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डाउनलोड करें- कठुआ में बकरवाल समुदाय की 8 साल की बच्ची से जनवरी में बंधक बनाकर कई दिनों तक गैंगरेप किया गया।
- मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने फास्ट ट्रैक कोर्ट में केस की सुनवाई के लिए हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस को लेटर लिखा है।
नई दिल्ली. जम्मू-कश्मीर के कठुआ कांड की गूंज संयुक्त राष्ट्र तक पहुंच चुकी है। संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने 8 साल की बच्ची के साथ बार-बार गैंगरेप के बाद हत्या किए जाने को भयावह घटना बताया। उन्होंने उम्मीद जताई कि प्रशासन इस जघन्य अपराध के दोषियों को उचित सजा देगा। गुटेरेस के प्रवक्ता स्टीफन दुजारिक ने कहा कि उन्होंने बकरवाल समुदाय की बच्ची के साथ दुष्कर्म की खबरें देखी हैं। उधर, मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने फास्ट ट्रैक कोर्ट में केस की सुनवाई के लिए हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस को लेटर लिखा है। मेहबूबा सरकार ने आरोपी पुलिसवालों को बर्खास्त करने का भी फैसला किया।
भाजपा के दोनों मंत्री सरकार से बाहर हुए
- दुष्कर्म आरोपियों के पक्ष में हुई रैली में रासना गांव गए भाजपा के दोनों मंत्री शनिवार को जम्मू-कश्मीर सरकार से बाहर हो गए। भाजपा ने इनके इस्तीफों को हरी झंडी देते हुए मंजूरी के लिए सीएम महबूबा मुफ्ती को भेज दिया।
- हालांकि, भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव राम माधव ने कहा कि मंत्री लाल सिंह और चंद्र प्रकाश गंगा प्रदर्शनकारियों को समझाने गए थे। यह गलत मतलब निकाला गया कि वह आरोपियों के समर्थन में गए थे। उन्होंने कहा कि इस मामले का भाजपा-पीडीपी गठबंधन पर कोई असर नहीं पड़ेगा।
बेटी को डॉक्टर बनाना चाहती थी: पीड़िता की मां
- वहीं, गर्मियां शुरू होते ही बकरवाल समुदाय ने सामान और जानवरों के साथ जम्मू छोड़कर कश्मीर का रुख कर लिया है। कठुआ में दुष्कर्म के बाद मारी गई बच्ची के माता-पिता भी समुदाय के लाेगों के साथ कश्मीर की तरफ बढ़ रहे हैं।
- बेटी की मौत का गम सीने पर लेकर चल रही मां कहती है, "वह इतनी सुंदर और होशियार थी। मैं उसे डॉक्टर बनाना चाहती थी। लेकिन मेरी अब सिर्फ एक ही इच्छा है कि बच्ची के दोषी फांसी के फंदे पर लटकाए जाएं। हम क्राइम ब्रांच की जांच से संतुष्ट हैं। सीबीआई जांच की जरूरत नहीं।'
संयुक्त राष्ट्र पहुंचा कठुआ केस
- बच्ची के दरिंदगी और हत्या का मामला शनिवार को संयुक्त राष्ट्र पहुंच गया। संयुक्त राष्ट्र प्रमुख एंटोनियो गुटेरेस ने इस घटना को भयावह करार देते हुए उम्मीद जताई है कि अधिकारी जल्द न्याय दिलाने में मदद करेंगे।
- उन्होंने कहा, "हम सबने मासूम के साथ दुष्कर्म और हत्या जैसी क्रूर घटना को खबरों में देखा। हम उम्मीद करते हैं कि अधिकारी अपराधियों को सजा देंगे, ताकि मासूम को न्याय मिल सके।"
क्या है मामला?
- कठुआ जिले के रासना गांव में अल्पसंख्यक बकरवाल समुदाय की 8 साल की बच्ची से जनवरी में बंधक बनाकर कई दिनों तक गैंगरेप किया गया। बाद में उसकी बेरहमी से हत्या कर दी।
- गांव में स्थित एक मंदिर के 60 साल का सेवादार सांझी राम समेत 8 लोग आरोपी हैं। सभी को गिरफ्तार किया जा चुका है।
- 10 अप्रैल को इस मामले में चार्जशीट दाखिल की गई। तब वकीलों ने पुलिस को चार्जशीट दाखिल करने से रोका। इसके बाद ही इस मामले ने तूल पकड़ा।
ये हैं 8 आरोपी?
- मंदिर का सेवादार सांझी राम, उसका बेटा विशाल, सांझी राम का भतीजा, सब-इंस्पेक्टर आनंद दत्ता, दो विशेष पुलिस अधिकारी दीपक खजूरिया और सुरेंद्र वर्मा, हेड कॉन्स्टेबल तिलक राज और स्थानीय नागरिक प्रवेश कुमार। इन सभी पर रेप, हत्या और अन्य धाराओं में केस दर्ज किया गया है। पुलिस ने सभी को गिरफ्तार कर लिया है।
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