरपाई करते हुए शेयर करीब 20.85 रुपए के स्तर पर बंद हुआ।
गिरावट की वजह पूर्व सीएमडी पर केस दर्ज
- यूको बैंक के शेयर पर 621 करोड़ रुपए के लोन घोटाले का असर साफ दिख रहा है। शनिवार को सीबीआई ने इस मामले में कंपनी के पूर्व सीएमडी अरुल कौल और दूसरे आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया है।
कौन-कौन हैं आरोपी
-अरुण कौल- पूर्व सीएमडी, यूको बैंक
-हेमसिंह भड़ाना- सीएमडी, एरा इंजीनियरिंग इंफ्रा इंडिया
-पंकज जैन- चार्टर्ड अकाउंटेंट
-वंदना शारदा - चार्टर्ड अकाउंटेंट
-पवन बंसल- अलटियस फिनसर्व लिमिटेड़
इन लोगों पर आरोप है कि इन्होंने साजिश के तहत लोन में हेराफेरी कर करीब 621 करोड़ रुपए का फ्रॉड किया है। अरुण कौल 2010 से 2015 तक बैंक के सीएमडी पद रहे थे।
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