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Karnataka: चंद्रबाबू नायडू और BJP के बीच दूरियां बढ़ीं; अब आंध्र प्रदेश में जवाब देगी भाजपा

3 वर्ष पहले
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नई दिल्ली. कर्नाटक में भारतीय जनता पार्टी सरकार बना चुकी है। हालांकि, उसे अभी विधानसभा में बहुमत साबित करने के लिए 15 दिन का वक्त मिल गया। लेकिन, कर्नाटक के पड़ोसी राज्य आंध्र प्रदेश में भी बीजेपी की जीत का असर देखा जा सकता है। दरअसल, कर्नाटक चुनाव प्रचार के दौरान आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने तेलुगु वोटर्स से बीजेपी का नाम लिए बिना उसे वोट ना देने की अपील की थी। उनके डिप्टी सीएम ने तो साफ तौर पर और बीजेपी का नाम लेकर कहा था कि कर्नाटक में रहने वाले तेलुगु वोटर्स भाजपा को वोट ना दें क्योंकि उसने आंध्र प्रदेश को स्पेशल स्टेटस (विशेष राज्य का दर्जा) नहीं दिया। हालांकि, इस अपील का कोई असर नहीं हुआ। लेकिन, अब बीजेपी और तेलुगु देशम पार्टी यानी टीडीपी को आंध्र प्रदेश विधानसभा चुनाव में जवाब देने की तैयारी कर रही है। राज्य में अगले साल ये चुनाव होने हैं।

NDA छोड़ चुके हैं नायडू
- टीडीपी NDA में शामिल थी। उसने आंध्र प्रदेश को विशेष राज्य का दर्जा देने की मांग की। केंद्र सरकार ने जब यह मांग ठुकरा दी तो मार्च में चंद्रबाबू नायडू ने NDA से नाता तोड़ दिया। 
- कर्नाटक में चुनाव प्रचार के दौरान नायडू ने वहां रहने वाले तेलुगु भाषियों से अपील में कहा कि वो उस पार्टी को वोट बिल्कुल ना दें, जिसने आंध्र प्रदेश को विशेष राज्य का दर्जा देने की मांग ठुकरा दी। उनके डिप्टी सीएम कृष्णमूर्ति ने तो साफ तौर पर बीजेपी का नाम लिया। उन्होंने कहा था- अब किसी को भी वोट दें लेकिन बीजेपी को तो आपका मत बिल्कुल नहीं जाना चाहिए। 

क्या इसलिए हुआ बीजेपी को नुकसान
- कुछ लोकल मीडिया रिपोर्ट में कहा गया है कि भाजपा को नायडू ने कर्नाटक में नुकसान पहुंचाया। हालांकि, बीजेपी के महासचिव राम माधव ऐसा नहीं मानते। माधव ने एक ट्वीट में कहा- कर्नाटक में चंद्रबाबू नायडू ने तेलुगु वोटर्स को बीजेपी से दूर रखने की हर मुमकिन कोशिश की। लेकिन, हैदराबाद-कर्नाटक के उस क्षेत्र में जहां ज्यादातर तेलुगु लोग रहते हैं, वहां बीजेपी 6 से 20 सीटों पर पहुंच गई। लोगों ने नायडू की अपील को खारिज कर दिया। अब दक्षिण भारत में हमारे आगे का सफर शुरू हो गया है। 
- आंध्र बीजेपी के कई नेताओं ने पार्टी से चंद्रबाबू नायडू की शिकायत की है। उनका कहना है कि नायडू राज्य में बीजेपी को नुकसान पहुंचाने का काम कर रहे हैं।

तो क्या नायडू की बढ़ेंगी मुश्किलें
- जानकारी के मुताबिक, चंद्रबाबू नायडू का यह तरीका दक्षिण भारत के बीजेपी नेताओं और हाईकमान को सख्त नागवार गुजरा है। अब कर्नाटक में बहुमत साबित करने के बाद बीजेपी आंध्र प्रदेश पर फोकस करने जा रही है। टीडीपी नेताओं को भी लग रहा है कि केंद्र सरकार अब उनकी परेशानियां बढ़ा सकती है। 
- बीजेपी नेता इस बात से भी नाराज हैं कि चंद्रबाबू नायडू और उनके मंत्री प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ गलत भाषा का इस्तेमाल कर रहे हैं।  
- अांध्र प्रदेश के वित्त मंत्री यानामला रामकृष्ण ने कहा था कि कर्नाटक में 60 फीसदी तेलुगु वोटर्स ने बीजेपी को वोट नहीं दिया। वो ये भी कहते हैं कि टीडीपी ने तो कर्नाटक में प्रचार किया ही नहीं।  

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