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मोदी सरकार ने कहा, रमजान में नहीं चलाएंगे आर्मी ऑपरेशन, लेकिन नापाक हरकतों से बाज नहीं आ रहा पाकिस्तान

3 वर्ष पहले
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नई दिल्ली. केंद्र सरकार ने कश्मीर में रमजान के दौरान सीजफायर का एलान किया है। इसके बावजूद घाटी में हिंसा की घटनाएं कम नहीं हो रही हैं। रमजान के पहले ही दिन कश्मीर के बांदीपोरा में कुछ आतंकियों ने एक युवक की हत्या कर दी। इसके अलावा पाकिस्तान ने जम्मू-कश्मीर के आरएस पुरा सेक्टर में भी सीजफायर का उल्लंघन किया। पाकिस्तान की तरफ से हुई गोलीबारी में बीएसएफ का एक जवान शहीद हो गया। हमले में चार नागरिकों को भी जान चली गई। सवाल ये है कि अगर भारत शांति की कितनी भी कोशिश कर ले, लेकिन पाकिस्तान कभी अपनी हरकतों से बाज नहीं आ सकता।


इस साल 18 जवान शहीद, 69 आतंकी ढेर
पाकिस्तान बार-बार सीजफायर का उल्लंघन कर गोलीबारी करता है। इस साल जनवरी-फरवरी में पाकिस्तान ने एलओसी और अंतरराष्ट्रीय सीमा पर भारी फायरिंग की। जिससे सीमा से सटे कई गावों को खाली कराना पड़ा। जनवरी से लेकर अब तक पाकिस्तान की तरफ से हुई फायरिंग में 18 जवान शहीद हो चुके हैं। जबकि जवानों ने 69 आतंकियों को ढेर कर दिया।

 
घर से घसीटकर ले गए थे आतंकी
रमजान में जिस शख्स की हत्या की गई वो बांदीपोरा के हाजिन इलाके का रहने वाला था। घटना वाले दिन मृतक हिलाल अहमद घर पर था। तभी दो नकाबपोश आतंकी उसमें घर में आए और घसीटकर अपने साथ ले गए। गुरुवार को उसका शव घर के पास एक बगीचे में मिला। आतंकियों ने उसका गला रेत दिया था। 

 

4 दिन में तीसरी बार गोलीबारी
सीजफायर के बावजूद पाकिस्तान की ओर से चार दिन में तीन बार फायरिंग की गई। जिसमें बीएसएफ का एक जवान सीताराम उपाध्याय शहीद हो गया। 

 

शहीद की पत्नी ने उठाया सवाल
केंद्र सरकार के सीजफायर के एलान पर शहीद की पत्नी ने सवाल खड़े किए हैं। शहीद सीताराम की पत्नी ने कहा कि सुरक्षाबलों को रमजान के दौरान ऑपरेशन करने से रोक दिया है। लेकिन मेरे पति पाकिस्तान द्वारा की गई गोलीबारी में शहीद हो गए। अब आर्थिक सहायता देने से क्या होगा। यह मेरे पति को तो वापस नहीं ला सकती है।

 

क्यों किया गया सीजफायर का एलान?
जम्मू-कश्मीर की महबूबा मुफ्ती सरकार ने केंद्र सरकार को एक प्रस्ताव भेजा था कि रमजान के दौरान घाटी में सीजफायर का एलान कर दें, साथ ही एक महीने तक घाटी के आतंकियों के खिलाफ ऑपरेशन भी न चलाया जाए। हालांकि हमला होने की स्थिति में जवाबी कार्रवाई की जाए। जिसके बाद केंद्र सरकार ने घाटी में सीजफायर का एलान किया। 
- रमजान के दौरान घाटी में सीजफायर का एलान मोदी सरकार के अलावा वाजपेयी सरकार में भी किया गया था। 2000 में तत्कालीन वाजपेयी सरकार ने रमजान के दौरान सीजफायर का एलान किया था। लेकिन उस दौर में घाटी में हिंसा कि घटनाएं काफी बढ़ गईं थीं।