--Advertisement--

कलयुग में कब और कहां अवतार लेंगे भगवान विष्णु, लिखा है श्रीमद्भागवत में

पुराणों के अनुसार, कलयुग के अंत में भगवान विष्णु एक और अवतार लेंगे।

Danik Bhaskar | May 07, 2018, 05:32 PM IST

रिलिजन डेस्क। जब-जब धरती पर पाप बढ़ता है, तब-तब भगवान विष्णु दुष्टों का अंत कर धर्म की स्थापना के लिए अवतार लेते हैं। पुराणों के अनुसार, कलयुग के अंत में भगवान विष्णु एक और अवतार लेंगे। भगवान का यह अवतार कल्कि के रूप में प्रसिद्ध होगा। श्रीमद्भागवत-महापुराण में भगवान के कल्कि अवतार का वर्णन एक श्लोक में किया गया है। आज हम हमको भगवान कल्कि तथा उनके मंदिर के संबंध में कुछ रोचक जानकारी बता रहे हैं, जो इस प्रकार है-

श्रीमद्भागवत-महापुराण के 12वे स्कंद के अनुसार-

सम्भलग्राममुख्यस्य ब्राह्मणस्य महात्मनः।

भवने विष्णुयशसः कल्किः प्रादुर्भविष्यति।।

अर्थ- शम्भल ग्राम में विष्णुयश नाम के एक ब्राह्मण होंगे। उनका ह्रदय बड़ा उदार और भगवतभक्ति पूर्ण होगा। उन्हीं के घर कल्कि भगवान अवतार ग्रहण करेंगे।

श्रीमद्भागवत महापुराण में बताई गई जगह आज उत्तरप्रदेश के मुरादाबाद जिले में संभल नाम से मौजूद है। श्रीमद्भागवत के अनुसार यहीं पर भगवान विष्णु अपना कल्कि अवतार लेंगे। कल्कि देवदत्त नामक घोड़े पर सवार होकर संसार से पापियों का विनाश करेंगे और फिर से धर्म की स्थापना करेंगे।

किस दिन होगा कल्कि अवतार

पुराणों के अनुसार श्रावण मास के शुक्ल पक्ष की षष्ठी तिथि को कल्कि अवतार होगा, इसलिए इस दिन कल्कि जयंती का पर्व मनाया जाता है। कल्कि अवतार कलियुग व सतयुग के संधिकाल में होगा। यह अवतार 64 कलाओं से युक्त होगा।
भगवान श्री कल्कि का प्राचीन कल्कि विष्णु मंदिर उत्तर प्रदेश के संभल जिले में है। पुराणों में संभल जिले को शंभल के नाम से पुकारा गया है। संभल में स्थापित प्राचीन श्री कल्कि विष्णु मन्दिर का इतिहास भी बहुत रोचक व अनोखा है।