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जब गांधारी से डरकर छिप गए थे पांडव, भीम ने बताया था क्यों पिया दु:शासन का खून

महाभारत के अनुसार, युद्ध समाप्त होने के बाद पांडव जब धृतराष्ट्र व गांधारी से मिलने गए।

Danik Bhaskar | Apr 22, 2018, 05:00 PM IST

रिलिजन डेस्क. महाभारत युद्ध में भीम ने दुर्योधन के छोटे भाई दु:शासन का वध किया था। इसके बाद भीम ने छाती फाड़कर उसका खून भी पीया था। ये बात तो सभी जानते हैं, लेकिन इस घटना से जुड़ी कुछ बातें ऐसी भी हैं, जो बहुत कम लोग जानते हैं। आज हम आपको महाभारत से जुड़ी कुछ ऐसी ही रोचक बातें बता रहे हैं-

भीम के दांतों से आगे नहीं गया दु:शासन का खून
महाभारत के अनुसार, युद्ध समाप्त होने के बाद पांडव जब धृतराष्ट्र व गांधारी से मिलने गए। गांधारी दुर्योधन के अन्याय पूर्वक किए गए वध से बहुत गुस्से में थीं। भीम ने गांधारी को समझाया कि- यदि मैं अधर्मपूर्वक दुर्योधन को नहीं मारता तो वह मेरा वध कर देता।
तब गांधारी ने कहा कि- तुमने दु:शासन का खून पिया, क्या वह सही था? तब भीम ने कहा कि- जब दु:शासन ने द्रौपदी के बाल पकड़े थे, उसी समय मैंने ऐसी प्रतिज्ञा की थी। यदि मैं अपनी प्रतिज्ञा पूरी नहीं करता तो क्षत्रिय धर्म का पालन नहीं कर पाता। लेकिन दु:शासन का खून मेरे दांतों से आगे नहीं गया।

काले हो गए थे युधिष्ठिर के नाखून
भीम के बाद युधिष्ठिर गांधारी से बात करने के लिए आगे आए। गांधारी उस समय भी क्रोध में थीं। जैसे ही गांधारी की नजर पट्टी से होकर युधिष्ठिर के पैरों के नाखूनों पर पड़ी, वह काले हो गए। यह देख अर्जुन श्रीकृष्ण के पीछे छिप गए और नकुल, सहदेव भी इधर-उधर हो गए। थोड़ी देर बाद जब गांधारी का क्रोध शांत हो गया, तब पांडवों ने उनसे आशीर्वाद लिया।