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डाउनलोड करेंसोनीपत (गन्नौर)। खुद को आर्मी का अफसर बताकर पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई के लिए जासूसी करने वाले गन्नौर के गौरव शर्मा से सारे राज खुलवाने के लिए पुलिस भरसक कोशिश कर रही है। वहीं, परिजनों का कहना है कि उनका बेटा गौरव तो सेना में भर्ती होने के लिए रोहतक में कोचिंग लेने के लिए गया था। जो देश की सेवा के लिए कई साल से सेना में भर्ती होना चाहता हो, वह देश के साथ गद्दारी कैसे कर सकता है, उसे साजिश के तहत फंसाया गया है। बेटे की गिरफ्तारी की खबर सुनने के बाद से मां सुनीता का रो-रोकर बुरा हाल है।
- मां सुनीता ने बताया कि उसके दो बेटे और एक बेटी है। पति जयकिशन शर्मा आर्मी से सेवानिवृत्त होने के बाद अब दिल्ली में ट्यूटोरियम आर्मी में अपनी सेवाएं दे रहे है।
- बड़ा बेटा गौरव कुमार अपने पिता जयकिशन की तरह आर्मी में भर्ती होकर देश की सेवा करना चाहता था। उसने करीब डेढ़ दर्जन से ज्यादा भर्तियों में भाग भी लिया।
- वह हर बार किसी न किसी कारण से रह जाता था, लेकिन अब पिछले दो माह से वह रोहतक की एक अकादमी में रहकर आर्मी की तैयारी में जुटा था।
- उन्होंने बताया कि करीब 15 दिन पहले गौरव आया तो उसने उसे कहा था कि देख मां मेरी बॉडी बनने के साथ शरीर मजबूत हो गया है। अब की बार जो भी भर्ती आएगी, उसको क्लियर कर देश की सेवा करुंगा।
- मेरे बेटे को फेसबुक पर पहले फ्रेंड बनाकर अपनी बातों में उलझाया गया। गौरव को नहीं पता था कि जिस लड़की से वह बात कर रहा है, वह आईएसआई की एजेंट है।
बेटे के पास नहीं था टच स्क्रीन फोन
- बेटे को रोहतक में किसी तरह की दिक्कत न हो, इसको लेकर पिता के कहने पर दो अप्रैल को बैंक खाता भी खुलवाया। उसमें ढाई हजार रुपए भी डलवाए, ताकि बेटा कोचिंग की फीस दे सके।
- सुनीता देवी ने बताया कि उसके बेटे गौरव ने करीब छह माह पहले टच स्क्रीन फोन लिया था। जो करीब एक माह पहले ही गुम हो गया था। बेटे के रोहतक में होने के चलते कई-कई दिन तक बात नहीं होती थी।
- इसलिए उसने अपना सस्ता की-पैड वाला फोन दे दिया था। जब बेटे के पास फोन नहीं था तो उसकी किसी लड़की से बात भी नहीं होती थी।
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