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IPL 2018 पर कावेरी विवाद का साया: 2 साल बाद IPL में वापसी करने वाली चेन्नई सुपर किंग्स के सभी मैच पुणे शिफ्ट

कई संगठनों ने कहा था कि आईपीएल मैच चेन्नई में नहीं होने चाहिए। इसके बाद ही मैच पुणे शिफ्ट करने का फैसला लिया गया।

Danik Bhaskar

Apr 12, 2018, 02:36 PM IST
2 साल बाद IPL में वापसी करने वाली चेन्नई सुपर किंग्स के सभी मैच जो पहले उसके होम ग्राउंड चेन्नई में होने थे, वो अब पुणे में खेले जाएंगे।- फाइल 2 साल बाद IPL में वापसी करने वाली चेन्नई सुपर किंग्स के सभी मैच जो पहले उसके होम ग्राउंड चेन्नई में होने थे, वो अब पुणे में खेले जाएंगे।- फाइल

चेन्नई/पुणे. इंडियन प्रीमियर लीग के 11वें सीजन पर सियासत का साया पड़ गया है। 2 साल बाद IPL में वापसी करने वाली चेन्नई सुपर किंग्स के सभी मैच जो पहले उसके होम ग्राउंड चेन्नई में होने थे, वो अब पुणे में खेले जाएंगे। यह जानकारी बीसीसीआई की कमेटी ऑफ एडमिनिस्ट्रेटर्स के चीफ विनोद राय ने दी है। दरअसल, कावेरी जल बंटवारे को लेकर तमिलनाडु नें व्यापक तौर पर विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं। वहां के तमाम सियासी दल इस मुद्दे पर एकजुट हैं। लिहाजा, किसी भी अप्रिय घटना से बचने के लिए यह फैसला लिया गया है। कई संगठनों ने साफ कहा था कि आईपीएल के मैच चेन्नई में नहीं होने चाहिए। इसके बाद ही चेन्नई के मैच पुणे शिफ्ट करने का फैसला लिया गया।

चेन्नई को घाटा होगा
- जाहिर सी बात है कि चेन्नई सुपर किंग्स को अपने होम ग्राउंड और होम क्राउड का फायदा नहीं मिलेगा। पुणे में शायद धोनी की कप्तानी वाली चेन्नई सुपर किंग्स को उतना समर्थन ना मिले जितना वो चेन्नई में हासिल कर सकती थी। दरअसल, विवाद की जड़ में कावेरी नदी का पानी है। ये नदी कर्नाटक से निकलती हुई तमिलनाडु और फिर वहां से बंगाल की खाड़ी में मिलती है। सुप्रीम कोर्ट ने दखल देते हुए इस दोनों राज्यों में पानी का बंटवारा किया। कर्नाटक का कहना है कि राज्य में बारिश कम हुई। इसलिए वो तमिलनाडु का ज्यादा पानी नहीं दे सकता। क्योंकि, ये पानी उसके राज्य में पीने के लिए इस्तेमाल हो रहा है।
- दूसरी तरफ, तमिलनाडु का कहना है कि अगर उसके राज्य को पर्याप्त पानी नहीं मिला तो उसके लाखों किसानों की फसल बर्बाद हो जाएगी और इससे राज्य की जनता पर असर पड़ेगा। विवाद मूल रूप से कर्नाटक और तमिलनाडु के बीच है। लेकिन, चूंकि कावेरी बेसिन का कुछ हिस्सा केरल और पुड्डुचेरी में भी है। इसलिए ये राज्य भी इस विवाद में सामने आ रहे हैं। यह मामला काफी पुराना है।

प्रधानमंत्री मोदी गुरुवार को तमिनलाडु में थे। डीएमके ने उनका विरोध किया। प्रधानमंत्री मोदी गुरुवार को तमिनलाडु में थे। डीएमके ने उनका विरोध किया।
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