--Advertisement--

यूरिन इंफेक्शन से करुणानिधि की मौत, संक्रमण और लो-बीपी से बचने के लिए बुजुर्ग इन बातों का रखें ध्यान

मेडिकल रिपोर्ट के अनुसार करुणानिधि को यूरिन इंफेक्शन और लो ब्लड प्रेशर की शिकायत पर भर्ती किया गया था।

Danik Bhaskar | Aug 07, 2018, 07:58 PM IST

हेल्थ डेस्क. द्रमुक प्रमुख और तमिलनाडु के पूर्व मुख्यमंत्री एम. करुणानिधि का 94 साल की उम्र मंगलवार शाम निधन हो गया। मेडिकल रिपोर्ट के अनुसार करुणानिधि को यूरिन इंफेक्शन और लो ब्लड प्रेशर की शिकायत पर भर्ती किया गया था। बढ़ती उम्र में दोनों ही स्थिति जान को जोखिम बढ़ा सकती हैं। जानते हैं इससे कैसे बचा जा सकता है।

1- यूरिन इंफेक्शन का कारण यूरिनरी ट्रैक्ट में बैक्टीरिया का पहुंचना है। ये स्थिति तब बनती है जब बैक्टीरिया यूरिनरी ट्रैक्ट में पहुंचती है और इम्यून सिस्टम इससे हमे बचा नहीं पाता है। जो धीरे-धीरे ब्लैडर और किडनी तक पहुंच जाती है। इसे यूटीआई यानी यूरिनरी ट्रैक्ट इंफेक्शन कहते हैं। उम्र के साथ यूटीआई का खतरा बढ़ता जाता है। इसका एक कारण इम्यूनिटी का घटना भी है।

2- यूटीआई होने पर जरूरी है नहीं हर समय इसके लक्षण महसूस हों। इसके लक्षण कभी तेज तो कभी हल्का अहसास कराते हैं। कमर के निचले हिस्से में दर्द होना, बार-बार यूरिन रिलीज करना, फीवर होना, यूरिन करते समय तेज बदबू आना या जलन महसूस होना इसके लक्षण हैं। ऐसा होने पर डॉक्टर से संपर्क करें।

3- बुजुर्गों में ये समस्या इसलिए भी खतरनाक मानी जाती है क्योंकि अधिक उम्र होने पर अल्जाइमर के कारण याद्दाश्त कम हो जाती है। इसलिए ऐसे में अपनी बात का ठीक से बता पाने में भी असमर्थ महसूस करते हैं और वे भ्रम की स्थिति में जीने लगते हैं।

4- ऐसे बुजुर्ग जिन्हें अल्जाइमर, पार्किंसन डिजीज या डायबिटीज है उनमें संक्रमण की आशंका अधिक होती है। इसलिए समय-समय पर डॉक्टरी सलाह लेते रहें। ज्यादातर मामलों में एंटीबायोटिक्स की मदद से इलाज किया जाता है।

5- लाइफस्टाइल डिजीज में शामिल लो-ब्लड प्रेशर की समस्या को हायपोटेंशन भी कहते हैं। ज्यादातर लोग इसे गंभीर नहीं मानते लेकिन इसका ध्यान रखने की जरूरत है क्योंकि लो-बीपी की स्थिति में चक्कर आना और बेहोशी की आशंका अधिक रहती है। जो कि बुजुर्गों में जान का जोखिम बढ़ा सकती है।

6- अगर चक्कर आना, आंखों के सामने अंधेरा छाना, मिचली आना, थकान और किसी काम पर ध्यान न केंद्रित करना पाना जैसी समस्या का सामना करना पड़ रहा है तो डॉक्टरी सलाह लें। ये ब्लड प्रेशर गिरने के लक्षण हैं।

7- खानपान से ज्यादातर बीमारियों का खतरा कम किया जा सकता है। डाइट में मौसमी सब्जियां और फल लें खासकर गाजर, पालक, टमाटर, ब्रॉकली, प्याज। फलों में आम, तरबूज, सेब, खुबानी ले सकते हैं। इसके अलावा सीमित मात्रा में ड्राय फ्रूट लें।

8- शरीर में पानी की कमी होना भी यूटीआई को बढ़ावा देता है। दिनभर में 7-8 गिलास पानी जरूर पीएं। दिन की शुरुआत गुनगुने पानी से करें। इससे शरीर में मौजूद विषैले तत्व बाहर निकलेंगे और संक्रमण का खतरा कम होगा। इसके अलावा मॉर्निंग या इवनिंग वॉक को रूटीन में जरूर शामिल करें।