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डाउनलोड करेंजम्मू. 8 साल की बच्ची के साथ ज्यादती के बाद पिछले तीन महीने के दौरान कठुआ के रसाना गांव की सूरत बिल्कुल बदल चुकी है। दहशत के माहौल के बीच कुछ घरों में सिर्फ बच्चे और महिलाएं हैं। बच्ची के साथ हुई वारदात को सभी गलत बता रहे हैं, लेकिन क्राइम ब्रांच की रिपोर्ट को भी कोई सही मानने को तैयार नहीं। इसके विरोध में गांव के ज्यादातर लोग भूख हड़ताल पर हैं। इनमें महिलाएं भी हैं और आरोपी सांझी राम की बेटी मधु भी शमिल है। अपने पिता को निर्दोष बताते हुए वह एक अलग ही कहानी बताती हैं। दोषियों को सजा मिले, बेकसूरों को नहीं...
- मधु कहती हैं- बच्ची लापता होने से चार दिन पहले उसके मौसा का भाई (बच्ची का चाचा) के साथ झगड़ा हुआ था और कुले को आग लगा दी गई।
- जब बच्ची लापता हुई थी तो पुलिस ने चाचा से पूछताछ की थी। बच्ची का शव मिलने के बाद से चाचा गायब है।
- मधु कहती हैं कि पूरा गांव उसके पिता और भाई के समर्थन में है। इसलिए वह भी भूख हड़ताल पर बैठे हैं।
- सालों से गांव में सभी मिलकर रह रहे थे। हमें दुख है कि बच्ची के साथ ऐसा हुआ। दोषियों को सजा मिले, बेकसूरों को नहीं।
- गांव में डेरे में रहने वाले मोहम्मद कालू बकरबाल बताते हैं कि वह लोग 40 साल से गांव में डेरा लगाते थे।
- कालू की पत्नी गुल जान कहती हैं कि गांव में आज तक कभी धर्म को लेकर कोई झगड़ा नहीं हुआ है। अब तो उनकी बेटी भी घर से बाहर जाने से डरती है। वह इंसाफ चाहते हैं।
देवस्थान पर तहखाना नहीं
- रसाना गांव में जो देवस्थान है उसमें कोई तहखाना नहीं है, उसके तीन दरवाजे हैं और सामने जंगल है।
- चार्जशीट में जिक्र किया गया है कि बच्ची को देवस्थान के तहखाने में रखा गया, पर देवस्थान सिर्फ एक ही कमरे का है और उसकी तीन चाबी है।
क्या था कठुआ रेप केस
- जम्मू-कश्मीर के कठुआ जिले में 10 जनवरी को अल्पसंख्यक समुदाय की एक 8 साल की बच्ची को अगवा किया गया। उसे रासना गांव के एक मंदिर में बंधक बनाकर गैंगरेप किया गया। बाद में उसकी गला घोंटकर हत्या कर दी गई। फिर पत्थर से सिर कुचल दिया गया। 17 जनवरी को उसका शव मिला था।
- 3 महीने बाद 10 अप्रैल को पुलिस ने 8 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की।
- चार्जशीट में कहा गया है कि सांझी राम ने बकरवाल समुदाय को इलाके से हटाने के लिए बच्ची से गैंगरेप और हत्या की साजिश रची थी।
- इस घटना को लेकर कांग्रेस लगातार मोदी से सवाल कर रही थी। कांग्रेस ने कहा था- देश का नारा बेटी छुपाओ था या बेटी बचाओ? राहुल गांधी ने भी गुरुवार रात ट्वीट कर लोगों से जुटने की अपील की। रात 12 बजे उन्होंने प्रियंका गांधी और कांग्रेस के बाकी नेताओं के साथ कैंडल मार्च निकाला। साढ़े पांच साल बाद निर्भया केस जैसा विरोध प्रदर्शन नजर आया।
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