केंसस ने आदिम जनजाति की दो लड़कियों को परिजनों को सौंपा
केंद्रीय सरना समिति के लोगों ने गुरुवार को आदिम जनजाति की दो नाबालिग लड़कियों को सिरम टोली स्थित प्रेमाश्रय आश्रम से निकालकर उनके परिजनों को सौंपा दिया। समिति के केंद्रीय अध्यक्ष फूलचंद तिर्की ने बताया कि 14 फरवरी को मानव तस्कर गुमला के बिशुनपुर की रहने वाली दोनों लड़कियों को 10 हजार रुपए की नौकरी का झांसा देकर दिल्ली ले जा रहे थे। समिति के लोगों ने रांची रेलवे स्टेशन में रेस्क्यू कर इन्हें छुड़ाकर इनके परिजनों को सूचना दी। इसके बाद कागजी कार्रवाई होने तक दोनों को प्रेमाश्रय में रखा गया था। लोहरदगा जिला समिति के अध्यक्ष चैतू उरांव ने कहा कि लोहरदगा, गुमला, बिशुनपुर आदि से हर साल 10 हजार लोग पलायन करते हैं। मानव तस्कर इन्हें बेचकर मोटी रकम कमा लेते हैं। आज भी गुमला, लोहरदगा, बिशुनपुर के हजारों लोग लापता हैं। सरना समिति बिशनपुर के प्रभारी श्यामनंदन लोहरा का इन बच्चियों को मुक्त कराने में पूरा सहयोग रहा। प्रतिनिधिमंडल में रांची जिला सरना समिति के अध्यक्ष अमर तिर्की, महासचिव राजन भेंगरा, रांची महानगर सरना समिति के अध्यक्ष विनय उरांव आदि शामिल थे।