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सूखे से फसल बरबाद, क्लेम के नाम पर बीमा कंपनी किसानों को दे रही है 2 से 4 रुपए, कुछ को 92 पैसे भी

3 वर्ष पहले
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बिलासपुर.     सूखे से फसल बरबाद हो गई। परेशान किसानों ने यह सोचकर कंपनी से बीमा करवाया कि क्लेम के पैसे से कम से कम खेती का खर्च ही निकल जाएगा। लेकिन कंपनी ने किसानों के साथ मौसम से भी भद्दा मजाक कर दिए। सैकड़ों किसानों के खाते में क्लेम के तौर पर एक-दो, पांच रुपए ही नहीं, 92 पैसे तक जमा करवाए हैं। बिलासपुर सहकारी बैंक की मेन ब्रांच हो या सीपत ब्रांच, हर जगह ऐसे दर्जनों किसान हैं। उनका कहना है कि कंपनी यह पैसे भी न देती तो अच्छा होता। इधर, बीमा करने वाली कंपनी इफको टोकियो का कहना है कि क्लेम की न्यूनतम राशि तय नहीं होने के कारण ऐसा हुआ है। 


सूखे से जिले के 84 हजार 803 किसान प्रभावित

इस बार जिले में भयानक सूखा रहा। 542 गांव सूखे की चपेट में रहे। सूखे से जिले के 84,803 किसान प्रभावित हुए और 60,908 हेक्टेयर में लगी धान की फसल को नुकसान पहुंचा। इससे पहले 62,525 किसानों ने करीब 6.60 करोड़ रुपए प्रीमियम देकर इफको टोकियो कंपनी से बीमा कराया। कुल 93,105 हेक्टेयर फसल का बीमा हुआ। क्लेम की रकम तय करने में कंपनी ने कई महीने लगा दिए। आखिरकार हाल ही में क्लेम की रकम तय की गई। इसमें 10,799 किसानों को 9.34 करोड़ रुपए क्लेम देना तय हुआ। 51,726 किसानों को क्लेम के दायरे से बाहर रखा गया।

 

दैनिक भास्कर की पड़ताल में सामने आई जानकारी

दैनिक भास्कर ने कुछ ब्रांचों के किसानों को मिली क्लेम राशि की पड़ताल की तो पता चला कि कई किसानों को नहीं के बराबर रकम दी गई है। सीपत के द्वारिकेश पाण्डेय के परिवार में तीन लोगों ने फसल बीमा करवाया था।  तीनों के ही खातों में 92-92 पैसे आए हैं। द्वारिकेश का कहना है कि कंपनी को 1000 रुपए से कम की राशि देनी ही नहीं थी। मनपहरी के सरस्वती बाई का करगीरोड ब्रांच में खाता है। उनके खाते में महज 1.61 रुपए जमा किए गए हैं। इसी तरह सीपत के श्रीराम सूर्यवंशी के खाते में 1.91 रुपए क्लेम जमा किया गया है। सीपत के ही नितिन कुमार को 2.2 रुपए क्लेम मिला है। सीपत के किसान श्यामभाऊ को अब तक नहीं पता कि उन्हें कितने पैसे मिले हैं।

 

भास्कर ने उन्हें बताया कि कंपनी ने उन्हें एक एकड़ में बीमा कराने के बदले 5.36 रुपए दिए हैं तो वे हैरान रह गए। उन्होंने कहा कि बारिश कम होने से खेती प्रभावित हुई। इतना बीमा भी नहीं देना था। सीपत के ही प्रदुमन वर्मा के भाई और पिता ने बीमा कराया लेकिन उन्हें तीन से पांच रुपए क्लेम मिला है। प्रदुमन के मुताबिक यह रकम उनके काम की नहीं। यह भी नहीं देना था। पूरे इलाके में सूखा था और कंपनी दो-चार रुपए देकर मजाक कर रही है। 

 

कुछ मामले और उनके क्लेम की राशि 

 

किसानबैंक खाताक्लेम की रकम 
सरस्वती बाई606018031464 1.61 रु.
नितिन कुमार 106001095149 2.2 रु.
श्यामभाऊ खरे6060090900891.95 रु.
संतोष यादव1060000450850.92 रु.
रामलाल घोसले6060090854902.48 रु.
प्रदुमन वर्मा6060090491993.56 रु.
श्यामलाल वर्मा6060090288494.44 रु.
हां, कुछ किसानों को तो 58 पैसे भी दिए हैं
इफको टोकियो कंपनी के स्टेट मैनेजर वैभव पांडेय ने बताया कि बीमा का क्लेम देने का नियम ही ऐसा है। औसत उपज के हिसाब से क्लेम देते हैं। कुछ किसानों को 58 पैसे भी मिले हैं। किसानों को न्यूनतम क्लेम रकम देने केंद्र को पत्र भेजा गया है।
 
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