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कठुआ केस: कांग्रेस हमें बदनाम कर रही, राहुल सिख दंगों में महिलाओं पर हुए अत्याचार पर क्यों चुप हैं- जावड़ेकर

3 वर्ष पहले
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  • बार काउंसिल वकीलों की भूमिका की जांच के लिए एक टीम कठुआ भेजेगी, जो 19 अप्रैल को रिपोर्ट सौंपेगी।
  • बार काउंसिल ऑफ इंडिया ने कहा कि अगर वकील दोषी पाए गए तो उनका लाइसेंस रद्द होगा।

नई दिल्ली. कठुआ, उन्नाव और सूरत में हुई रेप की घटनाओं को लेकर लोगों का गुस्सा बढ़ता जा रहा है। रविवार को दिल्ली, मुंबई और सूरत में इन घटनाओं के विरोध में प्रदर्शन किए गए। लोगों के प्रदर्शन पर नेशनल कॉन्फ्रेंस के लीडर फारुक अब्दुल्ला ने कहा- शुक्र है देश जाग गया, ऐसे मामलों में दोषियों को मौत की सजा दी जानी चाहिए। इससे पहले, जम्मू-कश्मीर की सीएम महबूबा मुफ्ती ने भाजपा के दो मंत्रियों के इस्तीफे मंजूर कर लिए। इन मंत्रियों पर कठुआ केस के आरोपियों के समर्थन में की गई रैली में शामिल होने का आरोप है। उधर, बार काउंसिल ऑफ इंडिया (बीसीआई) ने वकीलों की भूमिका की जांच के लिए 5 सदस्यीय समिति का गठन किया है, जो 19 अप्रैल को रिपोर्ट सौंपेगी। 

 

स्पेशल सेशन में पास किया जाए बिल- फारुक अब्दुल्ला
- फारुक अब्दुल्ला ने नाबालिगों से रेप करने वालों को मौत की सजा देने की मांग की है। 
- उन्होंने कहा, "वो मेरी बेटी जैसी है। खुदा का शुक्र है कि आज देश जाग गया और उन्होंने इन घटनाओं को संजीदगी से लिया है। मुझे उम्मीद है कि न्याय मिलेगा और हम जम्मू-कश्मीर विधानसभा में ऐसा बिल लाएंगे, जिसमें ऐसी घटनाएं होने पर दोषियों को मौत की सजा देने का प्रावधान होगा। ऐसे मामलों में मौत की सजा दी जानी चाहिए। सरकार को स्पेशल सेशन बुलाकर ये बिल पास करवाना चाहिए। ये भविष्य के लिए अच्छी चीज होगी और ऐसे अपराध नहीं होंगे।'

 

कठुआ जाएगी बीसीआई की टीम

- बीसीआई के चेयरमैन मनन कुमार मिश्रा ने कहा, "कमेटी कठुआ जाएगी और इस मामले में जम्मू-कश्मीर बार एसोसिएशन की भूमिका पर लोगों से बातचीत करेगी। रिपोर्ट 19 को मिलेगी। हम ये रिपोर्ट सुप्रीम कोर्ट में पेश करेंगे। हम 2 दिन का अतरिक्त समय दिए जाने की की अपील भी करेंगे। हमने जेकेबीए से हड़ताल खत्म करने को कहा है। अगर कोई भी वकील इस मामले में दोषी पाया गया तो उसका लाइसेंस रद्द करने का अधिकार हमारे पास है।"

- दरअसल, पुलिस 10 अप्रैल को जब कोर्ट में इस केस की चार्जशीट दायर करने पहुंची थी, तब कुछ वकीलों ने विरोध किया था। वहां नारेबाजी की गई थी। अगले दिन इन वकीलों ने जम्मू में बंद का ऐलान किया था। पुलिस ने इस मामले में वकीलों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है।

 

 

सुप्रीम कोर्ट ने लिया था संज्ञान

- शुक्रवार को कठुआ गैंगरेप मामले में स्वत: संज्ञान लेते हुए सुप्रीम कोर्ट ने बार काउंसिल ऑफ इंडिया, जम्मू-कश्मीर बार एसोसिएशन, जम्मू हाईकोर्ट बार एसोसिएशन और कठुआ बार एसोसिएशन को नोटिस जारी किया।

- सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि वकीलों का कर्तव्य है कि वे कोर्ट में आरोपी या पीड़ितों के परिवार का पक्ष रख रहे वकीलों के कार्य में बाधा न डाले। कोर्ट ने 19 अप्रैल तक बार काउंसिल से वकीलों के आचरण पर प्रतिक्रियाएं मांगी है।

 

दो मंत्रियों ने सौंपे थे इस्तीफे

- जम्मू-कश्मीर सरकार के दो चंद्र प्रकाश गंगा और चौधरी लाल सिंह ने शुक्रवार को इस्तीफा दिया था। इसे रविवार को मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने स्वीकार कर लिया। दोनों पर आरोपियों के बचाव में हुई रैली में शामिल होने का आरोप है।
 

राहुल सिख दंगों में महिलाओं पर हुए अत्याचार पर चुप- भाजपा
-  केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने रविवार को पूछा कि राहुल सिख दंगों में महिलाओं पर हुए अत्याचार पर चुप्पी क्यों साधे हुए हैं? वो सिर्फ कैंडल मार्च ही निकाल सकते हैं। हमने अपने 2 मंत्रियों के खिलाफ कार्रवाई की और उन्होंने इस्तीफा दिया। पर राहुल अपने प्रदेश अध्यक्ष गुलाम मीर पर कब कार्रवाई करेंगे?" 
- जावड़ेकर ने कहा, "आरोपियों के समर्थन में खड़े जम्मू बार एसोसिएशन के प्रमुख गुलाम नबी आजाद के पोलिंग एजेंट रहे हैं। क्या उनकी कोई नैतिक जिम्मेदारी नहीं बनती? उन्हें देश से माफी मांगनी चाहिए।''

- ''कठुआ कांड में दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी। हम चाहते हैं कि केस की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट में हो और पीड़ित बच्ची के परिवार को न्याय मिल सके। देश में कहीं भी रेप की घटना निंदनीय है और अपराधियों को सजा होनी चाहिए। हमारी सरकार इसमें भेदभाव नहीं करती है।''

 

क्या है मामला?

- कठुआ जिले के रासना गांव में अल्पसंख्यक बकरवाल समुदाय की 8 साल की बच्ची से जनवरी में बंधक बनाकर कई दिनों तक गैंगरेप किया गया। बाद में उसकी बेरहमी से हत्या कर दी।
- गांव में स्थित एक मंदिर के 60 साल का सेवादार सांझी राम समेत 8 लोग आरोपी हैं। सभी को गिरफ्तार किया जा चुका है। 
- 10 अप्रैल को इस मामले में चार्जशीट दाखिल की गई। तब वकीलों ने पुलिस को चार्जशीट दाखिल करने से रोका। इसके बाद ही इस मामले ने तूल पकड़ा।

 

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