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डाउनलोड करेंपटना। जदयू ने केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान को दलितों के मामले में बयानबाजी की बजाए मजबूत रणनीति बनाकर केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार पर दबाव डालने की सलाह दी है। शुक्रवार को जदयू के राष्ट्रीय महासचिव श्याम रजक ने कहा कि दलितों को हमेशा वोट बैंक की तरह इस्तेमाल किया गया है लेकिन वोट के बदले इस समुदाय को धोखा ही मिला है।
पासवान दलितों को उनका न्याय दिलाने के लिए एक मजबूत रणनीति तैयार करें। पासवान लगातार दलितों के लंबित मुद्दों को उठा रहे हैं। लेकिन केंद्र सरकार उनकी इन बातों को गंभीरता से नहीं ले रही है। समय तेजी से बीतता जा रहा है पर तमाम सवाल जस के तस पड़े हैं। पासवान दलित मुद्दे पर आगे बढ़कर खुद कोई ठोस कदम उठाने के लिए पूरी तरह सक्षम हैं।
इसलिए वे केंद्र की सरकार पर दलितों की तमाम लंबित मांगों को लागू कराने के लिए दबाव डालें। रजक ने कहा कि पासवान को अनुसूचित जाति/जनजाति अत्याचार अधिनियम कानून 1989 को अध्यादेश के जरिए नौवीं अनुसूची में शामिल करने, प्रोन्नति में आरक्षण लागू कराने, न्यायिक सेवा आयोग बनाने और निज़ी क्षेत्रों में आरक्षण लागू कराने के लिए प्रयास करना चाहिए।
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