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डाउनलोड करेंपटना. उपमुख्यमंत्री सुशील मोदी ने कहा कि देसी दुधारू पशु नस्लों का संरक्षण और विकास जरूरी है। यहां की भीषण गर्मी को विदेशी नस्ल के पशु बर्दाश्त नहीं कर सकते, जबकि यहां का मौसम देसी नस्ल के अनुरूप है। देसी नस्ल के पशुओं पर रिसर्च व विकास के लिए डुमरांव में संस्थान खोला जा रहा है। राज्य के लोगों को शादी-विवाह और अन्य उत्सव पर सुधा की मिठाई, दूध और दही का उपयोग करना चाहिए। बुधवार को वे कॉम्फेड के 35वें स्थापना दिवस समारोह को संबोधित कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि नए संयंत्र लगने से राज्य में दूध उत्पादन क्षमता 62 टन से बढ़ कर 122 टन हो जाएगा। आइसक्रीम उत्पादन क्षमता 3 हजार एमटी से बढ़ कर 43 हजार टन हो जाएगा। कृषि रोडमैप के आधार पर अगले चार-पांच साल में दूध उत्पादन प्रतिदिन 50 लाख लीटर का लक्ष्य रखा गया है।
ऊर्जा मंत्री विजेंद्र प्रसाद यादव ने कहा कि अब तो यहां बिजली की पर्याप्त उपलब्धता है, इसलिए डेयरी संयंत्र लगाने में कोई परेशानी नहीं है। पशु एवं मत्स्य संसाधन मंत्री पशुपति कुमार पारस ने कहा कि कॉम्फेड के माध्यम से राज्य में दूध उत्पादन लगातार बढ़ रहा है। इस क्षेत्र में रोजगार की संभावना बढ़ी है। दूध उत्पादन से गांव की अर्थव्यवस्था में सुधार हो रहा है। सहकारिता मंत्री राणा रणधीर ने कहा कि सहकारी समितियों के माध्यम से दूध उत्पादन को बढ़ावा मिल रहा है। पशु एवं मत्स्य संसाधन विभाग की सचिव डॉ. एन विजयलक्ष्मी ने कहा कि 2653 दुग्ध उत्पादक महिला समितियों में 1.27 लाख महिलाएं जुड़ चुकी हैं। अभी कॉम्फेड देश में दूध उत्पादन में 9वें स्थान पर है। हमें पहला या दूसरा स्थान पर आना है।
कॉम्फेड की एमडी शिखा श्रीवास्तव ने स्वागत करते हुए उपलब्धियां गिनाईं। धन्यवाद ज्ञापन कॉम्फेड के महाप्रबंधक राजीव वर्मा ने किया। कार्यक्रम में मुख्य सचिव अंजनी कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव अतीश चंद्र, मनीष वर्मा, पटना डेयरी के सुधीर कुमार सिंह मौजूद थे। इस दौरान कॉम्फेड की ओर से राज्य सरकार को 2.33 करोड़ रुपए का लाभांश दिया गया। विभिन्न दुग्ध संघों को लाभांश व मूल्यांतर के रूप में 8.93 करोड़ की राशि दी गई। कॉम्फेड के वार्षिक प्रतिवेदन व पुस्तक का विमोचन भी किया गया।
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