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डाउनलोड करेंफ़ैसल मोहम्मद अली,
बीबीसी संवाददाता, श्रीनगर
भारत प्रशासित कश्मीर में विधानसभा के चौथे चरण का मतदान समाप्त हो चुका है.
तमाम हिंसक चेतावनियों के बावजूद लोगों ने जोश-ओ-ख़रोश से वोट डाला. कड़ाके की ठंड के बावजूद पोलिंग बूथ पर ख़ासी भीड़ देखी गई.
पूरी रिपोर्ट पढ़ें विस्तार सेसर्दी की वजह से वोटिंग कई जगहों पर देर से शुरू हुई.
श्रीनगर के हबक क्षेत्र के एक पोलिंग बूथ पर पहला वोट साढ़े आठ बजे डाला गया.
तो दूसरी तरफ़ मलिकबाग़ के काठीहाल के एक मतदान केंद्र पर दिन के एक बजे तक एक भी वोट नहीं पड़ा था.
ये इलाक़ा पूराने शहर का हिस्सा है जो हब्बाक़दल चुनाव क्षेत्र में पड़ता है. यहां से बीजेपी के मोती कौल मैदान में हैं.
मगर साथ ही श्रीनगर के बेमिना में, जो बट्टामालू चुनाव क्षेत्र का हिस्सा है, वोटर सुबह से ही पालिंग बूथ के सामने जमा होने शुरू हो गए थे.
घाटी में अलगाववादियों की तरफ़ से हड़ताल का ऐलान किया गया था.
सारी दुकानें, होटल वग़ैरह सभी बंद थे. लोग सड़कों के किनारे गाड़ियों के इंतज़ार में दिखे.
वैसे घाटी में लोग नेशनल कांफ्रेस के ख़िलाफ़ बोलते दिखे लेकिन वहीं हमें नगीन क्षेत्र के एक बूथ में कई ऐसे लोग मिले जो मुख्यमंत्री उमर अबदुल्लाह के पक्ष में बोलते दिखे.
उनका कहना था कि उमर साहब ने सैलाब के दौरान भी अपने बल बूते बहुत कुछ किया लेकिन उनके लोगों ने उनका साथ नहीं दिया.
हालांकि शहर के दूसरे इलाक़ों में पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी के पक्ष में भी बातें सुनने में आई.
पीडीपी के प्रमुख मुफ़्ती मोहम्मद सईद इस बार अनंतनाग से चुनाव लड़ रहे हैं. वो दूसरी बार इस क्षेत्र से मैदान में हैं.
शहर के एक पोलिंग बूथ में उनके एक समर्थक ने कहा कि मुफ़्ती साहब जब मुख्यमंत्री थे तो उन्होंने इस क्षेत्र के लिए बहुत कुछ किया था.
लेकिन वहीं मौजूद थे कांग्रेस के एक समर्थक जो कहने लगे कि हम कौन मुख्यमंत्री बनेगा इस नाम पर वोट नहीं देंगे बल्कि उसे वोट देंगे जो हमारा काम करेगा.
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