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RECALL: वियतनाम युद्ध के वो 20 साल, जिसमें गई 30 लाख लोगों की जान

7 वर्ष पहले
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इंटरनेशनल डेस्क। वियतनाम युद्ध के बाद करीब 40 साल का वक्त गुजरने को है, लेकिन इसकी दर्दनाक यादें जेहन में अब भी जिंदा हैं। वियतनाम, लाओ और कंबोडिया की धरती पर तकरीबन 20 साल तक लड़ा गया ये सबसे भीषण युद्ध था। यह युद्ध उत्तरी वियतनाम और दक्षिण वियतनाम के बीच लड़ा गया था। उत्तरी वियतनाम के साथ कम्युनिस्ट समर्थक देश थे। वहीं, दक्षिण वियतनाम की ओर से कम्युनिस्ट विरोधी अमेरिका और उसके सहयोगी लड़ रहे थे। युद्ध दिसंबर 1956 से अप्रैल 1975 तक चला था।
हालांकि, युद्ध में अमेरिका की असल भूमिका 9 फरवरी, 1965 से शुरू हुई, जब उसने पहली बार अपनी सेना वियतनाम में भेजी। कॉर्प्स हॉक लड़ाकू मिसाइल को डा नांग स्थित अमेरिकी एयरबेस की सुरक्षा के लिए तैनात किया गया। इस कदम को अंतरराष्ट्रीय जगत ने पहली बार वियतनाम में अमेरिकी दखल की तरह लिया था।
राष्ट्रवादी ताकतों (उत्तरी वियतनाम) का मकसद देश को कम्युनिस्ट राष्ट्र बनाना था, जबकि अमेरिका और दक्षिणी वियतनाम देश को साम्यवाद से बचाना चाहते थे। उत्तरी वियतनाम का नेतृत्व हो ची मिन्ह कर रहे थे। 1969 में युद्ध चरम पर था। अमेरिका ने पांच लाख सेना युद्ध में झोंक दी। युद्ध के चलते अमेरिकी सरकार अपनी ही जनता की आलोचना की शिकार होने लगी। बाद में दबाव में आकर अमेरिका युद्ध से पीछे हट गया। जनता और विपक्ष के दबाव में आकर 1973 में अमेरिकी राष्ट्रपति रिचर्ड निक्सन ने सेना वापस बुला ली।
1975 में कम्युनिस्ट फोर्सेस ने वियतनाम के सबसे बड़े शहर साइगोन पर कब्जा कर लिया। इसी के साथ युद्ध खत्म हो गया। कई विशेषज्ञों का मानना है कि 20 साल तक चले भीषण युद्ध में किसी की भी जीत नहीं हुई। युद्ध में 30 लाख से ज्यादा लोग मारे गए। इसमें 58 हजार अमेरिकी शामिल थे। वहीं, मरने वालों में आधे से ज्यादा वियतनामी नागरिक थे। बाद में वियतनाम कम्युनिस्ट सरकार द्वारा सोशलिस्ट रिपब्लिक ऑफ वियतनाम बनाया गया। आज साइगोन शहर कम्युनिस्ट नेता हो ची मिन्ह शहर के नाम से जाना जाता है।
आगे देखिए वियतनाम युद्ध के दौर की फोटोज़...