पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • National
  • Karnataka LIVE: येदियुरप्पा का शपथ ग्रहण समारोह अब से कुछ देर बाद; सुप्रीम कोर्ट ने किया रोक से इनकार

Karnataka LIVE: येदियुरप्पा का शपथ ग्रहण समारोह अब से कुछ देर बाद; सुप्रीम कोर्ट ने किया रोक से इनकार

3 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक

बेंगलुरु/नई दिल्ली. कर्नाटक में आज भारतीय जनता पार्टी की सरकार बन गई। बीएस. येदियुरप्पा ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। कांग्रेस ने राज्यपाल वजुभाई वाला के बीजेपी को सरकार बनाने का न्योता देने के खिलाफ रात 11 बजे सुप्री कोर्ट में अपील की। लेकिन, वहां से भी उसको राहत नहीं मिली। सरकार को 15 दिन में बहुमत साबित करना होगा। बता दें कि चुनाव में बीजेपी को 104, कांग्रेस को 78 और जनता दल सेक्युलर को 38 सीटें मिली थीं। इसके अलावा दो निर्दलीय और एक बहुजन समाज पार्टी का विधायक है। 

 

LIVE UPDATES

- कांग्रेस नेताओं का विरोध प्रदर्शन। गांधी प्रतिमा के आगे बैठे। इस दौरान उनके हाथ में अखबार नजर आए।

#UpdateVisuals from Bengaluru: Congress holds protest at Mahatma Gandhi's statue in Vidhan Soudha, against BS Yeddyurappa's swearing in as CM of #Karnataka. GN Azad, Ashok Gehlot, Mallikarjun Kharge, KC Venugopal and Siddaramaiah present. pic.twitter.com/asDWeGJTpD

— ANI (@ANI) May 17, 2018

शपथ ग्रहण समारोह के बाद मुख्यमंत्री बीएस. येदियुरप्पा भाजपा के बड़े नेताओं के साथ नजर आए। अनंत कुमार ने कहा कि येदियुरप्पा को बहुमत साबित करने में किसी तरह की कोई दिक्कत नहीं होगी। उन्होंने कहा कि राज्यपाल ने सही फैसला किया था। 

Bengaluru: Karnataka Chief Minister BS Yeddyurappa along with BJP leaders Ananth Kumar and Murlidhar Rao pic.twitter.com/7JlJG9zsCL

— ANI (@ANI) May 17, 2018

कांग्रेस के नेता विधानसभा परिसर में राज्यपाल के फैसले के खिलाफ धरने पर बैठे। खास बात ये है कि पर्यवेक्षक के तौर पर कर्नाटक पहुंचे गुलाम नबी आजाद भी इस विरोध प्रदर्शन में शामिल हैं। पूर्व सीएम सिद्धारमैया भी आजाद के साथ हैं। कांग्रेस के सभी विधायक एक बस से विधानसभा परिसर पहुंचे। 

Bengaluru: Congress MLAs and leaders, including GN Azad, Ashok Gehlot and Siddaramaiah, gather at Mahatma Gandhi's statue in Vidhan Soudha to protest against BS Yeddyurappa's swearing in as CM of Karnataka. pic.twitter.com/lmWcrFUr30

— ANI (@ANI) May 17, 2018

- शपथ लेने के बाद येदियुरप्पा को राज्यपाल वजुभाई वाला ने बधाई दी।

Bengaluru: BJP's BS Yeddyurappa sworn-in as Chief Minister of Karnataka pic.twitter.com/TrkgFYNoPC

— ANI (@ANI) May 17, 2018

- बीएस. येदियुरप्पा ने कर्नाटक के मुख्यमंत्री के तौर पर शपथ ली। राजभवन में यह कार्यक्रम हुआ। राज्यपाल वजुभाई वाला ने इस लिंगायत नेता को मुख्यमंत्री के पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई।

#Bengaluru: BJP's BS Yeddyurappa takes oath as the Chief Minister of Karnataka. pic.twitter.com/f33w4GZjrS

— ANI (@ANI) May 17, 2018

- येदियुरप्पा शपथ लेने के लिए राजभवन पहुंचे। यहां उन्होंने अपने समर्थकों का अभिवादन किया। 

#Karnataka: BS Yeddyurappa arrives at Raj Bhavan, to take oath as Karnataka Chief Minister shortly pic.twitter.com/IQLSPrGz2u

— ANI (@ANI) May 17, 2018

भाजपा नेता और केंद्रीय मंत्री अनंत कुमार ने कहा- राज्यपाल का फैसला सही है। हम समर्थन हासिल कर लेंगे। विधानसभा में येदियुरप्पा जी की सरकार बहुमत साबित कर देगी। 

 

I think all the precedents are with the Governor's decision. We will get the support, we will prove our majority on the floor of the House: Ananth Kumar, BJP at Raj Bhavan in Bengaluru pic.twitter.com/ynWOEBhxk9

— ANI (@ANI) May 17, 2018

क्या कहते हैं एक्सपर्ट?
- संविधान के जानकार सुभाष कश्यप ने कहा- राज्यपाल के फैसले को चुनौती नहीं दी जा सकती। जहां तक ये सवाल है कि किस पार्टी के पास बहुमत है, तो इसका फैसला विधानसभा में होगा-राजभवन में नहीं। वहां विधायकों की लिस्ट देने का कोई अर्थ नहीं है। 
- देश के पूर्व अटॉर्नी जनरल मुकुल रोहतगी ने कर्नाटक में त्रिशंकू विधानसभा की स्थिती पर कहा- राज्यपाल को सबसे बड़ी पार्टी को सरकार बनाने का न्योता देना चाहिए। जाहिर सी बात है कि बीजेपी ही सबसे बड़ी पार्टी है। उन्हें बीजेपी से पूछना चाहिए कि क्या वो सरकार बनाना चाहती है। अगर वो इनकार करते हैं तो फिर दूसरी सबसे बड़ी पार्टी को न्योता मिलना चाहिए। राज्यपाल को उन्हें बहुमत साबित करने के लिए वक्त भी देना चाहिए। 

कैसे साबित होगा बहुमत?
- फौरी तौर पर तो बहुमत तभी साबित हो सकता है, जब सदन में 14 विधायक मौजूद न रहें या भाजपा संख्याबल या समर्थन जुटा ले। 

फिर आधी रात को लगा सुप्रीम कोर्ट 
- कांग्रेस और जेडीएस ने बुधवार रात 11 बजे अर्जी लगाकर तत्काल सुनवाई की मांग की। चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा ने तीन जजों की बेंच बनाई। इस पर सुनवाई देर रात 02:10 बजे शुरू हुई और सुबह 4:20 तक चली। लेकिन, बीजेपी की सरकार बनाने के फैसले पर रोक नहीं लगाई गई।
- सुप्रीम कोर्ट के इतिहास में याकूब मेमन की फांसी पर फैसले के बाद यह दूसरा मौका था, जब इतनी रात को सुनवाई की गई। याकूब मामले में जुलाई 2015 में रात 2 बजे सुनवाई हुई थी। दिसंबर 2015 में निर्भया केस के दोषी की रिहाई के लिए भी रात को अर्जी लगाई गई थी, लेकिन इस पर सुनवाई अगले दिन हुई थी।

 

खबरें और भी हैं...