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आईपीएल 2009 फेमा उल्लंघन मामलाः ईडी ने बीसीसीआई समेत 5 पर लगाया 121.56 करोड़ रुपये का जुर्माना

जांच एजेंसी ने जुर्माने की राशि 45 दिन के भीतर सरकारी खजाने में जमा करने का निर्देश दिया है।

Dainik Bhaskar

May 31, 2018, 09:30 PM IST
ईडी ने स्टेट बैंक ऑफ त्रावणकोर पर 7 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया है। - फाइल ईडी ने स्टेट बैंक ऑफ त्रावणकोर पर 7 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया है। - फाइल

मुंबई. प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) 2009 में फेमा कानून के उल्लंघन के मामले में भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) समेत कई लोगों पर कुल 121.56 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया है। जांच एजेंसी ने इस मामले में बीसीसीआई पर 82.66 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया है। इसके अलावा उसने एन श्रीनिवासन पर 11.53 करोड़, ललित मोदी पर 10.65 करोड़, एमपी पांडोव पर 9.72 करोड़ और स्टेट बैंक ऑफ त्रावणकोर पर 7 करोड़ रुपये जुर्माना लगाया है।

बीसीसीआई ने बिना इजाजत दक्षिण अफ्रीका में खोला था फॉरेन करंट अकाउंट
- श्रीनिवासन बीसीसीआई के पूर्व अध्यक्ष हैं। ललित मोदी आईपीएल के पूर्व कमिश्नर हैं। एमपी पांडोव बीसीसीआई के कोषाध्यक्ष रह चुके हैं। स्टेट बैंक ऑफ त्रावणकोर का स्टेट बैंक ऑफ इंडिया में विलय हो चुका है।
- 2009 में देश में लोकसभा चुनाव होने के चलते आईपीएल का आयोजन दक्षिण अफ्रीका में किया गया था। तब बीसीसीआई ने भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) और आयकर विभाग की मंजूरी के बिना आईपीएल के वित्तीय संचालन के लिए दक्षिण अफ्रीका में फॉरेन करंट अकाउंट खोला था। बीसीसीआई ने इस खाते में 243 करोड़ रुपये हस्तांतरित भी किए थे।
- इसी कारण ईडी ने बीसीसीआई और उसके अन्य वरिष्ठ पदाधिकारियों के खिलाफ फेमा कानून के उल्लंघन का मामला दर्ज किया था। इस मामले में संसद की एक समिति ने भी बीसीसीआई के पदाधिकारियों से जांच की थी। ईडी ने उसी मामले में यह जुर्माना लगाया है।

बिना मंजूरी धन ट्रांसफर से आरबीआई की गाइडलाइंस का उल्लंघन हुआ
- फेमा ने अपने आदेश में कहा गया है कि धन के इस तरह से हस्तांतरण से विदेश में फंड ट्रांसफर के लिए आरबीआई की ओर से जारी की गई गाइडलाइंस का उल्लंघन हुआ है।

- आदेश के अनुसार, आरोपी 45 दिन के भीतर सरकारी खजाने में जुर्माने की राशि जमा कराएं। हाल ही में आईपीएल टी-20 टूर्नामेंट का 11वां संस्करण खत्म हुआ है।

1 जून, 2000 को लागू हुआ था फेमा कानून
- 1997-98 में तत्कालीन सरकार ने फेरा 1973 की जगह फेमा (विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम) का प्रस्ताव रखा था। दिसंबर 1999 में यह संसद के दोनों सदनों से पारित हो गया। तत्कालीन राष्ट्रपति के अनुमोदन के बाद 1 जून, 2000 से यह प्रभाव में आया।
- फेमा का मुख्य उद्देश्य विदेशी मुद्रा संबंधी सभी कानूनों का संशोधन और एकीकरण करना है। इसके अलावा देश में विदेशी भुगतान, निवेश और व्यापार को बढ़ावा देना भी उसका उद्देश्य है।
- फेमा देश में रहने वाले किसी व्यक्ति को यह अधिकार देता है कि वह भारत के बाहर संपत्ति खरीद सकता है और उसका मालिकाना हक किसी दूसरे को भी दे सकता है।

ईडी ने ललित मोदी पर 10.65 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया है।- फाइल ईडी ने ललित मोदी पर 10.65 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया है।- फाइल
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ईडी ने स्टेट बैंक ऑफ त्रावणकोर पर 7 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया है। - फाइलईडी ने स्टेट बैंक ऑफ त्रावणकोर पर 7 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया है। - फाइल
ईडी ने ललित मोदी पर 10.65 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया है।- फाइलईडी ने ललित मोदी पर 10.65 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया है।- फाइल
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