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एमवाय में जूनियर डॉक्टर हड़ताल पर, इधर किसान और ट्रांसपोर्टर भी तैयारी में

3 वर्ष पहले
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इंदौर.  मरीज के परिजन और डॉक्टर के बीच मारपीट के बाद शनिवार से जूनियर डॉक्टर हड़ताल पर चले गए। इस कारण एमवाय अस्पताल में मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ा। उधर डीजल-पेट्रोल के लगातार बढ़ रहे दामों के कारण ट्रांसपोर्टर्स ने भी हड़ताल की घोषणा की है। वहीं प्रदेश सरकार द्वारा मांगें नहीं माने जाने से नाराज किसान पिछले साल की तरह इस बार भी 1 जून से 10 जून तक प्रदेशभर में हड़ताल करेंगे। 

 

अस्पताल

परिजन के साथ हाथापाई के बाद कर दिया काम बंद

इस बात पर अड़े : जूडा का कहना है कि घटना वार्ड के अंदर हुई है तो केस अस्पताल प्रशासन दर्ज कराए

इंदौर | एमवाय अस्पताल में शुक्रवार रात जूनियर डॉक्टर और परिजन के बीच हुई हाथापाई के बाद शनिवार दोपहर जूनियर डॉक्टर्स हड़ताल पर चले गए। उन्होंने पूरी तरह काम बंद रखा। जूनियर डॉक्टर एसोसिएशन (जूडा)  की मांग है कि मारपीट वार्ड में हुई, इसलिए अस्पताल प्रशासन एफआईआर दर्ज करवाए। दरअसल स्त्री रोग विभाग में सोना पति तुषार को भाजपा महिला मोर्चा की सदस्य और परिजन प्रसूति के लिए लाए थे। उन्हेें दो-तीन घंटे इंतजार करवाया। वजह बताई कि सोनोग्राफी की जाती है। प्रसूति वार्ड में पुरुष अटेंडर के अंदर जाने को लेकर डॉ. अभिषेक और उसमें मारपीट हो गई थी।

 

अस्पताल प्रशासन नेे नहीं मानी बात
घटना के बाद सुबह के समय तो जूनियर डॉक्टर ड्यूटी पर आए। मामले को लेकर पहले वे अधीक्षक डॉ. वीएस पाल से मिलने भी पहुंचे। उनसे कहा कि हर बार डॉक्टर से ही एफआईआर दर्ज करवाई जाती है। जेडीए की मांग थी कि घटना अस्पताल के अंदर हुई है तो अस्पताल प्रशासन को केस दर्ज कराना चाहिए। इस पर अस्पताल प्रशासन और जेडीए की सहमति नहीं बनी। इसके बाद दोपहर में डॉक्टरों ने हड़ताल पर जाने का मन बना लिया।

रातभर नहीं किया मेडिकल : ज्योति
भाजपा महिला मोर्चा की नगर महामंत्री ज्योति पंडित ने बताया मेरे भांजे की पत्नी सोना को शाम 4 बजे डिलीवरी के लिए भर्ती किया था। रात 8 बजे तक डॉक्टर नहीं आए। जब भांजा तुषार प्रसूति कक्ष के बाहर नानी को बुलाने गया तो डॉ. अभिषेक ने बदसलूकी की। संयोगितागंज टीआई ने भांजे को मेडिकल के लिए अस्पताल की कैजुअल्टी भेजा, रातभर मेडिकल नहीं किया। सुबह 4.30 बजे किया गया। रातभर थाने के स्टाफ ने डॉक्टर के साथ राजीनामा करने के लिए दबाव बनाया। बाद में डॉ. अभिषेक ने गलती स्वीकार की।

 

जैसी सुरक्षा चाहिए, उपलब्ध करवाएंगे
डीन डॉ. शरद थोेरा ने बताया डॉक्टरों को जिस तरह की सुरक्षा चाहिए, हम उपलब्ध करवा देंगे। हमने अस्पताल प्रशासन को निर्देश दे दिया है कि एफआईआर करवाएं। अधीक्षक से बात हो गई है। हड़ताल वापस लेने के लिए तैयार हो गए हैं। 

 

ट्रांसपोर्ट

1 जनवरी से डीजल 8.83 रु. महंगा, थमेंगे ट्रकों के पहिए

महंगा ईंधन कारण :  डीजल के दाम कम नहीं होने पर 20 जुलाई से अनिश्चितकालीन हड़ताल की घोषणा

अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के दाम बढ़ने और रुपए कमजोर होने से पेट्रोल-डीजल के दाम नए रिकाॅर्ड बना रहे हैं। 1 जनवरी से अब तक डीजल 8.83 और पेट्रोल 7 रुपए महंगा हो गया। ऑल इंडिया मोटर ट्रांसपोर्ट कांग्रेस (एआईएमटीसी) ने नई दिल्ली में बैठक कर 20 जुलाई से हड़ताल की घोषणा की है। एसोसिएशन की को-ऑर्डिनेशन कमेटी के चेयरमैन अमृत मदान ने कहा कि भारत से भूटान और श्रीलंका को डीजल जाता है वहां 52 व 53 रुपए लीटर बिकता है, जबकि इंदौर में 70.95 रुपए है। डीजल के दाम कम किए जाएं या 

 

 

10 % से ज्यादा बढ़ रही महंगाई 
प्रांतीय ट्रासंपोर्ट एसोसिएशन वेलफेयर मप्र के प्रमुख वी. कालरा का कहना है कि डीजल के कारण आज महंगाई 10 फीसदी से ज्यादा बढ़ रही है। डीजल की बढ़ती कीमतों ने परिवहन लागत में 10 फीसदी से ज्यादा का इजाफा कर दिया है। वहीं, थर्ड पार्टी इंश्योरेंस भी 25 फीसदी से ज्यादा महंगा हो गया है, जबकि इस सेक्टर से इंश्योरेंस कंपनियां जमकर मुनाफा बना रही हैं, क्योंकि इसमें क्लेम ज्यादा आते ही नहीं। इन सभी कारणों से ट्रांसपोर्टर्स को नुकसान हो रहा है। 

टोल बंद कर, परमिट में ही ले लें राशि
एसोसिएशन ने यह भी कहा कि  सरकार रोड के नाम पर डीजल पर पहले ही आठ फीसदी सेस ले रही है, जिससे उसे एक लाख 20 हजार करोड़ की आय हुई। वहीं, टोल अलग लिया जा रहा है। हमारा प्रस्ताव है कि सरकार नेशनल और स्टेट परमिट जारी करते समय हमेशा अतिरिक्त राशि ले और टोल टैक्स कलेक्शन बंद कर दें।
- पेट्रोल 1 जनवरी को 74.92 रुपए लीटर,  19 मई को दाम 81.92 रुपए

- डीजल 1 जनवरी को 62.40 रुपए लीटर और 19 मई को दाम 71.23 रुपए लीटर।

कल से बस संचालक भी हड़ताल पर
संभाग में 21 मई से होने वाली बसों की हड़ताल को लेकर परिवहन उपायुक्त संजय सोनी ने शनिवार को बस संचालकों की बैठक ली। हड़ताल नहीं करने को लेकर चर्चा की। संचालकों ने कहा कि जब तक किराया नहीं बढ़ाया जाता, तब तक हड़ताल वापस नहीं लेंगे।

 

किसान

1 जून से 10 दिन मंडियों में न सब्जी पहुंचेगी न दूध मिलेगा

मांगें नहीं मानी :  पिछले साल किसान आंदोलन की आग में जला था प्रदेश, गई थी 7 किसानों की जान

किसान संगठनों ने एक बार फिर बड़े आंदोलन की घोषणा कर दी है। 1 से 10 जून तक दूध, सब्जियां और फल मंडियों तक नहीं पहुंचेंगे। किसान संगठनों ने आम लोगों को सीधे गांव की चौपाल से फल-सब्जी और दूध खरीदने की छूट दी है। शहरी क्षेत्र में दुकानों और घरों तक ये सभी जरूरी चीजें नहीं पहुंचेंगी। इस बार अस्पतालों को इससे छूट दी गई है। आंदोलन के जरिये 22 राज्यों के 130 छोटे-बड़े किसान संगठन लामबंद हो गए हैं। आंदोलन का नेतृत्व कर रहे राष्ट्रीय किसान मजदूर महासंघ के अध्यक्ष शिवकुमार शर्मा कक्का जी ने शनिवार को पत्रकारवार्ता के जरिये इस आंदोलन की घोषणा की।

 

6 जून को मंदसौर गोलीकांड की बरसी मनाएंगे
कक्का जी के अनुसार आंदोलन के तहत 5 जून को विश्वासघात दिवस मनाया जाएगा। पिछले साल इसी दिन भारतीय किसान संघ के साथ मुख्यमंत्री ने बैठक कर बाले-बाले आंदोलन खत्म करने की घोषणा कर दी थी। इसके बाद आंदोलन और भड़क गया था और अगले दिन मंदसौर में पुलिस की गोली से पांच किसानों की मौत हो गई थी। दो किसानों की मौत पुलिस हिरासत में हो गई थी। 6 जून को मंदसौर गोली कांड की बरसी मनाएंगे।

आयोग सीएम के घर बैठ कर रहा रिपोर्ट तैयार : शर्मा
शर्मा ने मुख्यमंत्री पर आरोप लगाते हुए कहा किसानों की मौत की जांच के लिए बना आयोग सीएम हाउस में बैठकर रिपोर्ट तैयार कर रहा है। किसानों को सरकार की तरफ से डराया-धमकाया जा रहा है। जो रिपोर्ट तीन माह में तैयार होना थी, वह 11 माह में भी नहीं हो पाई है। भावांतर योजना मंडियों में लूट का सबसे बड़ा जरिया है। प्रदेश में जंगल राज है। 1972 के मंडी एक्ट की धारा 36 कहती है कि समर्थन मूल्य से नीचे मंडी में अनाज बिकता है तो यह आपराधिक कृत्य है। 

100 ट्रैक्टर के जरिये बताएंगे सच
1 अगस्त से 90 दिन की किसान यात्रा हर विधानसभा जाएगी। 100 ट्रैक्टर के जरिये किसानों की बर्बादी की कहानी सुनाई जाएगी। हर हाल में देश का किसान एकजुट होकर ऐसी सरकारों को उखाड़ फेंकने का दम रखता है, जो सत्ता के नशे में चूर है।

 

 

 

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