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डाउनलोड करेंबेंगलुरु. कर्नाटक में सरकार बनाने के लिए सियासी मशक्कत जारी है। 104 सीटें जीतकर सबसे बड़ी पार्टी बनी BJP ने सरकार बनाने का दावा पेश कर दिया है। दूसरी तरफ, कांग्रेस और जनता दल सेक्युलर के विधायक भी राजभवन पहुंचे। जनता दल सेक्युलर के नेता एचडी कुमारस्वामी ने कहा- हमने सरकार बनाने के लिए जरूरी दस्तावेज और विधायकों के दस्तखत वाला पत्र सौंपा है। राज्यपाल ने हमसे कहा है कि वो संविधान के मुताबिक ही फैसला करेंगे। वहीं, भाजपा विधायकों ने बीएस. येद्दियुरप्पा को अपना नेता चुना है। येद्दियुरप्पा बुधवार सुबह राज्यपाल वजुभाई वाला से मिलने राजभवन गए और सरकार बनाने का दावा पेश किया। राज्यपाल ने उन्हें अभी सरकार बनाने का न्योता नहीं दिया है। वहीं, कांग्रेस की बीजेपी को रोकने की कोशिशें रंग लाती नहीं दिख रही हैं। दरअसल, कांग्रेस विधायक दल की जब बुधवार सुबह मीटिंग हुई तो उनके 78 में से 66 विधायक ही पहुंचे।
बीजेपी बनाएगी सरकार?
- कर्नाटक में किसी भी पार्टी को स्पष्ट बहुमत नहीं मिला है। बीजेपी को 104, कांग्रेस को 78 और जनता दल सेक्युलर को 38 सीटें मिली हैं।
- इसका मतलब ये है कि बीजेपी सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है। परंपरा ये रही है कि राज्यपाल सबसे बड़ी पार्टी को पहले सरकार बनाने का न्योता देते हैं। इसके बाद आमतौर पर उस पार्टी से विधानसभा में बहुमत साबित करने को कहा जाता है।
- इसलिए ये कहा जा सकता है कि राज्यपाल बीजेपी को सरकार बनाने का न्योता दे सकते हैं। इसके बाद येद्दियुरप्पा को सीएम पद की शपथ दिलाई जाएगी। इसके बाद, उन्हें विधानसभा में बहुमत साबित करना होगा।
क्या मुश्किल में कांग्रेस और जेडीएस?
- कांग्रेस को बुधवार सुबह उस वक्त बहुत बड़ा झटका लगा जब उसने विधायक दल की बैठक बुलाई। कांग्रेस के कुल 78 विधायक हैं। लेकिन, इस मीटिंग में सिर्फ 66 विधायक ही पहुंचे। यानी कुल मिलाकर 12 विधायक मीटिंग से दूर रहे। कांग्रेस पहले ही आरोप लगा रही है कि बीजेपी उसके विधायकों को तोड़ने की कोशिश कर रही है।
- जनता दल सेक्युलर की हालत भी ज्यादा अलग नहीं है। उसके विधायक दल की बैठक में 38 में से 2 विधायक गायब रहे। खास बात ये भी है कि एक निर्दलीय विधायक ने भाजपा को समर्थन देने की घोषणा कर दी है।
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