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डाउनलोड करेंअखिल रंजन
बीबीसी मॉनिटरिंग
जापान सरकार अपने कर्मचारियों के लिए एक साल में कम से कम पांच दिन की वैतनिक छुट्टी (पेड लीव) अनिवार्य करने पर विचार कर रही है.
जापान के श्रम मंत्रालय के एक सर्वेक्षण के मुताबिक़ जापान में सरकारी कर्मचारी एक साल में निर्धारित कुल 15 दिन की छुट्टियों में से आधे का भी उपयोग नहीं करते.
एक अन्य रिपोर्ट के अनुसार जापान में हर छह में से एक जापानी साल में एक दिन की भी छुट्टी नहीं लेता.
दुनिया के अन्य विकसित देशों जैसे फ़्रांस और स्पेन में सरकारी छुट्टियों की संख्या क्रमशः 37 और 32 होने के बाद भी वहां लोग 90 प्रतिशत से ज़्यादा छुट्टियों का उपयोग करते है.
भारत और अमरीका में कर्मचारियों को एक साल में औसतन 18 छुट्टियां मिलती हैं लेकिन अंग्रेज़ी अख़बार डीएनए की एक रिपोर्ट के अनुसार दोनों देशों के लोग इसे बहुत कम मानते हैं.
समाचार एजेंसी एएफ़पी की एक रिपोर्ट के अनुसार अधिक समय तक और लगातार काम करते रहने की वजह से जापान में मानसिक और शारीरिक तौर पर बीमार लोगों की संख्या तेज़ी से बढ़ रही है.
\'करोशी\'जापानियों के काम करने की इसी प्रवृति के चलते नब्बे के दशक में \'करोशी\' शब्द प्रचलित हुआ जिसका मतलब होता है \'काम की वजह से मौत\' या \'काम करते-करते मर जाना\'.
हाल के वर्षों में काम के लंबे-लंबे घंटों की वजह से हार्ट अटैक की घटनाओं के साथ-साथ आत्महत्या की प्रवृति में भी वृद्धि दर्ज की गयी है.
नैशनल पुलिस एजेंसी के डेटा के अनुसार वर्ष 2011 में सामने आए आत्महत्या के क़रीब 30 हज़ार मामलों में 10 हज़ार से ज़्यादा मामले रोज़गार के तनाव से संबंधित थे.
इन सब को देखते हुए जापान के मौजूदा प्रधानमंत्री शिंजो आबे सरकार की कोशिश है कि सरकारी कर्मचारी साल 2020 तक निर्धारित सालाना छुट्टियों का कम से कम 70 फ़ीसदी उपयोग करने लगें.
सरकार इसके लिए जापानी संसद (डाइट) के इसी सत्र में अधिनियम लाने की योजना बना रही है.
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