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एक ऋषि, जिन्होंने अपने पुत्र से कटवा दिया था अपनी ही पत्नी का सिर

ऋषि जमदग्नि ने कठोर तपस्या करके देवराज इन्द्र को प्रसन्न किया था और उनसे कामधेनु प्राप्त की थी।

Dainik Bhaskar

Jun 07, 2018, 12:56 PM IST
introduction of Rishi Jamdagni, Parshuram and Jamdagni

रिलिजन डेस्क। प्राचीन समय में कई ऐसे ऋषि हुए जिन्होंने कठोर तपस्या करके देवी-देवताओं को प्रसन्न किया और मनचाहे वरदान प्राप्त किए हैं। ऐसे एक ऋषि हुए हैं जमदग्नि। जमदग्रि बड़े तपस्वी ऋषि थे। अपने तप के बल पर ही इन्होंने सूर्य से वाणी का सामर्थ्य बढ़ाने वाली विद्या प्राप्त की थी। गंगा के किनारे कठोर तपस्या कर देवराज इन्द्र को प्रसन्न किया और उनसे कामधेनु प्राप्त कर ली थी। जमदग्नि ऋषि के कुल पांच बेटे थे जिनमें परशुराम इनको बहुत प्रिय थे, क्योंकि परशुराम ने कभी भी उनकी अवज्ञा नहीं की।

यहां जानिए जमदग्नि ऋषि से जुड़ी खास बातें…

बहुत क्रोधी स्वभाव था जमदग्नि का

> जमदग्रि बहुत क्रोधी स्वभाव के थे। उन्होंने अपनी ही पत्नी के आचरण से क्रोधित होकर उसका सिर पुत्र परशुराम से कटवा दिया था और चार पुत्रों को मार डाला था।

> इस प्रसंग के बाद परशुराम ने अपनी बद्धिमानी से सभी को फिर से जीवित करवा लिया था। बाद में उन्होंने अपने तप से क्रोध को जीत लिया और फिर उन्हें कभी भी क्रोध नहीं आया।

भृगुकुल में हुआ था जन्म

> जमदग्रि ऋषि का जन्म भृगु ऋषि के कुल में हुआ था। उनके पिता महर्षि ऋचीक और माता सत्यवती थी।

> जमदग्नि की पत्नी का नाम रेणुका था। जिससे इनको पांच पुत्र- रुमण्वत्, सुषेण, वसुमत्, विश्वासु और परशुराम।

सूर्यदेव भी आ गए थे इनकी शरण में

> एक प्रसंग के अनुसार एक बार ऋषि ने बाण छोड़कर उसे लाने के लिए पत्नी रेणुका को भेजा। उस समय कड़ी धूप थी, जिससे वह मार्ग में थक गई।

> रेणुका ने एक वृक्ष के नीचे कुछ पल आराम किया, इस कारण उसे देर हो गई। रेणुका ने जमदग्नि को सारी बात बता दी। इससे जमदग्रि को बहुत गुस्सा आया।

> क्रोधित जमदग्नि बाण से सूर्य को छेदने के लिए तैयार हो गए, लेकिन सूर्य इनकी शरण में आ गए, जिससे ऋषि का क्रोध शांत हो गया।

> सूर्य ने ऋषि जमदग्नि को छाता और चरण पादुका भेंट किए।

राजा कार्तवीर्य जबदस्ती ले गया था कामधेनु

> जमदग्रि ने इंद्र से तपस्या कर कामधेनु को प्राप्त किया था। एक दिन हैहय देश के राजा कार्तवीर्य सहस्रबाहु अर्जुन इनके आश्रम में आए। जमदग्रि ने कामधेनु की मदद से उनका स्वागत-सत्कार किया। कार्तवीर्य को कामधेनु पसंद आ गई।

> राजा ने ऋषि से कामधेनु मांगी, लेकिन उन्होंने देने से इंकार कर दिया। तब कार्तवीर्य कामधेनु को जबरदस्ती ले गया।

> जब परशुराम को यह बात पता चली तो उन्होंने कार्तवीर्य का वध कर दिया और कामधेनु को पुन: अपने साथ ले आए।

> राजा कार्तवीर्य के पुत्रों ने बदला लेने के लिए जमदग्रि को 21 बाणों से घायल कर दिया जिससे उनकी मृत्यु हो गई। इसके बाद परशुराम ने 21 बार क्षत्रियों को पराजित कर बदला लिया था।

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introduction of Rishi Jamdagni, Parshuram and Jamdagni

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