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ईरान से क्रूड का आयात अगस्त के बाद प्रभावित होगा: इंडियन ऑयल; ईरान पर अमेरिकी प्रतिबंध का असर

भारत का तीसरा बड़ा क्रूड सप्लायर है ईरान।

Danik Bhaskar | Jun 16, 2018, 11:32 AM IST
ईरान पर प्रतिबंध की घोषणा के व ईरान पर प्रतिबंध की घोषणा के व
  • इराक और सऊदी अरब के बाद भारत ईरान से सबसे ज्‍यादा क्रूड आयात करता है
  • भारत के लिए 2010-11 तक सऊदी अरब के बाद ईरान दूसरा बड़ा तेल निर्यातक था

नई दिल्ली. भारतीय रिफाइनरी कंपनियां नवंबर से यूरोपीय बैंकों के जरिए ईरान को तेल का भुगतान नहीं कर सकेंगी। एसबीआई ने सभी रिफाइनरी को सूचना दी है कि 3 नवंबर के बाद उसके जरिए ईरान को तेल का भुगतान बंद हो जाएगा। इंडियन ऑयल के डायरेक्टर फाइनेंस एके शर्मा ने शुक्रवार को ये जानकारी दी। उन्होंने कहा कि अगस्त के बाद ईरान से तेल का आयात प्रभावित होने लगेगा। एसबीआई ने ये फैसला ईरान पर अमेरिकी प्रतिबंध की वजह से लिया है।

अमेरिका, रूस से तेल खरीदने पर विचार
भारत पेट्रोलियम के डायरेक्टर फाइनेंस आर.रामचंद्रन ने कहा कि ईरान से सप्लाई कम होने पर अमेरिका और रूस से तेल खरीदने की बात हो सकती है। प्रतिबंध की घोषणा के वक्त इंडियन ऑयल ने कहा था कि वह ईरान से आयात में कटौती की भरपाई खाड़ी देशों से करेगी। रिलायंस इंडस्ट्रीज ने भी ईरान से तेल आपूर्ति रोकने की बात कही है। नयारा एनर्जी ने इसी माह से ईरान से तेल खरीदना कम कर दिया है। विश्लेषकों का मानना है कि ईरान भारत में अपनी तेल बिक्री बनाए रखने के लिए अतिरिक्त छूट दे सकता है।

भारत का तीसरा बड़ा क्रूड सप्लायर है ईरान
भारत के लिए ईरान तीसरा बड़ा क्रूड सप्लायर है। भारत ने 2017-18 में ईरान से रोजाना औसतन 4,58,000 बैरल कच्चा तेल खरीदा। ईरान सबसे अधिक चीन को तेल निर्यात करता है। दूसरे स्थान पर भारत है। भारत उन देशों में है जिसने ईरान पर प्रतिबंधों के समय भी उससे व्यापार जारी रखा।