पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर
डाउनलोड करें
नई दिल्ली. कर्नाटक में सरकार बनाने का न्योता दिए जाने पर कांग्रेस ने कहा कि राज्यपाल वजूभाई वाला संविधान के खिलाफ नहीं जा सकते। पार्टी के नेता गुलाम नबी आजाद से सवाल पूछा गया कि क्या कर्नाटक में सरकार बनाने के लिए कांग्रेस कानूनी रास्ता भी अपना सकती है? आजाद ने कहा कि हमें राज्यपाल पर पूरा विश्वास है कि वो संविधान के मुताबिक चलेंगे ना कि पार्टी की राजनीति में लिप्त होंगे। कांग्रेस और जेडीएस ने राज्यपाल से मुलाकात कर सरकार बनाने का दावा पेश किया। बता दें कि इस चुनाव में भाजपा को 104, कांग्रेस को 78 और जेडीएस को 38 सीटें मिली हैं।
राज्यपाल ने संवैधानिक तरीके से विचार का वादा किया
- कांग्रेस और जेडीएस ने राज्यपाल से मुलाकात की। इसके बाद एचडी कुमारस्वामी ने मीडिया से कहा, "हमने राज्यपाल को दस्तावेज दिखाए, जिनसे जाहिर होता है कि सरकार बनाने के लिए हमारे पास पर्याप्त बहुमत है। उन्होंने हमें इस पर संवैधानिक तरीके से विचार करने का वादा किया है।"
कानून रास्ते पर विचार कर रही है कांग्रेस: सूत्र
- कई रिपोर्टों में सूत्रों के हवाले से कहा जा रहा है कि कर्नाटक में जारी सरकार बनाने की कश्मकश को लेकर कांग्रेस कानूनी रास्तों पर विचार कर रही है।
- सूत्रों ने कहा, "अगर राज्यपाल कांग्रेस-जेडीएस को सरकार बनाने के लिए नहीं बुलाते हैं तो पार्टी सुप्रीम कोर्ट जाएगी। ऐसी स्थिति में अभिषेक मनु सिंघवी, कपिल सिब्बल और विवेक तन्खा राज्यपाल के फैसले को अदालत में चुनौती देंगे।"
राज्यपाल को दिखाया था सुप्रीम कोर्ट का फैसला
- मंगलवार को राज्यपाल से मुलाकात के दौरान कांग्रेस ने उन्हें सुप्रीम कोर्ट का फैसला दिखाया था। गोवा पर दिए इस फैसले में कहा गया था- सबसे बड़े दल को शपथ दिलवाना जरूरी नहीं है। 2-3 दलों के पास ज्यादा संख्या है तो उन्हें शपथ दिलवा सकते हैं।
ये भी पढ़ें-
कर्नाटक में भाजपा सबसे बड़ी पार्टी; वजह कॉल सेंटर से 50 हजार बूथों तक माइक्रो मैनेजमेंट किया
कर्नाटक में भाजपा बहुमत से 8 सीटें दूर, येदियुरप्पा के बाद जेडीएस ने भी दावा पेश किया
Copyright © 2021-22 DB Corp ltd., All Rights Reserved
This website follows the DNPA Code of Ethics.