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डाउनलोड करेंबेंगलुरु/नई दिल्ली. कर्नाटक विधानसभा चुनाव में किसी भी पार्टी को बहुमत नहीं मिला है। इसलिए यहां सरकार बनाने के लिए मशक्कत जारी है। BJP सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है। बुधवार को उसके विधायक दल की मीटिंग हुई। इसमें बीएस. येद्दियुरप्पा को विधायक दल का नेता चुन लिया गया। हालांकि, इसमें कुछ नया नहीं है क्योंकि पार्टी ने येद्दियुरप्पा को ही अपना मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार घोषित किया था। वहीं, कांग्रेस जनता दल सेक्युलर को समर्थन देकर वहां भाजपा को किसी भी कीमत पर रोकने की कोशिशें कर रही है।
पहले जानिए, क्या कहते हैं एक्सपर्ट?
- देश के पूर्व अटॉर्नी जनरल मुकुल रोहतगी ने कर्नाटक में त्रिशंकू विधानसभा की स्थिती पर कहा- राज्यपाल को सबसे बड़ी पार्टी को सरकार बनाने का न्योता देना चाहिए। जाहिर सी बात है कि बीजेपी ही सबसे बड़ी पार्टी है। उन्हें बीजेपी से पूछना चाहिए कि क्या वो सरकार बनाना चाहती है। अगर वो इनकार करते हैं तो फिर दूसरी सबसे बड़ी पार्टी को न्योता मिलना चाहिए। राज्यपाल को उन्हें बहुमत साबित करने के लिए वक्त भी देना चाहिए।
जेडीएस की क्या हालत?
- जेडीएस के लिए दिक्कतें हैं। न्यूज एजेंसी के मुताबिक- जेडीएस के कुछ विधायक बीजेपी के साथ जा सकते हैं। ये खबर इसलिए भी जरूरी हो जाती है क्योंकि जेडीएस बुधवार को जब विधायक दल की मीटिंग कर रही थी तब उसके दो विधायक नदारद थे।
कांग्रेस क्या चाहती है?
- कांग्रेस का एक सूत्रीय फॉर्मूला ये है कि वो किसी भी तरह राज्य में भाजपा को सरकार बनाने से रोके। लेकिन, वो गोवा, मणिपुर में अपना हश्र देख चुकी है। लिहाजा, वो इसमें कैसे कामयाब होगी ये देखना होगा।
- इसीलिए, कांग्रेस ने जनता दल सेक्युलर को समर्थन देकर दांव खेला है। उसने जनता दल सेक्युलर के नेता कुमारस्वामी को सीएम बनने को न्योता दिया है। कांग्रेस का दावा है कि भाजपा के 6 विधायक उसके संपर्क में हैं।
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